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जीएमसी में डॉक्टरों का विद्रोह: सीधी भर्ती के खिलाफ पेन डाउन, अब 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 01 Apr 2026 06:46 PM IST
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सार
भोपाल के जीएमसी में सीधी भर्ती के विरोध में चिकित्सा शिक्षकों ने पेन डाउन कर विरोध जताया। डॉक्टरों का आरोप है कि इससे उनकी पदोन्नति और भविष्य प्रभावित होगा। प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण और पदोन्नति के पदों पर सीधी भर्ती के विरोध में 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।
डॉक्टरों का पेन डाउन आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में सीधी भर्ती के विरोध में चिकित्सा शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को डॉक्टरों ने एक घंटे का पेन डाउन आंदोलन कर प्रशासन और शासन के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया।दोपहर 12 से 1 बजे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में चिकित्सा शिक्षक एडमिन ब्लॉक में जुटे और अधिष्ठाता कार्यालय के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलन के चलते कामकाज भी प्रभावित रहा।
21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन
इधर प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (PMTA) ने वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण और पदोन्नति के पदों पर ‘सीधी भर्ती’ के विरोध में 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में एसोसिएशन ने गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल की भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने की मांग रखी। हाईकोर्ट ग्वालियर द्वारा सीधी भर्ती को खारिज किए जाने का हवाला देते हुए पदोन्नति का अधिकार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से 10 से अधिक महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, जिन पर कई बैठकों और ज्ञापनों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। PMTA ने साफ चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 21 अप्रैल से आंदोलन तेज किया जाएगा।
सीधी भर्ती पर भड़का गुस्सा
संघ का आरोप है कि वर्षों से कार्यरत और पात्र चिकित्सा शिक्षकों की पदोन्नति डीपीसी के जरिए करने के बजाय सीधे भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया गया है, जो उनके अधिकारों के साथ अन्याय है। संघ के उपाध्यक्ष डॉ. जेपी अग्रवाल एवं सचिव डॉ. आशीष जैन ने बताया कि कि यदि सीधी भर्ती लागू हुई तो उनकी वर्षों की सेवा का लाभ खत्म हो जाएगा। इससे ग्रेच्युटी, एनपीएस, वेतन वृद्धि और पेंशन पर सीधा असर पड़ेगा, जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
यह भी पढ़ें-हिंदू संगठन सड़कों पर उतरे,उग्र प्रदर्शन,किया चक्का जाम, पुलिस ने किया लाठी चार्ज
ज्ञापन और बहिष्कार का ऐलान
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 42 से अधिक एग्जीक्यूटिव सदस्यों की बैठक में इस भर्ती प्रक्रिया का विरोध करते हुए अधिष्ठाता को ज्ञापन सौंपा गया है। साथ ही पात्र शिक्षकों ने व्यक्तिगत बहिष्कार पत्र भी जमा कर दिए हैं। महासचिव डॉ. अविनाश ठाकुर ने साफ चेतावनी दी कि अगर ‘सीधी भर्ती’ का विज्ञापन तुरंत वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीया ने कहा कि चिकित्सा शिक्षकों की वरिष्ठता से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा।
यह भी पढ़ें-MP में अप्रैल की शुरुआत आंधी-बारिश और बादलों से,फिर तपेगा प्रदेश, 15 अप्रैल के बाद चलेगी लू
कल फिर काम बंद का ऐलान
संघ ने गुरुवार को भी हमीदिया हॉस्पिटल ब्लॉक-2 पोर्च पर दोपहर 12 से 1 बजे तक कार्य बंद आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांग नहीं मानी गई तो यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर पूर्ण कार्य बहिष्कार तक पहुंचाया जाएगा।
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21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन
इधर प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (PMTA) ने वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण और पदोन्नति के पदों पर ‘सीधी भर्ती’ के विरोध में 21 अप्रैल से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में एसोसिएशन ने गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल की भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने की मांग रखी। हाईकोर्ट ग्वालियर द्वारा सीधी भर्ती को खारिज किए जाने का हवाला देते हुए पदोन्नति का अधिकार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से 10 से अधिक महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, जिन पर कई बैठकों और ज्ञापनों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। PMTA ने साफ चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो 21 अप्रैल से आंदोलन तेज किया जाएगा।
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सीधी भर्ती पर भड़का गुस्सा
संघ का आरोप है कि वर्षों से कार्यरत और पात्र चिकित्सा शिक्षकों की पदोन्नति डीपीसी के जरिए करने के बजाय सीधे भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया गया है, जो उनके अधिकारों के साथ अन्याय है। संघ के उपाध्यक्ष डॉ. जेपी अग्रवाल एवं सचिव डॉ. आशीष जैन ने बताया कि कि यदि सीधी भर्ती लागू हुई तो उनकी वर्षों की सेवा का लाभ खत्म हो जाएगा। इससे ग्रेच्युटी, एनपीएस, वेतन वृद्धि और पेंशन पर सीधा असर पड़ेगा, जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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ज्ञापन और बहिष्कार का ऐलान
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 42 से अधिक एग्जीक्यूटिव सदस्यों की बैठक में इस भर्ती प्रक्रिया का विरोध करते हुए अधिष्ठाता को ज्ञापन सौंपा गया है। साथ ही पात्र शिक्षकों ने व्यक्तिगत बहिष्कार पत्र भी जमा कर दिए हैं। महासचिव डॉ. अविनाश ठाकुर ने साफ चेतावनी दी कि अगर ‘सीधी भर्ती’ का विज्ञापन तुरंत वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीया ने कहा कि चिकित्सा शिक्षकों की वरिष्ठता से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा।
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संघ ने गुरुवार को भी हमीदिया हॉस्पिटल ब्लॉक-2 पोर्च पर दोपहर 12 से 1 बजे तक कार्य बंद आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांग नहीं मानी गई तो यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर पूर्ण कार्य बहिष्कार तक पहुंचाया जाएगा।

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