{"_id":"69ed760a37ea241e3900799b","slug":"mppsc-exam-today-strict-surveillance-at-365-centers-three-layer-security-for-the-first-time-no-entry-for-la-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"MPPSC Prelims Exam 2026: सिलेबस के भीतर रहा पेपर, नेगेटिव मार्किंग से तुक्कों पर लगा ब्रेक, रही सख्त निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MPPSC Prelims Exam 2026: सिलेबस के भीतर रहा पेपर, नेगेटिव मार्किंग से तुक्कों पर लगा ब्रेक, रही सख्त निगरानी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 26 Apr 2026 07:53 AM IST
विज्ञापन
सार
MPPSC Prelims Exam 2026 Today: MPPSC प्रीलिम्स 2026 का पेपर आसान से मध्यम स्तर का रहा, ज्यादातर सवाल सिलेबस के भीतर से आए। नेगेटिव मार्किंग के कारण अभ्यर्थियों ने सोच-समझकर ही प्रश्न हल किए, जबकि करंट अफेयर्स और मध्यप्रदेश से जुड़े टॉपिक्स का दबदबा रहा।
परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 रविवार को प्रदेशभर के 365 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। राजधानी भोपाल में 21 केंद्रों पर परीक्षा हुई, जहां करीब 7,500 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। पहली पाली सुबह 10 बजे शुरू हुई, लेकिन सख्त सुरक्षा व्यवस्था के चलते अभ्यर्थियों को 90 मिनट पहले ही रिपोर्टिंग के लिए बुलाया गया।
थ्री लेयर सिक्योरिटी और एआई निगरानी
इस बार परीक्षा में पहली बार त्रिस्तरीय जांच प्रणाली लागू की गई। अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले फिजिकल चेकिंग, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से जांच से गुजरना पड़ा। पूरी प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग किया गया। एक अभ्यर्थी की जांच में 5 से 7 मिनट का समय लगने के कारण केंद्रों के गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही बंद कर दिए गए।
जूते-मोजे तक उतरवाए गए
परीक्षा केंद्रों पर सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभ्यर्थियों से अंगूठी, चेन, बेल्ट, यहां तक कि कई जगह जूते-मोजे भी उतरवाए गए। केवल बॉलपेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-एडमिट कार्ड और पहचान पत्र ले जाने की अनुमति दी गई। सुरक्षा के लिए केंद्रों पर पुलिस बल भी तैनात रहा।
आसान से मध्यम, सिलेबस आधारित प्रश्न
अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार का पेपर सिलेबस के दायरे में रहा और स्तर आसान से मध्यम रहा। भोपाल की छात्र संजय राय ने बताया कि प्रश्न पिछले वर्षों के पैटर्न पर आधारित थे और अधिकांश सवाल सीधे सिलेबस से पूछे गए। अभ्यर्थियों के मुताबिक करंट अफेयर्स, खासकर मध्यप्रदेश और राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े प्रश्नों की संख्या अधिक रही। उद्योग और पर्यटन से जुड़े सवाल भी प्रमुख रहे।
यह भी पढ़ें-तेज गर्मी से बेहाल एमपी, 22 जिलों में हीट वेव का अलर्ट, महीने के अंत में बारिश के संकेत
इन टॉपिक्स से पूछे गए सवाल
- आर्थिक सर्वेक्षण
- सतत विकास लक्ष्य (SDGs)
- मध्यप्रदेश के ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट)
- जनगणना
- इतिहास (सम्राट अशोक के अभिलेख)
यह भी पढ़ें-भीषण गर्मी से बढ़ीं बीमारियां, जेपी अस्पताल में जरूरी दवाओं की कमी, मरीज बाहर खरीदने को मजबूर
नेगेटिव मार्किंग का असर साफ दिखा
इस बार नेगेटिव मार्किंग ने अभ्यर्थियों की रणनीति बदल दी। छात्रों ने बताया कि तुक्के लगाने की गुंजाइश कम रही और ज्यादातर अभ्यर्थियों ने केवल वही सवाल हल किए जिनमें उन्हें पूरा भरोसा था। पेपर संतुलित, सिलेबस आधारित और आसान से मध्यम स्तर का रहा। करंट अफेयर्स और मध्यप्रदेश से जुड़े प्रश्नों ने पेपर में अहम भूमिका निभाई, जबकि नेगेटिव मार्किंग ने परीक्षा को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया।
Trending Videos
थ्री लेयर सिक्योरिटी और एआई निगरानी
इस बार परीक्षा में पहली बार त्रिस्तरीय जांच प्रणाली लागू की गई। अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले फिजिकल चेकिंग, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से जांच से गुजरना पड़ा। पूरी प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग किया गया। एक अभ्यर्थी की जांच में 5 से 7 मिनट का समय लगने के कारण केंद्रों के गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही बंद कर दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जूते-मोजे तक उतरवाए गए
परीक्षा केंद्रों पर सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभ्यर्थियों से अंगूठी, चेन, बेल्ट, यहां तक कि कई जगह जूते-मोजे भी उतरवाए गए। केवल बॉलपेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-एडमिट कार्ड और पहचान पत्र ले जाने की अनुमति दी गई। सुरक्षा के लिए केंद्रों पर पुलिस बल भी तैनात रहा।
आसान से मध्यम, सिलेबस आधारित प्रश्न
अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार का पेपर सिलेबस के दायरे में रहा और स्तर आसान से मध्यम रहा। भोपाल की छात्र संजय राय ने बताया कि प्रश्न पिछले वर्षों के पैटर्न पर आधारित थे और अधिकांश सवाल सीधे सिलेबस से पूछे गए। अभ्यर्थियों के मुताबिक करंट अफेयर्स, खासकर मध्यप्रदेश और राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े प्रश्नों की संख्या अधिक रही। उद्योग और पर्यटन से जुड़े सवाल भी प्रमुख रहे।
यह भी पढ़ें-तेज गर्मी से बेहाल एमपी, 22 जिलों में हीट वेव का अलर्ट, महीने के अंत में बारिश के संकेत
इन टॉपिक्स से पूछे गए सवाल
- आर्थिक सर्वेक्षण
- सतत विकास लक्ष्य (SDGs)
- मध्यप्रदेश के ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट)
- जनगणना
- इतिहास (सम्राट अशोक के अभिलेख)
यह भी पढ़ें-भीषण गर्मी से बढ़ीं बीमारियां, जेपी अस्पताल में जरूरी दवाओं की कमी, मरीज बाहर खरीदने को मजबूर
नेगेटिव मार्किंग का असर साफ दिखा
इस बार नेगेटिव मार्किंग ने अभ्यर्थियों की रणनीति बदल दी। छात्रों ने बताया कि तुक्के लगाने की गुंजाइश कम रही और ज्यादातर अभ्यर्थियों ने केवल वही सवाल हल किए जिनमें उन्हें पूरा भरोसा था। पेपर संतुलित, सिलेबस आधारित और आसान से मध्यम स्तर का रहा। करंट अफेयर्स और मध्यप्रदेश से जुड़े प्रश्नों ने पेपर में अहम भूमिका निभाई, जबकि नेगेटिव मार्किंग ने परीक्षा को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया।

कमेंट
कमेंट X