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भोपाल में PWD इंजीनियरिंग का नया कारनामा: रोड के बीचों-बीच छोड़ा पेड़, हादसे के डर में रहवासी, कर रहे शिकायत

Mon, 13 Jul 2026 09:24 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 13 Jul 2026 09:24 AM IST
सार

भोपाल में लोक निर्माण विभाग की इंजीनियरिंग का एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भेल नगर में 80 फीट चौड़ी सीमेंट-कांक्रीट सड़क के बीचों-बीच विशाल आम का पेड़ छोड़ दिया गया। रात में हादसे की आशंका से परेशान रहवासी पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों से लेकर नगर निगम आयुक्त और मंत्री तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन खतरा अब भी सड़क के बीच खड़ा है।

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PWD's latest blunder in Bhopal: Tree left standing right in the middle of the road; residents fear accidents a
रोड के बीचों-बीच छोड़ा गया पेड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में 90 डिग्री मोड़ वाले पुल और दीवार के अंदर सार्वजनिक शौचालय के बाद अब लोक निर्माण विभाग की इंजीनियरिंग का नया कारनामा सामने आया है। इस बार विभाग ने सड़क तो बना दी, लेकिन उसके बीच खड़े पेड़ को लेकर कोई समाधान नहीं निकाला। नतीजा यह है कि नई सड़क पर पेड़ वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बन गया है। मामला भोपाल के वार्ड 64 स्थित भेल नगर कॉलोनी का है। यहां लोक निर्माण विभाग 80 फीट चौड़ी सीमेंट-कांक्रीट सड़क का निर्माण करा रहा है। मकान नंबर 43/ए के सामने सड़क के ठीक बीच एक बड़ा आम का पेड़ है। निर्माण से पहले पेड़ को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने या संबंधित विभाग से समन्वय कर समाधान निकालने के बजाय ठेकेदार ने पेड़ के दोनों तरफ कांक्रीट बिछा दी।
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रोड के बीच पेड़, रात में सबसे ज्यादा खतरा
रहवासियों के मुताबिक सड़क के बीच पेड़ होने से वाहन चालकों को अचानक रास्ता बदलना पड़ता है। बड़ी गाड़ियों और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही में भी परेशानी हो रही है। रात के समय खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं है। पेड़ के तने पर न रिफ्लेक्टर लगाया गया है और न कोई चेतावनी संकेत। ऐसे में इस रास्ते से अनजान दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक सीधे पेड़ से टकरा सकते हैं।
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हादसे के डर से विभाग-दर-विभाग घूम रहे रहवासी
संभावित हादसे को लेकर भेल नगर के रहवासी अब अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं। स्थानीय निवासी तेज सिंह ठाकुर की अगुवाई में लोगों ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों और मौके पर काम कर रहे ठेकेदार से शिकायत की। इसके बाद क्षेत्रीय पार्षद और नगर निगम आयुक्त को भी लिखित आवेदन दिया गया। रहवासियों का दावा है कि स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री कृष्णा गौर तक समस्या पहुंचाई गई, लेकिन अब तक सड़क के बीच खड़े पेड़ को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं निकला।


शिकायतें होती रहीं, ठेकेदार ने दोनों तरफ बिछा दी कांक्रीट
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान ही अधिकारियों को खतरे की जानकारी दे दी गई थी। इसके बावजूद काम नहीं रोका गया। ठेकेदार ने पेड़ के दोनों ओर सीमेंट-कांक्रीट सड़क तैयार कर दी। रहवासियों का कहना है कि वे हरे पेड़ को काटने की मांग नहीं कर रहे। उनकी मांग है कि तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया के तहत पेड़ को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि पेड़ भी बचे और सड़क पर लोगों की जान भी खतरे में न पड़े।

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रहवासियों का सवाल- हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
भेल नगर के लोगों का कहना है कि सड़क बनने के बाद वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी। ऐसे में बीच सड़क पर खड़ा पेड़ कभी भी गंभीर हादसे की वजह बन सकता है। रहवासी सवाल उठा रहे हैं कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? यदि सड़क पर कोई बड़ा हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी, निर्माण एजेंसी या किसी अन्य विभाग में से कौन लेगा?

 
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