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Bhopal: हमीदिया अस्पताल में फर्जी डॉक्टर का खेल, मरीजों की जानकारी बेचकर ठगी; मुख्य आरोपी गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: भोपाल ब्यूरो
Updated Sun, 08 Feb 2026 08:37 PM IST
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सार
भोपाल के हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर बनकर मरीजों के परिजनों से ठगी का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में 20% कमीशन पर मरीजों की गोपनीय जानकारी लीक करने वाले 7 अस्पताल कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है।
आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से डॉक्टर बनकर ठगी करने के मामले में रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं। भोपाल क्राइम ब्रांच ने इस गिरोह के मुख्य आरोपी जितेन्द्र खागरे को इंदौर से गिरफ्तार कर भोपाल लाया है। आरोपी मूल रूप से बैतूल का निवासी है। पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि हमीदिया अस्पताल के कुछ अटेंडेंट और कर्मचारी ही मरीजों की गोपनीय जानकारी 20 प्रतिशत कमीशन के बदले जालसाज को उपलब्ध करा रहे थे। ये कर्मचारी मरीजों का नाम, वार्ड नंबर, बीमारी का विवरण, मोबाइल नंबर, पता और इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम तक आरोपी को देते थे।
वार्डों तक पहुंचता था जालसाज
जांच में सामने आया है कि कई बार आरोपी खुद हमीदिया अस्पताल पहुंचकर अटेंडेंट के साथ वार्डों में भर्ती मरीजों से मिलता था। वह वरिष्ठ चिकित्सकों की नजर से बचते हुए खुद को डॉक्टर बताता और इलाज के नाम पर तत्काल पैसों की जरूरत बताकर परिजनों का भरोसा जीत लेता था।
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10 पीड़ितों ने दर्ज कराई शिकायत
अब तक रविवार 8 फरवरी तक हमीदिया में भर्ती रहे 10 मरीजों के परिजनों ने कोहेफिजा थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी ने जनवरी 2026 से ठगी की शुरुआत की थी। पुलिस को आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल में कई अस्पताल कर्मचारियों के नंबर मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है और मिलीभगत साबित होने पर उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क हमीदिया अस्पताल के स्त्री रोग विभाग, पीडियाट्रिक विभाग, इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में फैला हुआ है। अब तक की जांच में करीब 7 अस्पताल कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है, हालांकि उनकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अस्पताल प्रबंधन सख्त
हमीदिया अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि पुलिस जांच में जिन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, उन्हें तत्काल नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। प्रबंधन पुलिस रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। इधर एक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके बच्चे के दिल में छेद था और इलाज के लिए उसे हमीदिया में भर्ती कराया गया था। जितेन्द्र ने अस्पताल में डॉक्टर बनकर उनसे मुलाकात भी की थी, जिससे परिवार को उस पर भरोसा हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ डॉक्टर बनकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कर पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
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वार्डों तक पहुंचता था जालसाज
जांच में सामने आया है कि कई बार आरोपी खुद हमीदिया अस्पताल पहुंचकर अटेंडेंट के साथ वार्डों में भर्ती मरीजों से मिलता था। वह वरिष्ठ चिकित्सकों की नजर से बचते हुए खुद को डॉक्टर बताता और इलाज के नाम पर तत्काल पैसों की जरूरत बताकर परिजनों का भरोसा जीत लेता था।
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अब तक रविवार 8 फरवरी तक हमीदिया में भर्ती रहे 10 मरीजों के परिजनों ने कोहेफिजा थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी ने जनवरी 2026 से ठगी की शुरुआत की थी। पुलिस को आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल में कई अस्पताल कर्मचारियों के नंबर मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है और मिलीभगत साबित होने पर उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क हमीदिया अस्पताल के स्त्री रोग विभाग, पीडियाट्रिक विभाग, इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में फैला हुआ है। अब तक की जांच में करीब 7 अस्पताल कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है, हालांकि उनकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अस्पताल प्रबंधन सख्त
हमीदिया अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि पुलिस जांच में जिन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, उन्हें तत्काल नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा। प्रबंधन पुलिस रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। इधर एक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके बच्चे के दिल में छेद था और इलाज के लिए उसे हमीदिया में भर्ती कराया गया था। जितेन्द्र ने अस्पताल में डॉक्टर बनकर उनसे मुलाकात भी की थी, जिससे परिवार को उस पर भरोसा हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ डॉक्टर बनकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कर पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

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