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प्लास्टिक सर्जरी दिवस: हमीदिया में दो जटिल ऑपरेशन सफल, नुक्कड़ नाटक से बताया नया जीवन देने वाली सर्जरी
Wed, 15 Jul 2026 08:38 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 15 Jul 2026 08:38 PM IST
सार
प्लास्टिक सर्जरी दिवस पर हमीदिया अस्पताल में दो जटिल पुनर्निर्माण शल्यक्रियाएं सफल रहीं। एक महिला को गंभीर बीमारी से राहत मिली, जबकि 14 वर्षीय किशोरी का गर्भाशय बचाकर भविष्य में मां बनने की संभावना सुरक्षित की गई।
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डॉक्टरों की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में चिकित्सा सेवा और जनजागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता एन. सिंह ने दो जटिल रिकंस्ट्रक्टिव प्लास्टिक सर्जरी सफलतापूर्वक कर मरीजों को नई जिंदगी दी, वहीं दूसरी ओर बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को प्लास्टिक सर्जरी के वास्तविक महत्व से अवगत कराया। डॉ. कविता एन. सिंह ने प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच दो गंभीर मामलों का सफल ऑपरेशन किया। पहले मामले में दमोह की एक महिला प्रसव के बाद रेक्टोवैजाइनल फिस्टुला जैसी जटिल समस्या से पीड़ित थी। कई जगह इलाज कराने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली थी। हमीदिया अस्पताल में डॉ. सिंह ने उसकी रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की, जिसके बाद वह सामान्य जीवन जीने की स्थिति में पहुंच गई।
निजी अस्पताल में गर्भाशय निकालने की दी थी सलाह
दूसरे मामले में 14 वर्षीय किशोरी प्राथमिक अमेनोरिया (मासिक धर्म शुरू न होने) की समस्या लेकर अस्पताल पहुंची। जांच में गर्भाशय में रक्त जमा होने की स्थिति सामने आई। परिजनों को निजी अस्पताल में गर्भाशय निकालने की सलाह दी गई थी, जिससे भविष्य में मां बनने की संभावना खत्म हो सकती थी। हमीदिया अस्पताल में डॉ. कविता सिंह ने जटिल पुनर्निर्माण शल्यक्रिया कर समस्या का समाधान किया और किशोरी के भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
प्लास्टिक सर्जरी केवल सौंदर्य बढ़ाने तक सीमित नहीं
इधर, बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण भटनागर के नेतृत्व में प्लास्टिक सर्जरी दिवस पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। एमबीबीएस विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बताया कि प्लास्टिक सर्जरी केवल सौंदर्य बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जलने से प्रभावित मरीजों, जन्मजात विकृतियों, दुर्घटनाओं में घायल लोगों और कैंसर के बाद शरीर के पुनर्निर्माण में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आनंद गौतम, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हरिशंकर सिंह सहित विभाग के चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने भाग लिया। इस दौरान प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा के जनक आचार्य सुश्रुत को श्रद्धांजलि भी दी गई।
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यह भी पढ़ें-दिग्विजय पर कार्रवाई क्यों नहीं: सिर्फ मुझे नोटिस क्यों? निधि ने कांग्रेस संगठन को घेरा, 7 दिन का अल्टीमेटम
समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि हमीदिया अस्पताल का बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग वर्ष 2003 से लगातार सेवाएं दे रहा है। वर्तमान में यहां बर्न यूनिट, स्किन बैंक, आधुनिक ऑपरेशन सुविधाएं और एमसीएच पाठ्यक्रम के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विशेषज्ञों ने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी दिवस का उद्देश्य समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को इस जीवनरक्षक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करना है।
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निजी अस्पताल में गर्भाशय निकालने की दी थी सलाह
दूसरे मामले में 14 वर्षीय किशोरी प्राथमिक अमेनोरिया (मासिक धर्म शुरू न होने) की समस्या लेकर अस्पताल पहुंची। जांच में गर्भाशय में रक्त जमा होने की स्थिति सामने आई। परिजनों को निजी अस्पताल में गर्भाशय निकालने की सलाह दी गई थी, जिससे भविष्य में मां बनने की संभावना खत्म हो सकती थी। हमीदिया अस्पताल में डॉ. कविता सिंह ने जटिल पुनर्निर्माण शल्यक्रिया कर समस्या का समाधान किया और किशोरी के भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
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प्लास्टिक सर्जरी केवल सौंदर्य बढ़ाने तक सीमित नहीं
इधर, बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण भटनागर के नेतृत्व में प्लास्टिक सर्जरी दिवस पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। एमबीबीएस विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बताया कि प्लास्टिक सर्जरी केवल सौंदर्य बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जलने से प्रभावित मरीजों, जन्मजात विकृतियों, दुर्घटनाओं में घायल लोगों और कैंसर के बाद शरीर के पुनर्निर्माण में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आनंद गौतम, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हरिशंकर सिंह सहित विभाग के चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने भाग लिया। इस दौरान प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा के जनक आचार्य सुश्रुत को श्रद्धांजलि भी दी गई।
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समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि हमीदिया अस्पताल का बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग वर्ष 2003 से लगातार सेवाएं दे रहा है। वर्तमान में यहां बर्न यूनिट, स्किन बैंक, आधुनिक ऑपरेशन सुविधाएं और एमसीएच पाठ्यक्रम के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विशेषज्ञों ने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी दिवस का उद्देश्य समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को इस जीवनरक्षक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करना है।
