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MP Assembly Session Live: सदन में उठा सिंगरौली पेड़ कटाई का मुद्दा, भाजपा विधायक बोले- एक पैसे का नुकसान नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 25 Feb 2026 01:21 PM IST
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खास बातें

 MP Vidhan Sabha Session Live News in Hindi: नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज एमपी विधानसभा सत्र का आठवां दिन है। सिंगरौली में कोल माइंस के लिए पेड़ कटाई के मामले पर भाजपा विधायक रामनिवास शाह ने सफाई दी है। पढे़ं अपडेट

MP Assembly Budget Session Live Update Discussion on Budget Grant Demands Details in Hindi
मप्र विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

01:20 PM, 25-Feb-2026

मोदी-मोहन के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार

अनुदानों की मांग पर सदन में विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि विकसित राज्यों की श्रेणी में मध्य प्रदेश तेजी से अग्रणी प्रदेश बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के वर्ष 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि संकल्प पत्र में एक लाख किलोमीटर सड़कों के निर्माण और 500 से अधिक फ्लाईओवर बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर प्रदेश में तेजी से काम जारी है। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों को फोरलेन में परिवर्तित किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

01:00 PM, 25-Feb-2026

फायर सेफ्टी एक्ट बनना चाहिए-विधायक अभिलाष पाण्डेय

विधायक अभिलाष पाण्डेय ने ध्यानकर्षण के तहत कहा कि प्रदेश में आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं। फायर सेफ्टी एक्ट नहीं होने से चुनौती बनी हुई है। नियमित फायर ऑडिट होने से लाभ होता है। कानूनी और बीमा दावों में सहायता मिलेती है। उन्होंने कहा कि अलग अलग राज्यों में फायर सेफ्टी कानून बना है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि व्यावसायिक परिसर, स्कूल आदि में आग रोकने के लिए प्रयास किये जाते हैं। विभाग के साथ बैठक हुई है।74 वें संविधान संशोधन में नगर पालिकाएं और नगर निगम  को अधिकार दिया गया है। फायर एक्ट बन रहा है। ये 2 से 3 महीने में बन जाएगा।अच्छा कानून बनाएंगे। केंद्र और अन्य राज्यों का भी अध्ययन कर रहें। 5 से 10 मिनट के बीच गाड़ी पहुंच जाएं इसकी तैयारी चल रही है। प्लानिंग चल रही। 
12:59 PM, 25-Feb-2026

1200 गौशालाओं में बिजली पानी की व्यवस्था नहीं-प्रहलाद पटेल

विधानसभा में मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि पशुओं के लिए पंचायत के अंदर व्यवस्था करनी चाहिए। गौशालाओं के टेंडर हुए थे। गौवंश के लिए रास्ता निकालना चाहिए। इस समय करीब 1200 गौशालाओं में बिजली पानी की व्यवस्था नहीं थी। 400 गौशालाएं अभी भी खाली हैं।

 
12:21 PM, 25-Feb-2026

सदन में निराश्रित पशुओं का मुद्दा: फसलों और हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल

मध्यप्रदेश विधानसभा में निराश्रित पशुओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की फसलें लगातार नष्ट हो रही हैं और नेशनल हाईवे सहित प्रमुख सड़कों पर यातायात बाधित हो रहा है।

अजय सिंह राहुल ने आरोप लगाया कि हाईवे पर घूम रहे पशुओं के कारण जान-माल की हानि हो रही है, लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते समस्या का ठोस समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में रात के समय गोवंश सड़कों और खेतों में भटकता रहता है, जिससे किसान रातभर टॉर्च लेकर अपनी फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं।

उन्होंने यह भी मांग की कि प्रदेश में कितनी गौशालाएं बंद पड़ी हैं, इसका आंकड़ा सदन में प्रस्तुत किया जाए। साथ ही विभागीय मंत्री से इस विषय को गंभीरता से लेकर किसानों के हित में ठोस कदम उठाने की अपील की। इस पर मंत्री लखन पटेल ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि नगरीय प्रशासन द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। सड़कों पर घूमने वाले घुमंतू पशुओं के मालिकों पर 25 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।

मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश की गौशालाओं में चार लाख से अधिक मवेशी आश्रित हैं। नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख सड़कों पर जहां पशु एकत्र होते हैं, वहां गौशालाएं चिन्हित की गई हैं तथा हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि पशुओं के कारण होने वाली घटनाओं में कमी लाने के लिए विभाग गंभीरता से काम कर रहा है और निराश्रित गोवंश को सम्मानपूर्वक गौशालाओं में रखा जा रहा है।

12:07 PM, 25-Feb-2026

निराश्रित पशुओं से फसल नुकसान और यातायात बाधा का मुद्दा उठा

विधायक अजय अर्जुन सिंह ने प्रदेश में निराश्रित पशुओं के कारण किसानों की फसलें नष्ट होने और सड़कों पर यातायात बाधित होने से उत्पन्न गंभीर स्थिति की ओर पशुपालन मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता के चलते किसानों को न तो मुआवजा मिल पा रहा है और न ही समस्या का स्थायी समाधान हो रहा है।

इस पर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ा गया है तथा संबंधित पशुपालकों पर जुर्माना भी लगाया गया है।

12:05 PM, 25-Feb-2026

वन भूमि अतिक्रमण और बाहरी मजदूरों पर विधानसभा में हंगामा

सरोज विकासखंड में बाहरी मजदूरों से काम कराए जाने और वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। विधायक उमाकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि सरोज विकासखंड में स्थानीय मजदूरों की अनदेखी कर बाहर के मजदूरों से कार्य कराया गया, जिसमें अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित समिति में उन्हें भी शामिल किया जाए।

शर्मा ने कहा कि लटेरी और सिरोंज क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जा कर खेती की जा रही है, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंत्री को आवेदन दिया गया था और एक ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें वनरक्षक, डिप्टी रेंजर और ठेकेदार के बीच बातचीत सामने आई है। उनका आरोप है कि ऐसे मामलों से सरकार की छवि धूमिल हो रही है और कुछ अधिकारी सरकार को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

वहीं कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर मंत्री के जवाब को गोलमोल बताते हुए कहा कि दो दिन पहले उमरिया जिले में शेर के शिकार के मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण वे रिहा हो गए।

इस पर मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि जहां स्थानीय स्तर पर मजदूर उपलब्ध नहीं होते, वहां बाहर से मजदूर बुलाना आवश्यक हो जाता है। पौधों के मूल्यांकन के लिए बाहरी संस्थाओं की सेवाएं ली जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।
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12:04 PM, 25-Feb-2026

श्रमिकों के भुगतान पर विधानसभा में घमासान

वनमंडल विदिशा में पौधरोपण कार्य और श्रमिकों के भुगतान को लेकर विधानसभा में सवाल उठा। बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने श्रमिकों के भुगतान संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन वन विभाग ने बैंक खातों के नंबर साझा करने से इंकार कर दिया।

विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि भुगतान का पूरा विवरण नहीं दिया गया और बैंक खाते की जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर बाहरी मजदूरों को काम करते देखा गया है। उन्होंने मामले की प्रदेश स्तरीय टीम से जांच कराने की मांग की।

इस पर वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने जवाब देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते की जानकारी सार्वजनिक करने की एक मर्यादा होती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यक्तिगत तौर पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।

12:03 PM, 25-Feb-2026

प्रश्नकाल में जजों की सुरक्षा पर गरमाई बहस, हर मजिस्ट्रेट को गनमैन देने की मांग

विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान जजों की सुरक्षा का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक ने हर न्यायिक मजिस्ट्रेट को एक-एक गनमैन उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

