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Damoh News: झील और झरनों के 50 मीटर दूर से होंगे दीदार, तेंदूखेड़ा एसडीएम ने क्यों जारी किया यह आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sat, 28 Jun 2025 08:22 AM IST
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सार
बारिश के मौसम में दमोह के लोग झरनों और झीलों पर घूमने जा रहे हैं। पूर्व में हुए हादसों को देखते हुए तेंदूखेड़ा एसडीएम ने झरनों से 50 मीटर की दूरी बनाए रखने के आदेश जारी किए हैं। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दमोह जिले के सौंदर्य स्थल
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विस्तार
बारिश का मौसम शुरू होते ही दमोह जिले में जंगली झरने और झील के दीदार के लिए लोग पर्यटन स्थलों पर पहुंचने लगे हैं। जिसे देखते हुए तेंदूखेड़ा एसडीएम ने एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत 50 मीटर दूर से झरनों के दीदार हो सकेंगे। पूर्व वर्षों में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए तेंदूखेड़ा एसडीएम सौरभ गंधर्व ने यह आदेश जारी किया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
तेंदूखेड़ा ब्लॉक से लगे जंगली और ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक झीलें और झरने हैं, जिनमें बारिश के दिनों में पर्याप्त पानी भर जाता है। इनकी सुंदरता देखने लायक होती है। लोग यह नजारा देखने दूर-दूर से बड़ी संख्या में आते हैं। लेकिन, पूर्व में हुई घटनाओं में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। ऐसे में इन क्षेत्रों में घूमने और खतरनाक जगहों पर जाने के लिए प्रशासन ने अंकुश लगाया है। तेंदूखेड़ा एसडीएम ने एक पत्र भी जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ऐसी किसी भी जगह पर जाने की अनुमति नहीं है, जहां पूर्व में घटनाएं या हादसे हो चुके हैं।
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यहां हैं सौंदर्य स्थल
ऐसा नहीं करें
उपखंड मजिस्ट्रेट तेंदूखेड़ा द्वारा जारी पत्र में झरनों व जलस्थलों के 50 मीटर के भीतर प्रवेश को प्रतिबंधित किया गया है। पत्र में लिखा गया है कि ये नियम उन स्थानों पर लागू होंगे जो दुर्घटना संभावित हैं। इन स्थलों पर लोग न तो प्रवेश करें, न ही करीब जाकर सेल्फी लें और न ही वीडियोग्राफी करें। क्योंकि पूर्व में कई घटनाएं सेल्फी और वीडियोग्राफी के दौरान हुई हैं। ऐसे स्थानों पर स्नान करना और बैठना भी प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे स्थानों से 50 मीटर दूर रहना अनिवार्य होगा। वाहन लेकर जाना भी प्रतिबंधित किया गया है।
जो उल्लंघन करेगा, उस पर कार्रवाई करेंगे
तेंदूखेड़ा एसडीएम सौरभ गंधर्व ने बताया कि बारिश के दिनों में झील, झरने या जलस्थलों पर लोग बड़ी संख्या में जाते हैं। पूर्व वर्षों में यहां घटनाएं हुई हैं। भविष्य में ऐसे हादसों पर अंकुश लगाने के लिए यह पत्र जारी किया गया है। जो उल्लंघन करेगा, उस पर भारतीय नागरिक न्याय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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तेंदूखेड़ा ब्लॉक से लगे जंगली और ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक झीलें और झरने हैं, जिनमें बारिश के दिनों में पर्याप्त पानी भर जाता है। इनकी सुंदरता देखने लायक होती है। लोग यह नजारा देखने दूर-दूर से बड़ी संख्या में आते हैं। लेकिन, पूर्व में हुई घटनाओं में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। ऐसे में इन क्षेत्रों में घूमने और खतरनाक जगहों पर जाने के लिए प्रशासन ने अंकुश लगाया है। तेंदूखेड़ा एसडीएम ने एक पत्र भी जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ऐसी किसी भी जगह पर जाने की अनुमति नहीं है, जहां पूर्व में घटनाएं या हादसे हो चुके हैं।
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यहां हैं सौंदर्य स्थल
- बगदरी फॉल: यह तेंदूखेड़ा से लगभग 18 किलोमीटर दूर जबलपुर मार्ग पर पड़ता है। बारिश शुरू होते ही यहां झरने और पानी का बहाव अद्भुत सुंदरता के साथ नजर आता है। पूर्व में यहां बारिश के दिनों में बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ पहुंचते थे, लेकिन दस वर्ष पूर्व जबलपुर का एक परिवार झरना देखने नीचे उतर गया था। उसी समय तेज बहाव आ गया और एक ही परिवार के पांच लोग उसमें बह गए थे। बाद में उनके शव बरामद हुए।
- किशनगढ़ की खाई: यहां भी बारिश के दिनों में अद्भुत दृश्य के साथ झरना बहता है। दूर-दराज के लोग इस स्थान पर आकर उसका नजारा देखते हैं और सेल्फी लेते हैं। यहां भी पूर्व में एक-दो घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा भी कई नदी, तालाब हैं, जिनमें ऐसे स्थान हैं जहां लोग बारिश के दिनों में जाना शुरू कर देते हैं, मगर ये स्थान हादसों से कम नहीं हैं। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को लेकर तेंदूखेड़ा एसडीएम ने पत्र जारी कर उन्हें जागरूक किया है।
ऐसा नहीं करें
उपखंड मजिस्ट्रेट तेंदूखेड़ा द्वारा जारी पत्र में झरनों व जलस्थलों के 50 मीटर के भीतर प्रवेश को प्रतिबंधित किया गया है। पत्र में लिखा गया है कि ये नियम उन स्थानों पर लागू होंगे जो दुर्घटना संभावित हैं। इन स्थलों पर लोग न तो प्रवेश करें, न ही करीब जाकर सेल्फी लें और न ही वीडियोग्राफी करें। क्योंकि पूर्व में कई घटनाएं सेल्फी और वीडियोग्राफी के दौरान हुई हैं। ऐसे स्थानों पर स्नान करना और बैठना भी प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे स्थानों से 50 मीटर दूर रहना अनिवार्य होगा। वाहन लेकर जाना भी प्रतिबंधित किया गया है।
जो उल्लंघन करेगा, उस पर कार्रवाई करेंगे
तेंदूखेड़ा एसडीएम सौरभ गंधर्व ने बताया कि बारिश के दिनों में झील, झरने या जलस्थलों पर लोग बड़ी संख्या में जाते हैं। पूर्व वर्षों में यहां घटनाएं हुई हैं। भविष्य में ऐसे हादसों पर अंकुश लगाने के लिए यह पत्र जारी किया गया है। जो उल्लंघन करेगा, उस पर भारतीय नागरिक न्याय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कार्रवाई की जाएगी।



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