सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Dr Soyal Khan saves innocent life by giving CPR65% of the oxygen levels were stuck in breathing

छिंदवाड़ा में डॉक्टर की सूझबूझ से मासूम की जान बची: 65% तक गिरा था ऑक्सीजन लेवल, सीपीआर देकर बचाई जान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो Updated Wed, 25 Feb 2026 09:55 AM IST
विज्ञापन
सार

मोहखेड़ में एक मासूम बच्ची का ऑक्सीजन स्तर 65% तक गिर गया। गंभीर श्वसन संकट में पहुंची बच्ची को डॉ. सोयल खान ने समय पर सीपीआर देकर बचा लिया। मिनटों की कोशिश के बाद बच्ची रोने लगी, खतरा टल गया।

Dr Soyal Khan saves innocent life by giving CPR65% of the oxygen levels were stuck in breathing
सीपीआर देते डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

Trending Videos

मोहखेड़ में चिकित्सा सेवा और मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक डॉक्टर ने समय रहते एक मासूम बच्ची की जान बचा ली। बच्ची गंभीर श्वसन संकट में थी और उसका ऑक्सीजन स्तर गिरकर 65 प्रतिशत तक पहुंच गया था। हालत इतनी नाजुक थी कि परिजनों की सांसें थम सी गई थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार, बच्ची को अचानक सांस लेने में तकलीफ शुरू हुई। स्थिति बिगड़ती देख घबराए परिजन उसे तुरंत नजदीकी क्लीनिक लेकर पहुंचे। उस समय बच्ची की सांसें बेहद धीमी हो चुकी थीं और शरीर में हरकत भी कम हो गई थी। क्लीनिक पहुंचते ही वहां मौजूद स्टाफ और परिजनों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए क्लीनिक संचालक डॉ. सोयल खान ने बिना देर किए उपचार शुरू किया। जांच के दौरान बच्ची का ऑक्सीजन स्तर बेहद कम पाया गया। हालात को देखते हुए उन्होंने तत्काल आपात प्रक्रिया अपनाई और सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया।

करीब कुछ मिनटों तक चले प्रयासों के दौरान क्लीनिक में सन्नाटा पसरा रहा। परिजन दुआएं कर रहे थे और हर पल भारी लग रहा था। इसी बीच अचानक बच्ची ने रोना शुरू कर दिया। रोने की आवाज सुनते ही वहां मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। यह क्षण परिजनों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था।

स्थिति सामान्य होने के बाद बच्ची को निगरानी में रखा गया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर दिया गया सीपीआर उसके लिए जीवनदायी साबित हुआ। यदि कुछ मिनट और देरी हो जाती तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। परिजनों ने भावुक होकर डॉ. खान का आभार जताया। उनका कहना है कि सही समय पर मिले उपचार ने उनकी दुनिया उजड़ने से बचा लिया।

पढ़ें: किसानों पर नोकझोंक: CM बोले- राहुल पहले तिलहन-दलहन जान लें, सिंघार का तंज-महाचौपाल के दबाव में घोषणा

विशेषज्ञों के अनुसार, श्वसन अवरोध या अचानक ऑक्सीजन स्तर गिरने की स्थिति में शुरुआती मिनट बेहद अहम होते हैं। ऐसे मामलों में तुरंत सीपीआर और चिकित्सकीय सहायता मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाती है।

मोहखेड़ की यह घटना न केवल चिकित्सा दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आपात स्थिति में त्वरित निर्णय और समर्पित सेवा भावना से असंभव दिखने वाली परिस्थितियों को भी बदला जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed