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Ujjain: एकादशी पर बाबा महाकाल की भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब, सूर्य-चंद्रमा और भांग से हुआ विशेष शृंगार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Sun, 09 Aug 2026 07:26 AM IST
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श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर आज रविवार सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस दौरान भक्तों ने देर रात से ही लाइन में लगकर अपने इष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शन किए। आज बाबा महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए रात तीन बजे जागे। उनका आलोकिक श्रृंगार कर भस्म रमाई गई। भक्तों ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, जिससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।
एकादशी पर तीन बजे रात शुरू हुई भस्मआरती
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर आज रात 3 बजे भस्म आरती शुरू हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का भव्य स्वरूप में शृंगार कर कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट धारण कराया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई और फिर झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्म आरती हुई।
आज के शृंगार की विशेषता यह थी कि पूजन-अर्चन के बाद बाबा महाकाल का आलौकिक स्वरूप नजर आया। आज बाबा महाकाल का सूर्य, चंद्रमा और भांग से विशेष श्रृंगार किया गया। इन आलौकिक दर्शनों का लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने लिया। इस दौरान मंदिर में जय श्री महाकाल की गूंज गुंजायमान हो गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं।
यह है आरती का समय
भस्म आरती सुबह 3 से 6 बजे तक
दद्योदक आरती प्रात: 7 से 7:45 बजे तक
भोग आरती प्रात: 10 से 10:45 बजे तक
संध्या पूजन सायं 5 से 5:45 बजे तक
संध्या आरती सायं 7:00 से 7:45 बजे तक
शयन आरती रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
महाकालेश्वर मंदिर में आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा।
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