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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े: MP में कई शहरों में पेट्रोल 115 रुपये पार, डीजल ने छुआ 100 का आंकड़ा; विपक्ष ने घेरा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 25 May 2026 08:43 AM IST
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सार
मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम 11 दिन में चौथी बार बढ़ाए गए हैं। नई बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में पेट्रोल 115 रुपये और डीजल 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार महंगाई रोकने के बजाय पूरा बोझ जनता पर डाल रही है। चलिए जानते हैं इस महीने कब-कब, कितने दाम बढ़े हैं?
पेट्रोल पंप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेल कंपनियों ने 25 मई को फिर ईंधन के दाम बढ़ा दिए। पेट्रोल में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल 115 रुपये के करीब पहुंच गया, जबकि डीजल 100 रुपये के पार निकल गया है। भोपाल में अब पेट्रोल 114.65 रुपये और डीजल 99.74 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे महंगा हो गया है, जहां पेट्रोल 115.03 रुपए और डीजल 100.11 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया। इंदौर में पेट्रोल 114.54 रुपए और डीजल 99.57 रुपए हो गया है। जबलपुर और ग्वालियर में भी तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
11 दिन में चौथी बार बढ़े दाम
मई महीने में यह चौथी बार है जब तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई हैं। 15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी के बाद अब तक पेट्रोल-डीजल करीब 8 रुपए प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।
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इस महीने कब-कब बढ़े रेट
15 मई - करीब 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी
19 मई - लगभग 90 पैसे की बढ़ोतरी
23 मई - 87 से 91 पैसे तक इजाफा
25 मई - फिर करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी
बढ़ेगा मालभाड़ा, महंगी होंगी रोजमर्रा की चीजें
डीजल महंगा होने का सीधा असर परिवहन पर पड़ेगा। ट्रक और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से सब्जियां, फल, राशन और दूसरे जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। स्कूल बस, ऑटो और सार्वजनिक परिवहन का किराया भी बढ़ने के संकेत हैं। खेती-किसानी पर भी असर पड़ेगा। ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च बढ़ने से किसानों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर अनाज और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतें बनी वजह
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया जा रहा है। ईरान-अमेरिका तनाव के बाद क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण दाम बढ़ाना जरूरी हो गया था।
यह भी पढ़ें-जल संरक्षण बने जन आंदोलन, तभी सुरक्षित होगा भविष्य
कमलनाथ ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार महंगाई रोकने के बजाय पूरा बोझ जनता पर डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कच्चे तेल के दाम कम थे तब जनता को राहत नहीं दी गई और अब लगातार कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे महंगा हो गया है, जहां पेट्रोल 115.03 रुपए और डीजल 100.11 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया। इंदौर में पेट्रोल 114.54 रुपए और डीजल 99.57 रुपए हो गया है। जबलपुर और ग्वालियर में भी तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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11 दिन में चौथी बार बढ़े दाम
मई महीने में यह चौथी बार है जब तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ाई हैं। 15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी के बाद अब तक पेट्रोल-डीजल करीब 8 रुपए प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।
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15 मई - करीब 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ोतरी
19 मई - लगभग 90 पैसे की बढ़ोतरी
23 मई - 87 से 91 पैसे तक इजाफा
25 मई - फिर करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी
बढ़ेगा मालभाड़ा, महंगी होंगी रोजमर्रा की चीजें
डीजल महंगा होने का सीधा असर परिवहन पर पड़ेगा। ट्रक और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से सब्जियां, फल, राशन और दूसरे जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। स्कूल बस, ऑटो और सार्वजनिक परिवहन का किराया भी बढ़ने के संकेत हैं। खेती-किसानी पर भी असर पड़ेगा। ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च बढ़ने से किसानों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर अनाज और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतें बनी वजह
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया जा रहा है। ईरान-अमेरिका तनाव के बाद क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण दाम बढ़ाना जरूरी हो गया था।
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कमलनाथ ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार महंगाई रोकने के बजाय पूरा बोझ जनता पर डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कच्चे तेल के दाम कम थे तब जनता को राहत नहीं दी गई और अब लगातार कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।

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