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MP: पूर्व सांसद केपी यादव को सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन की कमान, रामनिवास रावत बने वन विकास निगम के अध्यक्ष
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sat, 25 Apr 2026 11:28 PM IST
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सार
मध्य प्रदेश सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज करते हुए पूर्व सांसद केपी यादव को सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन, रामनिवास रावत को वन विकास निगम लिमिटेड का अध्यक्ष और संजय नगाईच को वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया है। बता दें केपी यादव ने 2019 में गुना लोकसभा सीट पर ज्योतिरादित्या सिंधिया को चुनाव हराया था। वहीं, रावत कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के बाद रावत को वन मंत्री बनाया गया था, लेकिन वह उपचुनाव हार गए।
केपी यादव और रामनिवास रावत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में लंबित राजनीतिक नियुक्तियों का दौर अब तेजी पकड़ता दिख रहा है। राज्य सरकार ने शनिवार को दो अहम निगमों में नई नियुक्तियों के आदेश जारी करते हुए पूर्व सांसद केपी यादव को मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि संजय नगाईच को मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन की कमान सौंपी गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार के.पी. यादव को निगम के संचालक मंडल में शामिल करते हुए अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से दो वर्ष या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। वहीं, कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले राम निवास रावत को वन विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा केशव भदौरिया महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष और संजय कांकर को नागरिक आपूर्ति निगम में सहायक संचालक नियुक्त किया गया।
बता दें 2019 लोकसभा चुनाव में केपी यादव ने गुना सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। बाद में सिंधिया के भाजपा में आने के बाद दोनों के रिश्तों में राजनीतिक बदलाव आया। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने गुना सीट से केपी यादव का टिकट काट कर सिंधिया को उम्मीदवार बनाया। पार्टी के फैसले के बाद केपी यादव ने सार्वजनिक विरोध से दूरी बनाई और सिंधिया के समर्थन में सक्रिय नजर आए। अब उन्हें मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सियासी गलियारों में चर्चा है कि यह उनके पार्टी अनुशासन का “रिटर्न” है। वहीं, संजय नगाईच को वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन एक्ट-1962 के प्रावधानों के तहत अध्यक्ष बनाया गया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष या आगामी आदेश तक रहेगा। इन नियुक्तियों को सरकार द्वारा राजनीतिक और संगठनात्मक संतुलन साधने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, वन विभाग की तरफ से जारी आदेश में पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड भोपाल के संचालक मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। रावत लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए थे, उनको वन मंत्री बनाया गया था। विजयपुर सीट पर हुए उपचुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उनको पद छोड़ना पड़ा। हाल ही विजयपुर सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को हाईकोर्ट ने शून्य कर दिया। इसके बाद मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है, जहां से उनको रावत मिली। हालांकि वह विधायक की कोई सुविधा का लाभ नहीं ले सकेंगे। अब इस मामले में 23 जुलाई को अगली सुनवाई है।
ये भी पढ़ें- भोपाल होटल कांड: पूर्व महिला कर्मचारी ने रची साजिश, रिसेप्शनिस्ट का बेटे और दोस्त से कराया दुष्कर्म; गिरफ्तार
इनके आदेश जारी हुए
सरकार ने हाल ही में कैलाश जाटव को मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया था, जबकि रामलाल रौतेल को अनुसूचित जनजाति आयोग की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा केशव सिंह बघेल को राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम, अशोक जादौन को ग्वालियर मेला प्राधिकरण का अध्यक्ष, उदयवीर सिंह गुर्जर को उपाध्यक्ष और महेश केवट को मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सरकार ने दो दर्जन निगम-मंडल और आयोग के लिए नाम तय कर दिए है। जिसके बाद अब विभाग की तरफ से आदेश जारी किए जा रहे है।
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इन नामों की चर्चा, अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद
