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वुमेन्स डे: शिक्षा और स्वास्थ्य की कमान महिलाओं के हाथ, शिल्पा गुप्ता और डॉ. सलोनी बदल रहीं व्यवस्था की तस्वीर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 08 Mar 2026 07:37 AM IST
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सार
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कमान महिला आईएएस अधिकारियों के हाथ में है। डॉ. सलोनी सिडाना एनएचएम की एमडी के रूप में मातृ मृत्यु दर कम करने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में जुटी हैं, जबकि शिल्पा गुप्ता डीपीआई की एमडी के रूप में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अनुशासन पर जोर दे रही हैं।
आईएएस अधिकारी डॉ. सलोनी सिडाना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश में प्रशासनिक नेतृत्व में महिलाओं की मजबूत भूमिका दिखाई दे रही है। प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जिम्मेदारी महिला आईएएस अधिकारियों के हाथ में है। एक ओर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी शिल्पा गुप्ता संभाल रही हैं, तो दूसरी ओर स्वास्थ्य क्षेत्र में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का काम सलोनी सिडाना कर रही हैं। दोनों अधिकारी अपने-अपने विभाग में नीतिगत फैसलों और जमीनी काम के जरिए अलग पहचान बना रही हैं।
आईएएस अधिकारी शिल्पा गुप्ता
एमबीबीएस से आईएएस तक का सफर, स्वास्थ्य सुधार में जुटीं
आईएएस अधिकारी डॉ. सलोनी सिडाना की पहचान संवेदनशील और जमीनी स्तर पर काम करने वाली अधिकारी के रूप में है। खास बात यह है कि प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। चिकित्सा पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याओं और जरूरतों की गहरी समझ है। वर्तमान में वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मध्यप्रदेश की प्रबंध संचालक (MD) के रूप में कार्य कर रही हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में मातृ मृत्यु दर कम करने, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। कलेक्टर रहते हुए भी ग्रामीण क्षेत्रों में उनके काम की काफी सराहना हुई थी। वे अक्सर अचानक निरीक्षण और जमीनी स्तर पर योजनाओं की समीक्षा के लिए जानी जाती रही हैं। उनका निजी जीवन भी सादगी का उदाहरण माना जाता है। बेहद सादा जीवन जीने वाली अधिकारी के रूप में उनकी पहचान है। वे उस समय भी चर्चा में आई थीं जब उन्होंने अपनी शादी भी बेहद सादगी से कोर्ट मैरिज के जरिए की थी।
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शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी संभाल रहीं शिल्पा गुप्ता
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिल्पा गुप्ता वर्तमान में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) की प्रबंध संचालक के रूप में कार्य कर रही हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूलों में पढ़ाई का स्तर और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी को लेकर उन्होंने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही तय करने के लिए उनकी कार्यशैली जानी जाती है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर उनका विशेष फोकस है। लगातार मॉनिटरिंग और निर्णयों के जरिए वे शिक्षा व्यवस्था को परिणाम आधारित बनाने की कोशिश कर रही हैं।
यह भी पढ़ें-भोपाल में इंदौर की तर्ज पर निकलेगी रंगपंचमी की गेर, हिंदू उत्सव समिति और प्रशासन ने किया निरीक्षण
महिला नेतृत्व से बदल रही प्रशासनिक तस्वीर
मध्यप्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभागों में महिला नेतृत्व यह दिखाता है कि महिलाएं प्रशासन में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। एक ओर डॉ. सलोनी सिडाना स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर काम कर रही हैं, वहीं शिल्पा गुप्ता शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार फैसले ले रही हैं। महिला दिवस के अवसर पर इन दोनों अधिकारियों का काम यह संदेश देता है कि प्रशासन में महिला नेतृत्व संवेदनशीलता और सख्ती दोनों के साथ बदलाव की दिशा तय कर सकता है।
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आईएएस अधिकारी शिल्पा गुप्ता
एमबीबीएस से आईएएस तक का सफर, स्वास्थ्य सुधार में जुटीं
आईएएस अधिकारी डॉ. सलोनी सिडाना की पहचान संवेदनशील और जमीनी स्तर पर काम करने वाली अधिकारी के रूप में है। खास बात यह है कि प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। चिकित्सा पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याओं और जरूरतों की गहरी समझ है। वर्तमान में वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मध्यप्रदेश की प्रबंध संचालक (MD) के रूप में कार्य कर रही हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में मातृ मृत्यु दर कम करने, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। कलेक्टर रहते हुए भी ग्रामीण क्षेत्रों में उनके काम की काफी सराहना हुई थी। वे अक्सर अचानक निरीक्षण और जमीनी स्तर पर योजनाओं की समीक्षा के लिए जानी जाती रही हैं। उनका निजी जीवन भी सादगी का उदाहरण माना जाता है। बेहद सादा जीवन जीने वाली अधिकारी के रूप में उनकी पहचान है। वे उस समय भी चर्चा में आई थीं जब उन्होंने अपनी शादी भी बेहद सादगी से कोर्ट मैरिज के जरिए की थी।
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शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी संभाल रहीं शिल्पा गुप्ता
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिल्पा गुप्ता वर्तमान में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) की प्रबंध संचालक के रूप में कार्य कर रही हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षकों की उपस्थिति, स्कूलों में पढ़ाई का स्तर और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी को लेकर उन्होंने कई अहम कदम उठाए हैं। प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही तय करने के लिए उनकी कार्यशैली जानी जाती है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर उनका विशेष फोकस है। लगातार मॉनिटरिंग और निर्णयों के जरिए वे शिक्षा व्यवस्था को परिणाम आधारित बनाने की कोशिश कर रही हैं।
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मध्यप्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभागों में महिला नेतृत्व यह दिखाता है कि महिलाएं प्रशासन में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। एक ओर डॉ. सलोनी सिडाना स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर काम कर रही हैं, वहीं शिल्पा गुप्ता शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार फैसले ले रही हैं। महिला दिवस के अवसर पर इन दोनों अधिकारियों का काम यह संदेश देता है कि प्रशासन में महिला नेतृत्व संवेदनशीलता और सख्ती दोनों के साथ बदलाव की दिशा तय कर सकता है।

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