इस पर मंत्री गौतम टेटवाल ने जवाब देते हुए कहा कि जजों को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। यदि कोई विशेष परिस्थिति उत्पन्न होती है तो स्थानीय स्तर पर पुलिस अधीक्षक (SP) सुरक्षा को लेकर निर्णय लेते हैं। इसके अलावा आवेदन प्राप्त होने पर राज्य सुरक्षा समिति द्वारा समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है। विधायक हरिशंकर खटीक ने पुनः मांग दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक न्यायिक मजिस्ट्रेट को अनिवार्य रूप से एक-एक गनमैन दिया जाना चाहिए।

 

12:00 PM, 25-Feb-2026

सहारा समूह से जुड़े मामलों को लेकर घमासान

विधानसभा के प्रश्नकाल में सहारा समूह से जुड़े मामलों और निवेशकों की धनवापसी का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। जयवर्धन सिंह ने सरकार से सहारा इंडिया कंपनी के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों और निवेशकों की राशि वापसी पर विस्तृत जानकारी मांगी, जबकि मंत्री शिवाजी पटेल ने विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की।

सहारा समूह पर एफआईआर को लेकर सवाल
प्रश्नकाल के दौरान जयवर्धन सिंह ने वर्ष 2020 से अब तक सहारा इंडिया के खिलाफ दर्ज एफआईआर की संख्या और की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। उनका कहना था कि सरकार द्वारा दी गई जानकारी अपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने केवल भोपाल से संबंधित प्रकरणों की जानकारी दी है, जबकि उनके पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले छह वर्षों में 123 एफआईआर दर्ज हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे निवेशकों की गाढ़ी कमाई इस मामले में फंसी हुई है, इसलिए सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए।

सरकार का जवाब और सुप्रीम कोर्ट का हवाला
मंत्री शिवाजी पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि यह गंभीर और चिंताजनक विषय है, क्योंकि बड़ी संख्या में छोटे निवेशकों की राशि इसमें अटकी है। उन्होंने बताया कि विधानसभा सचिवालय द्वारा 1 जनवरी 2024 तक की स्थिति मांगी गई थी, जिसके अनुसार चार नई एफआईआर दर्ज हुई हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। मुख्य प्रकरण कोतवाली मुरैना में दर्ज है और अन्य संबंधित प्रकरण उसी में संलग्न कर जांच की जा रही है। पुलिस नियमानुसार सभी मामलों की जांच कर रही है।

6679 करोड़ में से केवल 355 करोड़ वितरित
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस प्रकरण में अब तक 9 लाख 6 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 7.30 लाख आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। राशि के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि कुल 6679 करोड़ रुपये में से अब तक 355 करोड़ रुपये निवेशकों को वितरित किए गए हैं। इस पर जयवर्धन सिंह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कुल राशि का मात्र लगभग 5 प्रतिशत है। उनके अनुसार करीब 6300 करोड़ रुपये अभी भी निवेशकों को मिलना बाकी है, जो सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए।
11:43 AM, 25-Feb-2026

सिंगरौली में पेड़ कटाई से नहीं होगा एक पैसे का नुकसान: विधायक रामनिवास शाह

सिंगरौली में पेड़ कटाई के मुद्दे पर विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि इससे जिले को “एक पैसे का भी नुकसान” नहीं होगा। उनका कहना है कि स्थानीय जनता की मुख्य चिंता विस्थापन और उसके अधिकारों को लेकर है, और सरकार इन अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि चर्चा पेड़ कटाई पर नहीं, बल्कि विस्थापन और मुआवजे (कंपनसेशन) की समस्या पर होनी चाहिए। सरकार की प्राथमिकता भी यही है कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और पुनर्वास मिले। शाह ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए पेड़ कटेंगे और परियोजनाएं बनेंगी, लेकिन मूलभूत समस्याओं के समाधान पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। विधायक ने कहा कि सिंगरौली में कंपनियों का आना कोई नई बात नहीं है। अडानी पहली बार नहीं आई है, इससे पहले भी कई कंपनियां यहां काम कर चुकी हैं।

कांग्रेस के विरोध पर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। जब उनसे कहा जा रहा है कि उनका प्रतिनिधिमंडल संबंधित पक्षों से मिलकर अपनी समस्याएं रखे, तो वे इसके लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।

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