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MP Assembly Session Live: सदन में उठा सिंगरौली पेड़ कटाई का मुद्दा, भाजपा विधायक बोले- एक पैसे का नुकसान नहीं
MP Vidhan Sabha Session Live News in Hindi: नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज एमपी विधानसभा सत्र का आठवां दिन है। सिंगरौली में कोल माइंस के लिए पेड़ कटाई के मामले पर भाजपा विधायक रामनिवास शाह ने सफाई दी है। पढे़ं अपडेट
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सदन में निराश्रित पशुओं का मुद्दा: फसलों और हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल
मध्यप्रदेश विधानसभा में निराश्रित पशुओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं और नेशनल हाईवे सहित प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित हो रहा है।
अजय सिंह राहुल ने आरोप लगाया कि हाईवे पर घूम रहे पशुओं के कारण जान-माल की हानि हो रही है, लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते समस्या का ठोस समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में रात के समय गोवंश सड़कों और खेतों में भटकता रहता है, जिससे किसान रातभर टॉर्च लेकर अपनी फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं।
उन्होंने यह भी मांग की कि प्रदेश में कितनी गौशालाएं बंद पड़ी हैं, इसका आंकड़ा सदन में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही विभागीय मंत्री से इस विषय को गंभीरता से लेकर किसानों के हित में ठोस कदम उठाने की अपील की। इस पर मंत्री लखन पटेल ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि नगरीय प्रशासन द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। सड़कों पर घूमने वाले घुमंतू पशुओं के मालिकों पर 25 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश की गौशालाओं में चार लाख से अधिक मवेशी आश्रित हैं। नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख सड़कों पर जहां पशु एकत्र होते हैं, वहां गौशालाएं चिन्हित की गई हैं तथा हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के कारण होने वाली घटनाओं में कमी लाने के लिए विभाग गंभीरता से काम कर रहा है और निराश्रित गोवंश को सम्मानपूर्वक गौशालाओं में रखा जा रहा है।
निराश्रित पशुओं से फसल नुकसान और यातायात बाधा का मुद्दा उठा
विधायक अजय अर्जुन सिंह ने प्रदेश में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर यातायात बाधित होने से उत्पन्न गंभीर स्थिति की ओर पशुपालन मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते किसानों को न तो मुआवजा मिल पा रहा है और न ही समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है।
इस पर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ा गया है तथा संबंधित पशुपालकों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
वन भूमि अतिक्रमण और बाहरी मजदूरों पर विधानसभा में हंगामा
शर्मा ने कहा कि लटेरी और सिरोंज क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही है, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंत्री को आवेदन दिया गया था और एक ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें वनरक्षक, डिप्टी रेंजर और ठेकेदार के बीच बातचीत सामने आई है। उनका आरोप है कि ऐसे मामलों से सरकार की छवि धूमिल हो रही है और कुछ अधिकारी सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
वहीं कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर मंत्री के जवाब को गोलमोल बताते हुए कहा कि दो दिन पहले उमरिया जिले में शेर के शिकार के मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण वे रिहा हो गए।
इस पर मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि जहां स्थानीय स्तर पर मजदूर उपलब्ध नहीं होते, वहां बाहर से मजदूर बुलाना आवश्यक हो जाता है। पौधों के मूल्यांकन के लिए बाहरी संस्थाओं की सेवाएं ली जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।
श्रमिकों के भुगतान पर विधानसभा में घमासान
वनमंडल विदिशा में पौधरोपण कार्य और श्रमिकों के भुगतान को लेकर विधानसभा में सवाल उठा। बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने श्रमिकों के भुगतान संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन वन विभाग ने बैंक खातों के नंबर साझा करने से इंकार कर दिया।
विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि भुगतान का पूरा विवरण नहीं दिया गया और बैंक खाते की जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर बाहरी मजदूरों को काम करते देखा गया है। उन्होंने मामले की प्रदेश स्तरीय टीम से जांच कराने की मांग की।
इस पर वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने जवाब देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारी सार्वजनिक करने की एक मर्यादा होती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यक्तिगत तौर पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।
प्रश्नकाल में जजों की सुरक्षा पर गरमाई बहस, हर मजिस्ट्रेट को गनमैन देने की मांग
विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान जजों की सुरक्षा का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने हर न्यायिक मजिस्ट्रेट को एक-एक गनमैन उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
इस पर मंत्री गौतम टेटवाल ने जवाब देते हुए कहा कि जजों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। यदि कोई विशेष परिस्थिति उत्पन्न होती है तो स्थानीय स्तर पर पुलिस अधीक्षक (SP) सुरक्षा को लेकर निर्णय लेते हैं। इसके अलावा आवेदन प्राप्त होने पर राज्य सुरक्षा समिति द्वारा समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। विधायक हरिशंकर खटीक ने पुनः मांग दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक न्यायिक मजिस्ट्रेट को अनिवार्य रूप से एक-एक गनमैन दिया जाना चाहिए।
