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चार साल बाद भी पूरी नहीं हुई शिक्षक भर्ती: 2022 के चयनित शिक्षक सड़कों पर, 8 महीने से जॉइनिंग का इंतजार
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 01 Apr 2026 05:39 PM IST
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सार
करीब चार साल से लंबित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया और परिणाम जारी होने के बाद भी 8 महीने से जॉइनिंग नहीं मिलने से नाराज 2022 चयनित अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बावजूद नियुक्ति न मिलने और गेस्ट फैकल्टी भर्ती पर सवाल उठाते हुए उन्होंने सरकार से जल्द जॉइनिंग और स्कूल आवंटन की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2022 के चयनित अभ्यर्थियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। करीब चार साल से चल रही भर्ती प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो पाई है, जिसके चलते चयनित शिक्षक राजधानी भोपाल में एक बार फिर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगे रखीं।
चार साल में भी नहीं मिली नियुक्ति
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत सत्र 2021-22 में हुई थी, जिसके बाद प्री परीक्षा, मुख्य परीक्षा, रिजल्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जैसे सभी चरण पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती 2024 में किसी भी प्रकार का कोर्ट स्टे नहीं है, इसके बावजूद प्रक्रिया में देरी समझ से परे है।
8 महीने से अटकी जॉइनिंग
25 सितंबर को परिणाम जारी होने के बाद से करीब आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन जॉइनिंग को लेकर कोई स्पष्ट आदेश नहीं आया है। इससे अभ्यर्थियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है, लेकिन चयनित शिक्षकों को नियुक्ति देने के बजाय गेस्ट फैकल्टी की भर्ती की जा रही है। इसे लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल खड़े किए हैं। नियुक्ति में देरी से परेशान अभ्यर्थी पांचवीं बार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार आवाज उठाने के बावजूद सरकार और विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मानसिक और आर्थिक संकट गहराया
लंबे इंतजार के कारण अभ्यर्थियों को आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि वे गंभीर दबाव में हैं और भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार और DPI से जल्द से जल्द जॉइनिंग देने और स्कूल आवंटन की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
यह भी पढ़ें-हिंदू संगठन सड़कों पर उतरे,उग्र प्रदर्शन,किया चक्का जाम, पुलिस ने किया लाठी चार्ज
चयनित अभ्यर्थियों को मिला अश्वासन
13 नवंबर 2025 को प्रतिनिधिमंडल ने विभाग से संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ
30 जनवरी 2026 को कोर्ट केस का हवाला दिया गया
16 फरवरी 2026 को 6 माह से 1 वर्ष तक का समय और लगने की बात कही गई
26 फरवरी को मार्च में चॉइस फिलिंग का आश्वासन दिया गया, लेकिन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई
2 मार्च को TRC पोर्टल पर सिर्फ सूचना डाली गई
17 मार्च को फिर 7-10 दिन में सूची जारी करने की बात कही गई
इसके बावजूद मार्च समाप्त होने तक न पात्र-अपात्र सूची जारी हुई और न ही चॉइस फिलिंग शुरू हो पाई।
यह भी पढ़ें-MP में अप्रैल की शुरुआत आंधी-बारिश और बादलों से,फिर तपेगा प्रदेश, 15 अप्रैल के बाद चलेगी लू
10,700 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में
करीब 10,700 चयनित अभ्यर्थियों ने दो-दो परीक्षाएं पास कर यह मुकाम हासिल किया है, लेकिन नियुक्ति नहीं मिलने से उनका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। लंबे इंतजार से वे मानसिक और आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि वे किसी प्रकार का विरोध नहीं, बल्कि सिर्फ अपना अधिकार मांग रहे हैं। उनकी एकमात्र मांग है कि भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी कर नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं, ताकि वे नए सत्र में अपनी सेवाएं दे सकें।
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चार साल में भी नहीं मिली नियुक्ति
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत सत्र 2021-22 में हुई थी, जिसके बाद प्री परीक्षा, मुख्य परीक्षा, रिजल्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जैसे सभी चरण पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती 2024 में किसी भी प्रकार का कोर्ट स्टे नहीं है, इसके बावजूद प्रक्रिया में देरी समझ से परे है।
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8 महीने से अटकी जॉइनिंग
25 सितंबर को परिणाम जारी होने के बाद से करीब आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन जॉइनिंग को लेकर कोई स्पष्ट आदेश नहीं आया है। इससे अभ्यर्थियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है, लेकिन चयनित शिक्षकों को नियुक्ति देने के बजाय गेस्ट फैकल्टी की भर्ती की जा रही है। इसे लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल खड़े किए हैं। नियुक्ति में देरी से परेशान अभ्यर्थी पांचवीं बार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार आवाज उठाने के बावजूद सरकार और विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मानसिक और आर्थिक संकट गहराया
लंबे इंतजार के कारण अभ्यर्थियों को आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि वे गंभीर दबाव में हैं और भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार और DPI से जल्द से जल्द जॉइनिंग देने और स्कूल आवंटन की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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चयनित अभ्यर्थियों को मिला अश्वासन
13 नवंबर 2025 को प्रतिनिधिमंडल ने विभाग से संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ
30 जनवरी 2026 को कोर्ट केस का हवाला दिया गया
16 फरवरी 2026 को 6 माह से 1 वर्ष तक का समय और लगने की बात कही गई
26 फरवरी को मार्च में चॉइस फिलिंग का आश्वासन दिया गया, लेकिन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई
2 मार्च को TRC पोर्टल पर सिर्फ सूचना डाली गई
17 मार्च को फिर 7-10 दिन में सूची जारी करने की बात कही गई
इसके बावजूद मार्च समाप्त होने तक न पात्र-अपात्र सूची जारी हुई और न ही चॉइस फिलिंग शुरू हो पाई।
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10,700 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में
करीब 10,700 चयनित अभ्यर्थियों ने दो-दो परीक्षाएं पास कर यह मुकाम हासिल किया है, लेकिन नियुक्ति नहीं मिलने से उनका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। लंबे इंतजार से वे मानसिक और आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि वे किसी प्रकार का विरोध नहीं, बल्कि सिर्फ अपना अधिकार मांग रहे हैं। उनकी एकमात्र मांग है कि भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी कर नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं, ताकि वे नए सत्र में अपनी सेवाएं दे सकें।

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