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यूजीसी नियमों पर घमासान: भोपाल में भीम आर्मी-ASP का शक्ति प्रदर्शन, 50% भागीदारी और सख्त संशोधन की मांग

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 12 Feb 2026 05:26 PM IST
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सार

यूजीसी विनियम 2026 को लेकर भीम आर्मी-ASP ने भोपाल में प्रदर्शन कर सख्त संशोधन, 50% प्रतिनिधित्व और आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है। निर्णय नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इस प्रदर्शन में प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
 

UGC rules in turmoil: Bhim Army and ASP stage show of strength in Bhopal, demand 50% participation and strict
यूजीसी विनियम 2026 को लेकर प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

यूजीसी विनियम 2026 को लेकर प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। भोपाल के अंबेडकर जयंती मैदान में भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने बड़ा प्रदर्शन कर उच्च शिक्षा से जुड़े नियमों पर सवाल खड़े किए। संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए साफ किया कि यूजीसी के नियमों में संशोधन कर सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाए।
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सख्त दिशा-निर्देश लागू करने की मांग
संगठन का आरोप है कि मौजूदा प्रावधानों से उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों व शिक्षकों के हित प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए 2012 की तर्ज पर सख्त दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की गई है, ताकि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में किसी भी प्रकार का भेदभाव रोका जा सके।
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किसानों और जमीन के मुद्दे भी शामिल
किसानों के सवाल पर भी संगठन मुखर दिखा। ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का पारदर्शी सर्वे कर तत्काल मुआवजा देने की मांग उठाई गई। नीमच स्थित धानुका इथेनॉल प्लांट से हो रहे कथित प्रदूषण की स्वतंत्र जांच कराने की बात भी ज्ञापन में शामिल है। इसके अलावा एससी-एसटी वर्ग को आवंटित जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने, 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन और मिहिर भोज प्रतिमा विवाद से जुड़े मामलों को वापस लेने की मांग की गई।

प्रशासनिक सुधारों पर भी सवाल
संगठन ने सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सुधार की मांग की। साथ ही चुनाव प्रक्रिया में बैलेट पेपर के विकल्प पर विचार करने का सुझाव भी दिया। प्रदर्शन में प्रदेश संयोजक सुनील बैरसिया, दामोदर यादव, विनोद यादव अंबेडकर, सुनील अस्तेय, अनिल गुर्जर और युवा मोर्चा अध्यक्ष सतेंद्र सेंगर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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50% भागीदारी की मांग
ज्ञापन में इक्विटी कमेटी और एंटी-डिस्क्रिमिनेशन मैकेनिज्म में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी अनिवार्य करने की बात कही गई है। संगठन का कहना है कि बिना प्रतिनिधित्व के समानता संभव नहीं है। यूजीसी मुद्दे के साथ-साथ ओबीसी के 13 प्रतिशत लंबित आरक्षण को तत्काल लागू करने, जातिगत जनगणना में अलग कॉलम बनाने और लंबित बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान से भरने की मांग भी दोहराई गई।

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आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने चेताया कि यदि यूजीसी नियमों में संशोधन और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 
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