Chhatarpur: BSF जवान की जगह भाई दे रहा था बीएड परीक्षा, चौथे पेपर में खुला ‘मुन्ना भाई’ कांड; जानें कैसे
छतरपुर की महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में बीएसएफ जवान की जगह उसका भाई बीएड परीक्षा देते पकड़ा गया। आरोपी तीन पेपर पहले ही दे चुका था। चौथे पेपर में मुखबिर की सूचना पर खुलासा हुआ। मामले के बाद परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।
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छतरपुर के महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में चल रही बीएड परीक्षाओं के दौरान फिल्मों जैसा ‘मुन्ना भाई’ मामला सामने आया है। यहां बीएसएफ में तैनात एक छात्र की जगह उसका सगा भाई परीक्षा देता पकड़ा गया। आरोपी युवक पहले ही तीन पेपर दे चुका था और चौथे पेपर में मुखबिर की सूचना पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। मामले के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी की सुरक्षा और जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, बीएड द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में परीक्षार्थी देवेंद्र यादव (रोल नंबर 25109251) को शामिल होना था। उसका परीक्षा केंद्र पीजी-2 कक्ष में द्वितीय पाली में बनाया गया था, लेकिन उसकी जगह उसका भाई दीपक यादव परीक्षा देने पहुंच गया। दीपक नवजीवन ज्योति कॉलेज का छात्र बताया जा रहा है और वह छतरपुर जिले के चंदनगर का निवासी है।
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बताया गया कि परीक्षा के दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर टीयूटी में तैनात अधीक्षक गायत्री वाजपेयी ने युवक को परीक्षा हॉल से बाहर बुलाकर पूछताछ की। दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने पर युवक घबरा गया और उसने अपना असली नाम दीपक यादव बताते हुए पूरा मामला कबूल कर लिया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले के तीन पेपर भी अपने भाई की जगह दे चुका है और यह उसका चौथा पेपर था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इधर, घटना के बाद छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कुलसचिव का पुतला फूंका और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते सूचना नहीं मिलती तो पूरा मामला दबा रह जाता है। वहीं, विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक नंदकिशोर पटेल ने बताया कि बीएड परीक्षाओं के दौरान एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया है, जिसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया है।

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