{"_id":"6a59177d6ac73e74d00eabd0","slug":"cyber-fraud-bhopal-youth-duped-of-rs-18-lakh-by-pretending-to-be-romantically-involved-on-a-dating-app-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर फ्रॉड: डेटिंग ऐप पर इश्क का झांसा देकर भोपाल के युवक से 18 लाख की ठगी, पाकिस्तान से जुड़े तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर फ्रॉड: डेटिंग ऐप पर इश्क का झांसा देकर भोपाल के युवक से 18 लाख की ठगी, पाकिस्तान से जुड़े तार
Thu, 16 Jul 2026 11:10 PM IST
भोपाल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: भोपाल ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:10 PM IST
सार
भोपाल में डेटिंग ऐप के जरिए युवक को प्रेमजाल में फंसाकर 18 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर रकम ऐंठी गई। जांच में ठगी के तार पाकिस्तान से संचालित साइबर गिरोह से जुड़ने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
साइबर क्राइम।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वर्चुअल दुनिया में इश्क का इजहार अब सीधे बैंक खातों पर वार कर रहा है। भोपाल में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक को डेटिंग ऐप पर मोहब्बत के जाल में फंसाकर 18 लाख की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हाइटेक ठगी की साजिश के तार सीमा पार पाकिस्तान से संचालित एक संगठित साइबर नेटवर्क से जुड़े होने के मजबूत संकेत मिले हैं। फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस ने इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी है।
कोतवाली एसीपी संतोष कुमार पटेल के अनुसार, पीड़ित शुभम नामदेव मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली का रहने वाला है। वह वर्तमान में भोपाल के शंकराचार्य नगर बजरिया में रह रहा है। कुछ समय पहले शुभम की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर खुद को मुंबई की निवासी बताने वाली एक कथित युवती से हुई। धीरे-धीरे यह बातचीत दोस्ती से होते हुए गहरे प्रेम संबंधों में बदल गई। ठग ने बेहद शातिर तरीके से शुभम का भरोसा जीत लिया, ताकि वह उसकी किसी भी बात पर शक न करे।
ये भी पढ़ें- शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा निर्माण में खामी के आरोपों पर धर्मस्व मंत्री ने दिया जवाब
विज्ञापन
मुनाफे का मायाजाल और 18 लाख की ठगी
जब विश्वास पूरी तरह मजबूत हो गया, तो कथित युवती ने शुभम को कम समय में दोगुना मुनाफा कमाने का लालच देकर ऑनलाइन बिजनेस में निवेश करने की सलाह दी। आरोपी के कहने पर शुभम ने एक फर्जी वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाया और शुरुआती तौर पर 1.5 लाख का निवेश किया। ठगों ने चालाकी दिखाते हुए उस वेबसाइट के डैशबोर्ड पर शुभम को 30,000 का फर्जी मुनाफा दिखा दिया। इस मुनाफे को सच मानकर शुभम जालसाजों के चंगुल में पूरी तरह फंस गया। इसके बाद, महिला के कहने पर उसने अलग-अलग किश्तों में विभिन्न यूपीआई, आईडी और बैंक खातों में कुल 18 लाख ट्रांसफर कर दिए। शुभम ने अपनी जमा पूंजी और मुनाफे की रकम वापस निकालने का प्रयास किया। पैसे वापस करने के बजाय आरोपी ने उसे ई-मेल के जरिए उसका अकाउंट ब्लॉक करने की धमकी दी और विड्रॉल प्रोसेस के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी। बार-बार पैसे मांगे जाने और टालमटोल रवैये से शुभम को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने तुरंत साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तकनीकी तफ्तीश शुरू की। एसीपी संतोष कुमार पटेल ने बताया कि आईपी एड्रेस, ई-मेल लॉग्स, डिजिटल ट्रांजेक्शन और बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ने पर इस फ्रॉड के तार पाकिस्तान से संचालित एक संगठित साइबर सिंडिकेट से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस उन बैंक खातों और यूपीआई आईडी को फ्रीज करवा रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने देश के अन्य किन राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाया है।
विज्ञापन
कोतवाली एसीपी संतोष कुमार पटेल के अनुसार, पीड़ित शुभम नामदेव मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली का रहने वाला है। वह वर्तमान में भोपाल के शंकराचार्य नगर बजरिया में रह रहा है। कुछ समय पहले शुभम की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर खुद को मुंबई की निवासी बताने वाली एक कथित युवती से हुई। धीरे-धीरे यह बातचीत दोस्ती से होते हुए गहरे प्रेम संबंधों में बदल गई। ठग ने बेहद शातिर तरीके से शुभम का भरोसा जीत लिया, ताकि वह उसकी किसी भी बात पर शक न करे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा निर्माण में खामी के आरोपों पर धर्मस्व मंत्री ने दिया जवाब
विज्ञापन
मुनाफे का मायाजाल और 18 लाख की ठगी
जब विश्वास पूरी तरह मजबूत हो गया, तो कथित युवती ने शुभम को कम समय में दोगुना मुनाफा कमाने का लालच देकर ऑनलाइन बिजनेस में निवेश करने की सलाह दी। आरोपी के कहने पर शुभम ने एक फर्जी वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाया और शुरुआती तौर पर 1.5 लाख का निवेश किया। ठगों ने चालाकी दिखाते हुए उस वेबसाइट के डैशबोर्ड पर शुभम को 30,000 का फर्जी मुनाफा दिखा दिया। इस मुनाफे को सच मानकर शुभम जालसाजों के चंगुल में पूरी तरह फंस गया। इसके बाद, महिला के कहने पर उसने अलग-अलग किश्तों में विभिन्न यूपीआई, आईडी और बैंक खातों में कुल 18 लाख ट्रांसफर कर दिए। शुभम ने अपनी जमा पूंजी और मुनाफे की रकम वापस निकालने का प्रयास किया। पैसे वापस करने के बजाय आरोपी ने उसे ई-मेल के जरिए उसका अकाउंट ब्लॉक करने की धमकी दी और विड्रॉल प्रोसेस के नाम पर और पैसों की मांग शुरू कर दी। बार-बार पैसे मांगे जाने और टालमटोल रवैये से शुभम को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने तुरंत साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तकनीकी तफ्तीश शुरू की। एसीपी संतोष कुमार पटेल ने बताया कि आईपी एड्रेस, ई-मेल लॉग्स, डिजिटल ट्रांजेक्शन और बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ने पर इस फ्रॉड के तार पाकिस्तान से संचालित एक संगठित साइबर सिंडिकेट से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस उन बैंक खातों और यूपीआई आईडी को फ्रीज करवा रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने देश के अन्य किन राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाया है।
