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Damoh News: आ गया मानसून नहीं बन पाया पठाघाट पुल, 18 गांव के लोगों के लिए बढ़ी परेशानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sun, 22 Jun 2025 09:59 AM IST
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सार
गर्मियों में बनी अस्थाई कच्ची सड़क भी अब बारिश में बहने की कगार पर है। पूर्व में निम्न ऊंचाई का पुल थोड़ी बारिश में डूब जाता था, जिसे ऊंचा बनाने का कार्य इस साल शुरू किया गया। लेकिन निर्माण की गति धीमी होने से ग्रामीणों को 12 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ सकता है।
अधूरा पड़ा पुल निर्माण।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक में आने पठाघाट का पुल निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ, जबकि बारिश का मौसम शुरू हो गया है। पुल के उस पार बसे 18 गांव के लोगों की चिंता बड़ गई है, क्योंकि आवागमन के लिए नदी से अस्थाई मार्ग बना है जो बंद हो जाएगा। बता दें यह पुल जब उफान पर आता है तो हफ्तों तक पानी में डूबा रहता है, जिससे हजारों लोगों की आवाजाही बाधित होती है।
तेंदूखेड़ा से जाने वाले जामुनखेड़ा मार्ग पर गौरैया नदी पर पठाघाट पुल है। पूर्व में यह पुल बहुत नीचे था जो थोड़ी सी बारिश में डूब जाता था। इस वर्ष पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन मानसून आने के पूर्व तक यह पुल अधूरा पड़ा है और अंदाजा यह लगाया जा रहा है कि इस वर्ष पुल का निर्माण पूर्ण नहीं हो पाएगा।
गर्मियों के दिनों में ग्रामीणों ने नदी के बीच बनी कच्ची सड़क से आवागमन शुरू कर दिया था, लेकिन अब बारिश के दिनों में यह मार्ग भी बंद हो जाएगा, जबकि पठाघाट के उस पार लगभग एक दर्जन से अधिक गांव बसे हुए हैं। उनके आवागमन का मात्र एक रास्ता यही था। यदि यह मार्ग बंद हो जाता है तो लोगों को आवागमन करने के लिए दूसरा रास्ता तय करना पड़ेगा। उसकी दूरी 12 किलोमीटर है।
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दूसरी तरफ बसे यह गांव
जामुनखेड़ा सहित दर्जनों गांव नदी के दूसरी तरफ बसे हैं, जिनका हर कार्य तेंदूखेड़ा नगर से होता है। चाहे इलाज कराना हो या फिर बच्चों की पढ़ाई लिखाई या फिर कोई अन्य कार्य इन सभी के लिए ग्रामीणों को तेंदूखेड़ा आना होता है। इस वर्ष यह मार्ग बंद रहता है तो जामुनखेड़ा, बुंदेला, खगोरिया, गोहची, देवरी निजाम, नन्हीं देवरी, खमरिया कला, दलपत खेड़ा, अजीतपुर, मानपूरा, बैलवाडा, पटी और अन्य गांव में रहने वाले ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। जिस स्थिति में अभी पुल हैं उसको देखने से यह कह सकते हैं कि पुल बारिश के पूर्व चालू नहीं हो पाएगा। कार्य कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि प्रयास रहेगा कि पुल बारिश के पूर्व इतना तैयार हो जाए कि बारिश होने पर ग्रामीणों का आवागमन हो सके। उसके लिए हम लोग पूरे समय कार्य कर रहे हैं।
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ये बोले ग्रामीण
बैलवाडा निवासी भगवान सिंह लोधी ने बताया तेंदूखेड़ा जाने के लिए एक मात्र रास्ता है जो पठाघाट पुल से होकर गुजरता है। पूर्व में यह कम ऊंचाई वाला पुल था जो बारिश के समय में अधिकाश दिनों तक डूबा रहता था। ऊंचाई के पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन अभी अधूरा है। जिस दिन तेज बारिश हो जाती है तो नदी में पानी भर जायेगा और आवागमन बंद हो जायेगा।
पुल का निर्माण प्रधानमंत्री प्राधिकरण विभाग के माध्यम से हो रहा है। प्रधानमंत्री प्राधिकरण की प्रबंधक रंजिता सिंह ने बताया पुल निर्माण का कार्य तीव्रता से कराया जा रहा है। 30 जून तक प्रयास रहेगा पुल से आवागमन चालू हो जाये।
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तेंदूखेड़ा से जाने वाले जामुनखेड़ा मार्ग पर गौरैया नदी पर पठाघाट पुल है। पूर्व में यह पुल बहुत नीचे था जो थोड़ी सी बारिश में डूब जाता था। इस वर्ष पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन मानसून आने के पूर्व तक यह पुल अधूरा पड़ा है और अंदाजा यह लगाया जा रहा है कि इस वर्ष पुल का निर्माण पूर्ण नहीं हो पाएगा।
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गर्मियों के दिनों में ग्रामीणों ने नदी के बीच बनी कच्ची सड़क से आवागमन शुरू कर दिया था, लेकिन अब बारिश के दिनों में यह मार्ग भी बंद हो जाएगा, जबकि पठाघाट के उस पार लगभग एक दर्जन से अधिक गांव बसे हुए हैं। उनके आवागमन का मात्र एक रास्ता यही था। यदि यह मार्ग बंद हो जाता है तो लोगों को आवागमन करने के लिए दूसरा रास्ता तय करना पड़ेगा। उसकी दूरी 12 किलोमीटर है।
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दूसरी तरफ बसे यह गांव
जामुनखेड़ा सहित दर्जनों गांव नदी के दूसरी तरफ बसे हैं, जिनका हर कार्य तेंदूखेड़ा नगर से होता है। चाहे इलाज कराना हो या फिर बच्चों की पढ़ाई लिखाई या फिर कोई अन्य कार्य इन सभी के लिए ग्रामीणों को तेंदूखेड़ा आना होता है। इस वर्ष यह मार्ग बंद रहता है तो जामुनखेड़ा, बुंदेला, खगोरिया, गोहची, देवरी निजाम, नन्हीं देवरी, खमरिया कला, दलपत खेड़ा, अजीतपुर, मानपूरा, बैलवाडा, पटी और अन्य गांव में रहने वाले ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। जिस स्थिति में अभी पुल हैं उसको देखने से यह कह सकते हैं कि पुल बारिश के पूर्व चालू नहीं हो पाएगा। कार्य कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि प्रयास रहेगा कि पुल बारिश के पूर्व इतना तैयार हो जाए कि बारिश होने पर ग्रामीणों का आवागमन हो सके। उसके लिए हम लोग पूरे समय कार्य कर रहे हैं।
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ये बोले ग्रामीण
बैलवाडा निवासी भगवान सिंह लोधी ने बताया तेंदूखेड़ा जाने के लिए एक मात्र रास्ता है जो पठाघाट पुल से होकर गुजरता है। पूर्व में यह कम ऊंचाई वाला पुल था जो बारिश के समय में अधिकाश दिनों तक डूबा रहता था। ऊंचाई के पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन अभी अधूरा है। जिस दिन तेज बारिश हो जाती है तो नदी में पानी भर जायेगा और आवागमन बंद हो जायेगा।
पुल का निर्माण प्रधानमंत्री प्राधिकरण विभाग के माध्यम से हो रहा है। प्रधानमंत्री प्राधिकरण की प्रबंधक रंजिता सिंह ने बताया पुल निर्माण का कार्य तीव्रता से कराया जा रहा है। 30 जून तक प्रयास रहेगा पुल से आवागमन चालू हो जाये।

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