{"_id":"6a6dc772e6192163ff0734df","slug":"bihar-danapur-fatuha-multitracking-project-approved-patna-rail-corridor-new-rail-lines-indian-railways-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: दानापुर-फतुहा के बीच मल्टीट्रैकिंग परियोजना को रेल मंत्रालय की मंजूरी; पटना को कितना फायदा मिलेगा?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: दानापुर-फतुहा के बीच मल्टीट्रैकिंग परियोजना को रेल मंत्रालय की मंजूरी; पटना को कितना फायदा मिलेगा?
Sat, 01 Aug 2026 03:46 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sat, 01 Aug 2026 03:46 PM IST
सार
भारतीय रेलवे ने बिहार में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर-फतुहा रेलखंड पर 29 किलोमीटर लंबी मल्टीट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दी है। लगभग 976 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत दानापुर-पटना, राजेंद्र नगर-पटना साहिब और पटना साहिब-फतुहा के बीच अतिरिक्त रेल लाइनें बिछाई जाएंगी।
विज्ञापन
(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : AI Generated
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर-फतुहा रेलखंड पर 29 किलोमीटर लंबी मल्टीट्रैकिंग परियोजना को रेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। करीब 976 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से पटना रेल कॉरिडोर के सबसे व्यस्त रेलखंडों में से एक पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्री तथा मालगाड़ियों के संचालन में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
29 किलोमीटर रेलखंड पर बिछेंगी अतिरिक्त लाइनें
स्वीकृत परियोजना के तहत तीन प्रमुख कार्य किए जाएंगे-
22 अतिरिक्त यात्री और 18 अतिरिक्त मालगाड़ियां चल सकेंगी
रेलवे के अनुसार, परियोजना के संचालन के पहले वर्ष में प्रतिदिन 22 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें और 18 अतिरिक्त मालगाड़ियां संचालित की जा सकेंगी। इसके अलावा, इस परियोजना से प्रतिवर्ष 52 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होगी।
ऊर्जा और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना दिल्ली–दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन–पटना–किउल–भागलपुर–खन्ना–हावड़ा रेलमार्ग पर चौगुनी रेल लाइन विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। यह मार्ग भारतीय रेलवे के ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर के अंतर्गत आता है।
विज्ञापन
मजबूत रेल नेटवर्क से बक्सर जिले के चौसा में निर्माणाधीन 2120 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि इस परियोजना के लिए भारी मात्रा में कच्चे माल की रेल परिवहन के माध्यम से आपूर्ति की जाएगी। भारतीय रेलवे का मानना है कि इस परियोजना से उच्च घनत्व वाले रेल मार्गों की क्षमता बढ़ेगी, ऊर्जा एवं औद्योगिक क्षेत्र की लॉजिस्टिक्स मजबूत होगी और बिहार के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
विज्ञापन
29 किलोमीटर रेलखंड पर बिछेंगी अतिरिक्त लाइनें
स्वीकृत परियोजना के तहत तीन प्रमुख कार्य किए जाएंगे-
- दानापुर से पटना के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी।
- राजेंद्र नगर और पटना साहिब के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण होगा।
- पटना साहिब से फतुहा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी।
22 अतिरिक्त यात्री और 18 अतिरिक्त मालगाड़ियां चल सकेंगी
रेलवे के अनुसार, परियोजना के संचालन के पहले वर्ष में प्रतिदिन 22 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें और 18 अतिरिक्त मालगाड़ियां संचालित की जा सकेंगी। इसके अलावा, इस परियोजना से प्रतिवर्ष 52 लाख टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होगी।
विज्ञापन
ऊर्जा और औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना दिल्ली–दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन–पटना–किउल–भागलपुर–खन्ना–हावड़ा रेलमार्ग पर चौगुनी रेल लाइन विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। यह मार्ग भारतीय रेलवे के ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर के अंतर्गत आता है।
विज्ञापन
मजबूत रेल नेटवर्क से बक्सर जिले के चौसा में निर्माणाधीन 2120 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि इस परियोजना के लिए भारी मात्रा में कच्चे माल की रेल परिवहन के माध्यम से आपूर्ति की जाएगी। भारतीय रेलवे का मानना है कि इस परियोजना से उच्च घनत्व वाले रेल मार्गों की क्षमता बढ़ेगी, ऊर्जा एवं औद्योगिक क्षेत्र की लॉजिस्टिक्स मजबूत होगी और बिहार के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।