जिन नामों की चर्चा है उनमें देवास विकास प्राधिकरण के लिए बहादुर सिंह मुकाती, जबलपुर के लिए संदीप जैन, ग्वालियर के लिए मधुसूदन भदौरिया, उज्जैन के लिए रवि सोलंकी और रतलाम के लिए मनोज पोरवाल के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। कटनी विकास प्राधिकरण के लिए शशांक श्रीवास्तव, ओरछा विकास प्राधिकरण के लिए अखिलेश अयाची और विंध्य विकास प्राधिकरण के लिए पंचूलाल प्रजापति के नाम भी चर्चा में हैं। ग्वालियर विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। यहां सुधीर गुप्ता और वेदप्रकाश शिवहरे के नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद ही होगा।
भोपाल-इंदौर प्राधिकरण के नाम को लेकर मंथन
विकास प्राधिकरणों के अलावा निगम-मंडलों में भी नियुक्तियों के नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही है। हालांकि भोपाल विकास प्राधिकरण और इंदौर विकास प्राधिकरण को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है। इन दोनों बड़े प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर शीर्ष स्तर पर मंथन जारी है। माना जा रहा है कि इन नामों पर सहमति बनने के बाद एक साथ पूरी सूची जारी की जा सकती है
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बता दें 2019 लोकसभा चुनाव में केपी यादव ने गुना सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। बाद में सिंधिया के भाजपा में आने के बाद दोनों के रिश्तों में राजनीतिक बदलाव आया। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने गुना सीट से केपी यादव का टिकट काट कर सिंधिया को उम्मीदवार बनाया। पार्टी के फैसले के बाद केपी यादव ने सार्वजनिक विरोध से दूरी बनाई और सिंधिया के समर्थन में सक्रिय नजर आए। अब उन्हें मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सियासी गलियारों में चर्चा है कि यह उनके पार्टी अनुशासन का “रिटर्न” है। वहीं, संजय नगाईच को वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन एक्ट-1962 के प्रावधानों के तहत अध्यक्ष बनाया गया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष या आगामी आदेश तक रहेगा। इन नियुक्तियों को सरकार द्वारा राजनीतिक और संगठनात्मक संतुलन साधने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
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वहीं, वन विभाग की तरफ से जारी आदेश में पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड भोपाल के संचालक मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है। रावत लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए थे, उनको वन मंत्री बनाया गया था। विजयपुर सीट पर हुए उपचुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उनको पद छोड़ना पड़ा। हाल ही विजयपुर सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को हाईकोर्ट ने शून्य कर दिया। इसके बाद मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है, जहां से उनको रावत मिली। हालांकि वह विधायक की कोई सुविधा का लाभ नहीं ले सकेंगे। अब इस मामले में 23 जुलाई को अगली सुनवाई है।
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इनके आदेश जारी हुए
सरकार ने हाल ही में कैलाश जाटव को मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया था, जबकि रामलाल रौतेल को अनुसूचित जनजाति आयोग की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा केशव सिंह बघेल को राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम, अशोक जादौन को ग्वालियर मेला प्राधिकरण का अध्यक्ष, उदयवीर सिंह गुर्जर को उपाध्यक्ष और महेश केवट को मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सरकार ने दो दर्जन निगम-मंडल और आयोग के लिए नाम तय कर दिए है। जिसके बाद अब विभाग की तरफ से आदेश जारी किए जा रहे है।
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इन नामों की चर्चा, अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद
जिन नामों की चर्चा है उनमें देवास विकास प्राधिकरण के लिए बहादुर सिंह मुकाती, जबलपुर के लिए संदीप जैन, ग्वालियर के लिए मधुसूदन भदौरिया, उज्जैन के लिए रवि सोलंकी और रतलाम के लिए मनोज पोरवाल के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। कटनी विकास प्राधिकरण के लिए शशांक श्रीवास्तव, ओरछा विकास प्राधिकरण के लिए अखिलेश अयाची और विंध्य विकास प्राधिकरण के लिए पंचूलाल प्रजापति के नाम भी चर्चा में हैं। ग्वालियर विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। यहां सुधीर गुप्ता और वेदप्रकाश शिवहरे के नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद ही होगा।
भोपाल-इंदौर प्राधिकरण के नाम को लेकर मंथन
विकास प्राधिकरणों के अलावा निगम-मंडलों में भी नियुक्तियों के नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही है। हालांकि भोपाल विकास प्राधिकरण और इंदौर विकास प्राधिकरण को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है। इन दोनों बड़े प्राधिकरणों में नियुक्तियों को लेकर शीर्ष स्तर पर मंथन जारी है। माना जा रहा है कि इन नामों पर सहमति बनने के बाद एक साथ पूरी सूची जारी की जा सकती है

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