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MP News: मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, 14 अप्रैल को 87 बंदियों की रिहाई, 7 को सजा में राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 07 Apr 2026 03:49 PM IST
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सार
मध्यप्रदेश में अंबेडकर जयंती के मौके पर 87 बंदियों को समय से पहले रिहा किया जाएगा। वहीं 7 अन्य बंदियों को उनकी सजा में विशेष छूट देने का फैसला लिया गया है। बता दें प्रदेश में अंबेडकर जयंती को सरकार पूरे प्रदेश में कार्यक्रम करने जा रही है। इसके तहत 8 से 14 अप्रैल तक हर जिले मे समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसका राज्य स्तरीय कार्यक्रम भिंड जिले में होगा।
वल्लभ भवन, भोपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रदेश में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को लेकर सरकार बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इसके तहत 8 से 14 अप्रैल तक सभी जिलों में विभिन्न समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस श्रृंखला का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम भिंड जिले में आयोजित होगा। इससे पहले मध्यप्रदेश सरकार के गृह विभाग ने बंदियों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) के अवसर पर 87 आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदियों को समय से पहले रिहा किया जाएगा। वहीं, 7 अन्य बंदियों को उनकी सजा में विशेष छूट देने का निर्णय लिया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, अच्छे आचरण वाले बंदियों को वर्ष में पांच महत्वपूर्ण अवसरों पर सजा में छूट या समयपूर्व रिहाई दी जाती है। इनमें 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस), 14 अप्रैल (अंबेडकर जयंती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (महात्मा गांधी जयंती) और 15 नवंबर (राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस) शामिल हैं।
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अच्छे व्यवहार को मिलता है प्रोत्साहन
सरकार का मानना है कि इस तरह की रियायत से बंदियों में अच्छा व्यवहार बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। इससे जेलों में अनुशासन बना रहता है और प्रशासनिक व्यवस्था भी बेहतर होती है।
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पुनर्वास और भीड़ कम करने में मदद
इससे पहले 26 जनवरी 2026 को भी 94 बंदियों को इसी तरह राहत दी गई थी। सरकार का कहना है कि समयपूर्व रिहाई से बंदियों को समाज में दोबारा बसने में आसानी होती है और जेलों में भीड़ कम करने में भी मदद मिलती है। साथ ही इससे जेलों में ओवरक्राउडिंग में भी कमी आती है।
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अच्छे व्यवहार को मिलता है प्रोत्साहन
सरकार का मानना है कि इस तरह की रियायत से बंदियों में अच्छा व्यवहार बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। इससे जेलों में अनुशासन बना रहता है और प्रशासनिक व्यवस्था भी बेहतर होती है।
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पुनर्वास और भीड़ कम करने में मदद
इससे पहले 26 जनवरी 2026 को भी 94 बंदियों को इसी तरह राहत दी गई थी। सरकार का कहना है कि समयपूर्व रिहाई से बंदियों को समाज में दोबारा बसने में आसानी होती है और जेलों में भीड़ कम करने में भी मदद मिलती है। साथ ही इससे जेलों में ओवरक्राउडिंग में भी कमी आती है।

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