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MP विधानसभा का विशेष सत्र कल: नारी शक्ति के सशक्तिकरण पर होगी चर्चा, भाजपा-कांग्रेस दोनों की रणनीति तैयार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 26 Apr 2026 09:12 AM IST
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सार
मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में 27 अप्रैल को महिला आरक्षण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर अहम चर्चा होगी। इस मुद्दे पर भाजपा अपनी उपलब्धियां गिनाएगी, जबकि कांग्रेस सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगी।
मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा के 27 अप्रैल को प्रस्तावित विशेष सत्र में पहली बार संसद से पारित ना होने वाले बिल पर चर्चा होगी। इस सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विस्तृत चर्चा होने जा रही है। महिला आरक्षण और महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है, जिससे सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार इस विशेष सत्र के जरिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को प्रमुखता से सामने रखेगी और महिला सशक्तिकरण को लेकर चर्चा करेगी। वहीं, कांग्रेस 2023 में पारित महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सदन में संकल्प पत्र ला सकती हैं।
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बता दें केंद्र सरकार का सदन में महिला आरक्षण से जुड़ा लाया गया 131वां संविधान संशोधन बिल सदन में पारित नहीं हो सका। इसके बाद मध्य प्रदेश समेत देश में नारी शक्ति को लेकर सियासत गरमा गई। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस समेत विपक्ष को नारी शक्ति का विरोधी बताते हुए आरक्षण लागू नहीं करने की बात कहीं। वहीं, कांग्रेस समेत विपक्ष ने भाजपा पर महिला आरक्षण को लेकर जनता को गुमराह करने और चुनाव में फायदा उठाने का आरोप लगाया। इसको लेकर भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के आरक्षण का बिल पारित नहीं होने को लेकर अभियान के तहत जनता तक बात पहुंचाई जा रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में भी एक दिवसीय विधानसभा का सत्र बुलाया गया है, जिसमें महिला आरक्षण पर चर्चा होगी। विशेष सत्र को देखते हुए दोनों दलों ने अपने विधायकों को सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील और बड़े मुद्दे पर विधानसभा में होने वाली यह चर्चा आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है
ये भी पढ़ें- MP News: लोधी सम्मेलन में साथ दिखेंगे उमा भारती और प्रहलाद पटेल, शौर्य यात्रा से सियासी संदेश की तैयारी
भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
इसमें भाजपा की महिला विधायक और महिला मंत्री सदन में सरकार की योजनाओं, स्थानीय निकायों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और सशक्तिकरण से जुड़े फैसलों को प्रमुखता से रखेंगी। वहीं कांग्रेस भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। पार्टी की महिला विधायक यह सवाल उठा सकती हैं कि संसद से कानून पारित होने के बावजूद इसका लाभ महिलाओं को तत्काल क्यों नहीं मिल रहा है। साथ ही परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने तक आरक्षण लागू नहीं होने के मुद्दे को भी विपक्ष जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।
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जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार इस विशेष सत्र के जरिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को प्रमुखता से सामने रखेगी और महिला सशक्तिकरण को लेकर चर्चा करेगी। वहीं, कांग्रेस 2023 में पारित महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सदन में संकल्प पत्र ला सकती हैं।
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