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Hindi News ›   Bihar ›   Victim levels serious allegations against Sidhi-based narrator Sudama Dev; case registered in Patna.

MP: शादी का झांसा, दुष्कर्म और धोखाधड़ी का आरोप, सीधी के कथावाचक सुदामा देव के खिलाफ पटना में FIR दर्ज

Sat, 01 Aug 2026 03:05 PM IST
सीधी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी/पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी/पटना Published by: सीधी ब्यूरो Updated Sat, 01 Aug 2026 03:05 PM IST
सार

सीधी के मड़वास निवासी कथावाचक शिवमूरत उपाध्याय उर्फ सुदामा देव के खिलाफ पटना के गर्दनीबाग थाने में युवती की शिकायत पर दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धमकी समेत गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में पीड़िता ने क्या कहा है?  साथ ही आरोपों पर कथावाचक का क्या कहना है? विस्तार से जानते हैं।

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Victim levels serious allegations against Sidhi-based narrator Sudama Dev; case registered in Patna.
कथावाचक शिवमूरत उपाध्याय उर्फ सुदामा देव खिलाफ केस दर्ज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीधी जिले के मड़वास क्षेत्र निवासी कथावाचक शिवमूरत उपाध्याय उर्फ सुदामा देव के खिलाफ बिहार की राजधानी पटना में एक युवती की शिकायत पर गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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युवती ने आरोप लगाया है कि कथावाचक ने उसे नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया, शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया, धोखाधड़ी की और बाद में जान से मारने की धमकी भी दिलवाई। वहीं, शिवमूरत उपाध्याय ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे उनकी सामाजिक और धार्मिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया है।
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जानें कब हुई थी पहली मुलाकात?
पीड़िता की शिकायत पर पटना के गर्दनीबाग थाने में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, युवती की पहली मुलाकात शिवमूरत उपाध्याय से वर्ष 2012-13 में अपने मामा के यहां आयोजित शतचंडी यज्ञ के दौरान हुई थी। इसके बाद वर्ष 2023 में जब उसने बी.एड. करने की इच्छा जताई तो कथित तौर पर आरोपी ने सीधी में अपने परिचितों के माध्यम से प्रवेश दिलाने और फीस में रियायत कराने का भरोसा दिया।
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आरोप है कि इसी बहाने उसने एडमिशन के नाम पर एक लाख रुपये भी ले लिए। युवती का कहना है कि विश्वास कायम करने के लिए आरोपी ने उसकी मुलाकात वाराणसी में अपने बहन के परिवार से भी कराई।

पीड़िता ने शिकायत में यह सब बताया?
शिकायत में कहा गया है कि पांच जून 2024 को वह बी.एड. परीक्षा देने सीधी आई थी। 28 जून को परीक्षा समाप्त होने के बाद 29 जून को आरोपी उसे अपने गांव नरगी ले गया। वहां खाने और लड्डू में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाया गया। तबीयत बिगड़ने पर एक गोली और दी गई, जिसके बाद उसका शरीर शिथिल हो गया। युवती का आरोप है कि वह पूरी तरह विरोध करने की स्थिति में नहीं थी और इसी दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया गया। इसके बाद आरोपी ने शादी का आश्वासन देकर उसका भरोसा बनाए रखा और विभिन्न स्थानों पर लगातार शारीरिक संबंध बनाए।

आरोपी देता था यह तर्क
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने अपने कृत्य को आध्यात्मिक प्रेम बताते हुए कहा कि उसने विवाह के बिना ही उसे अपनी अर्द्धांगिनी स्वीकार किया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने यह भी कहा कि उसने उसके लिए अपना ब्रह्मचर्य और वर्षों की साधना दांव पर लगा दी है। युवती को मानसिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश की। पीड़िता का कहना है कि इन बातों के जरिए उसे शिकायत करने से रोका जाता रहा।

पुलिस ने मामला पंजीबद्ध किया
युवती के मुताबिक, 23 अगस्त 2025 को आरोपी ने अचानक उससे संबंध समाप्त कर दिए। इसके बाद जब वह न्याय की उम्मीद लेकर उसकी बहन के पास पहुंची तो शादी से साफ इनकार कर दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसे कहा गया कि पुलिस भी आरोपी का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी क्योंकि उसके कई नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संबंध हैं। इसके बाद आरोपी के परिचितों ने फोन पर गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। इन घटनाओं के बाद 19 जुलाई 2026 को पटना के गर्दनीबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला पंजीबद्ध किया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिवमूरत उपाध्याय कथावाचन से मिलने वाले धन के जरिए आलीशान जीवनशैली जीते हैं। युवती ने दावा किया है कि आरोपी महंगी लग्जरी गाड़ियों और बड़े वाहन काफिले के साथ चलता था। खुद को प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों का करीबी बताकर लोगों पर दबाव बनाता था। शिकायत में सांसद, पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में खिंचवाई गई तस्वीरों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शिवमूरत ने पीड़िता के आरोपों को खारिज किया
शिवमूरत उपाध्याय ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह उनके विरोधियों द्वारा रची गई साजिश है। उनका कहना है कि बी.एड. प्रवेश के नाम पर पैसे लेने, नशीला पदार्थ देने, दुष्कर्म करने और धमकी दिलाने जैसे सभी आरोप पूरी तरह झूठे और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ उनकी तस्वीरें केवल सार्वजनिक आयोजनों की हैं और उनका इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने पुलिस जांच और न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि सत्य सामने आएगा।

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इधर, मड़वास थाना प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि उन्हें बिहार में मामला दर्ज होने की जानकारी मिली है, लेकिन संबंधित एफआईआर अभी तक उनके थाने में स्थानांतरित होकर नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि जैसे ही एफआईआर प्राप्त होगी, नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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