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वक्फ बोर्ड की स्कॉलरशिपः 850 छात्रों को सहारा, राज्य स्तरीय समारोह में CM बोले- शिक्षा से ही बदलेगी नई पीढ़ी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 25 May 2026 04:29 PM IST
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सार
भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने 850 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा ही भविष्य बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है। सरकार ने वक्फ बोर्ड की छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों को बराबर की सहायता राशि देने का भी ऐलान किया।
वक्फ बोर्ड का राज्य स्तरीय स्कॉलरशिप वितरण समारोह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड का राज्य स्तरीय स्कॉलरशिप वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 850 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा ही युवाओं को आगे बढ़ाने और समाज की तस्वीर बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम में पढ़ो-पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा से ही समाज मजबूत होगा और युवा देश की प्रगति में अहम भूमिका निभाएंगे।
पहली बार राज्य स्तर पर दिया गया स्कॉलरशिप वितरण
वक्फ बोर्ड के गठन के बाद पहली बार प्रदेश स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि बोर्ड अब तक 1452 बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ चुका है। इनमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिन्होंने आर्थिक तंगी या सामाजिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। समारोह में मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड, कमेटी इंजामिया औकाफ-ए-अम्मा, औकाफ-ए-खास भोपाल और ताजुल मसाजिद से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
स्कॉलरशिप सिर्फ मदद नहीं, सपनों की उड़ान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को पूरा करने का जरिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अपील की। सीएम ने कहा कि शिक्षा इंसान को नई दिशा देती है और समाज को मजबूत बनाती है। उन्होंने रहीम के दोहे का उल्लेख करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया।
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सरकार भी देगी बराबर की सहायता राशि
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन विद्यार्थियों को वक्फ बोर्ड की ओर से स्कॉलरशिप दी गई है, उन्हें राज्य सरकार भी उतनी ही सहायता राशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग के युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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वक्फ संपत्तियों से बढ़ेगी शिक्षा की मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए वक्फ कानून लागू होने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार आया है। वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई भी चल रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और सुधार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि इन संपत्तियों की आय बढ़ाकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों, खासकर बेटियों की शिक्षा में इस्तेमाल किया जाए।
यह भी पढ़ें- MP में कई शहरों में पेट्रोल 115 रुपये पार, डीजल ने छुआ 100 का आंकड़ा; विपक्ष ने घेरा
माफियाओं से संपत्तियां छुड़ाकर समाजहित में करेंगे उपयोग
सीएम ने कहा कि वक्फ की जमीनों और संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा रहा है। इन संपत्तियों से मिलने वाली आय को शिक्षा, स्कॉलरशिप और समाज कल्याण के कार्यों में लगाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।
पहली बार राज्य स्तर पर दिया गया स्कॉलरशिप वितरण
वक्फ बोर्ड के गठन के बाद पहली बार प्रदेश स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि बोर्ड अब तक 1452 बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ चुका है। इनमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिन्होंने आर्थिक तंगी या सामाजिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। समारोह में मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड, कमेटी इंजामिया औकाफ-ए-अम्मा, औकाफ-ए-खास भोपाल और ताजुल मसाजिद से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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स्कॉलरशिप सिर्फ मदद नहीं, सपनों की उड़ान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को पूरा करने का जरिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अपील की। सीएम ने कहा कि शिक्षा इंसान को नई दिशा देती है और समाज को मजबूत बनाती है। उन्होंने रहीम के दोहे का उल्लेख करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया।
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मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन विद्यार्थियों को वक्फ बोर्ड की ओर से स्कॉलरशिप दी गई है, उन्हें राज्य सरकार भी उतनी ही सहायता राशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग के युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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वक्फ संपत्तियों से बढ़ेगी शिक्षा की मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए वक्फ कानून लागू होने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार आया है। वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई भी चल रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और सुधार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि इन संपत्तियों की आय बढ़ाकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों, खासकर बेटियों की शिक्षा में इस्तेमाल किया जाए।
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माफियाओं से संपत्तियां छुड़ाकर समाजहित में करेंगे उपयोग
सीएम ने कहा कि वक्फ की जमीनों और संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा रहा है। इन संपत्तियों से मिलने वाली आय को शिक्षा, स्कॉलरशिप और समाज कल्याण के कार्यों में लगाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।

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