MP: पैलेस की मिट्टी में सोने जैसे सिक्कों की चर्चा, खजाने की खबर से इलाके में हलचल; अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं
छतरपुर के बमीठा थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक राजगढ़ पैलेस में खुदाई से निकली मिट्टी में सोने जैसे सिक्के मिलने की चर्चा से इलाके में सनसनी फैल गई। खबर फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई, हालांकि अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विस्तार
छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक राजगढ़ पैलेस में सोने के सिक्के मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि पैलेस परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान खुदाई से निकली मिट्टी को जब बाहर सड़क किनारे डाला गया, तभी कुछ लोगों की नजर उसमें मिले सोने जैसे दिखने वाले सिक्कों पर पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही सिक्के मिलने की सूचना गांव में फैली, सोना पाने की चाह में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग मिट्टी खंगालकर सिक्के तलाशने में जुट गए। स्थिति ऐसी हो गई मानो खजाना लूटने की होड़ मच गई हो।
ये भी पढे़ं- Indore News: यूका का जहरीला कचरा छह माह पहले हुआ था भस्म, अब उसकी 900 टन राख हमेशा के लिए दफन
ये सिक्के करीब 500 वर्ष पुराने हो सकते हैं-ग्रामीण
पैलेस में स्टाफ क्वार्टर निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी को 22 जनवरी को महल से करीब 300 मीटर दूर सड़क किनारे डाला गया था। हाल ही में हुई बारिश के बाद स्थानीय ग्रामीणों और सरपंच का दावा है कि इसी मिट्टी में 10-12 लोगों को सोने जैसे सिक्के मिले हैं। ग्रामीणों का अनुमान है कि ये सिक्के लगभग 500 साल पुराने हो सकते हैं। सोने की उम्मीद में ग्रामीणों ने सड़क किनारे खुदाई शुरू कर दी। मौके पर करीब 50-70 लोग मिट्टी में गैंती और फावड़ों से खुदाई कर रहे थे। महिलाएं और बच्चे लोहे की छलनियों से मिट्टी छान रहे थे।
स्थानीय निवासी राधा अहिरवार ने बताया कि उनकी पांच साल की नातिन को भी एक सिक्का मिला, लेकिन पास की एक लड़की ने वह सिक्का छीन लिया। राधा ने कहा कि वे मजदूर परिवार से हैं और 70-80 हजार रुपए का कर्ज चुकाने की उम्मीद में खुदाई कर रहे हैं। एक छात्र पवन ने बताया कि वे खजाना ढूंढ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने सुना है कि रात में कुछ लोगों को सिक्के मिले।
क्या बोले सरपंच रमेश प्रसाद बिल्ला?
राजगढ़ ग्राम पंचायत के सरपंच रमेश प्रसाद बिल्ला ने कहा कि सड़क समतलीकरण के लिए लाई गई मिट्टी में दबे सिक्के चमकने लगे थे। सबसे पहले एक बच्चे ने उन्हें देखा, जिसके बाद पूरे गांव में खुदाई की होड़ मच गई। ग्रामीणों को कुछ सिक्के मिलने की चर्चा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि सिक्कों का वजन लगभग 7-8 ग्राम है और इनमें उर्दू या अरबी जैसी भाषा के संकेत हैं।
राजगढ़ क्षेत्र बुंदेला राजवंश के 350 साल पुराने महल के लिए जाना जाता है। यह संभावना जताई जा रही है कि सिक्के इसी ऐतिहासिक क्षेत्र से संबंधित हो सकते हैं। समाजसेवी राकेश कुशवाहा ने बताया कि पुराने समय में यह इलाका समृद्ध नगर था और लोग कीमती सामान जमीन में छिपा कर रखते थे। हालांकि, एएसआई दीक्षांत चावरे ने कहा कि अब तक कोई सिक्का प्राप्त नहीं हुआ है। अगर सिक्के मिलते हैं तो टीम बनाकर जांच की जाएगी और पुष्टि की जाएगी कि ये सोने के हैं या कितने पुराने हैं।

कमेंट
कमेंट X