सहारा समूह से जुड़े मामलों को लेकर घमासान
सहारा समूह पर एफआईआर को लेकर सवाल
प्रश्नकाल के दौरान जयवर्धन सिंह ने वर्ष 2020 से अब तक सहारा इंडिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर की संख्या और की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। उनका कहना था कि सरकार द्वारा दी गई जानकारी अपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने केवल भोपाल से संबंधित प्रकरणों की जानकारी दी है, जबकि उनके पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले छह वर्षों में 123 एफआईआर दर्ज हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे निवेशकों की गाढ़ी कमाई इस मामले में फंसी हुई है, इसलिए सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए।
सरकार का जवाब और सुप्रीम कोर्ट का हवाला
मंत्री शिवाजी पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि यह गंभीर और चिंताजनक विषय है, क्योंकि बड़ी संख्या में छोटे निवेशकों की राशि इसमें अटकी है। उन्होंने बताया कि विधानसभा सचिवालय द्वारा 1 जनवरी 2024 तक की स्थिति मांगी गई थी, जिसके अनुसार चार नई एफआईआर दर्ज हुई हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। मुख्य प्रकरण कोतवाली मुरैना में दर्ज है और अन्य संबंधित प्रकरण उसी में संलग्न कर जांच की जा रही है। पुलिस नियमानुसार सभी मामलों की जांच कर रही है।
6679 करोड़ में से केवल 355 करोड़ वितरित
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस प्रकरण में अब तक 9 लाख 6 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 7.30 लाख आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। राशि के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि कुल 6679 करोड़ रुपये में से अब तक 355 करोड़ रुपये निवेशकों को वितरित किए गए हैं। इस पर जयवर्धन सिंह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कुल राशि का मात्र लगभग 5 प्रतिशत है। उनके अनुसार करीब 6300 करोड़ रुपये अभी भी निवेशकों को मिलना बाकी है, जो सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए।
सिंगरौली में पेड़ कटाई से नहीं होगा एक पैसे का नुकसान: विधायक रामनिवास शाह
सिंगरौली में पेड़ कटाई के मुद्दे पर विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि इससे जिले को “एक पैसे का भी नुकसान” नहीं होगा। उनका कहना है कि स्थानीय जनता की मुख्य चिंता विस्थापन और उसके अधिकारों को लेकर है, और सरकार इन अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि चर्चा पेड़ कटाई पर नहीं, बल्कि विस्थापन और मुआवजे (कंपनसेशन) की समस्या पर होनी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता भी यही है कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और पुनर्वास मिले। शाह ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए पेड़ कटेंगे और परियोजनाएं बनेंगी, लेकिन मूलभूत समस्याओं के समाधान पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। विधायक ने कहा कि सिंगरौली में कंपनियों का आना कोई नई बात नहीं है। अडानी पहली बार नहीं आई है, इससे पहले भी कई कंपनियां यहां काम कर चुकी हैं।
कांग्रेस के विरोध पर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। जब उनसे कहा जा रहा है कि उनका प्रतिनिधिमंडल संबंधित पक्षों से मिलकर अपनी समस्याएं रखे, तो वे इसके लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।
गौमांस टैक्स विवाद: जयवर्धन सिंह ने भाजपा सरकार को घेरा
प्रदेश में गौमांस को जीएसटी मुक्त किए जाने के मुद्दे पर जयवर्धन सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गौमांस की बिक्री को बढ़ावा देना चाहती है। साथ ही उन्होंने मांग की कि गौमांस पर 1000 प्रतिशत तक जीएसटी लगाया जाए।
धर्मांतरण पर गरजे बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी, जिम-स्पा की जांच की मांग
प्रदेश में बढ़ते धर्मांतरण और कथित ‘लव जिहाद’ के मामलों को लेकर बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिम और स्पा सेंटरों की जांच कराई जानी चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार इन स्थानों के माध्यम से ही सर्वाधिक धर्मांतरण और लव जिहाद के मामले सामने आ रहे हैं। लोधी ने कहा कि वह इस मुद्दे को सदन में भी उठाएंगे और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
मास्टर प्लान पर सियासी घमासान: जयवर्धन का सीएम पर बड़ा सवाल
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने मास्टर प्लान को लेकर कहा कि कैलाश विजयवर्गीय जैसे वरिष्ठ मंत्री यदि यह कह रहे हैं कि अधिकारी उन्हें पूरी जानकारी नहीं दे रहे और फाइल सीधे मुख्यमंत्री के पास भेजी जा रही है, तो यह उनके विभागीय समन्वय की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में दावा किया था कि वे दो साल पहले ही मास्टर प्लान का अनुमोदन कर फाइल मुख्यमंत्री के पास भेज चुके हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि फाइल मुख्यमंत्री स्तर पर लंबित है।
जयवर्धन सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि भोपाल का मास्टर प्लान आगे नहीं बढ़ रहा? उनका आरोप है कि जब तक मास्टर प्लान लागू नहीं होगा, तब तक सरकारी दफ्तरों में कथित लेनदेन और अवैध वसूली जारी रहेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कहीं न कहीं भाजपा के लोग यही स्थिति बनाए रखना चाहते हैं।