Pitambara Peeth Datia: पीतांबरा पीठ मंदिर में पंडागिरी पर सख्ती, शिवालय क्षेत्र में पटवारियों की निगरानी शुरू
दतिया के विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ मंदिर में बढ़ती पंडागिरी और अव्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। शिवालय क्षेत्र में अब पटवारियों की ड्यूटी लगाकर तथाकथित साधकों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी।
विस्तार
मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ मंदिर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। मंदिर परिसर में शिवालय के आसपास बैठने वाले तथाकथित साधकों की गतिविधियों पर अब प्रशासन सीधे निगरानी करेगा। इसके लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था करते हुए पटवारियों की ड्यूटी लगाई है, जो समय-समय पर मंदिर परिसर का निरीक्षण करेंगे।
प्रशासन के अनुसार पिछले कुछ समय से मंदिर परिसर में कई लोग साधना के नाम पर शिवालय और अन्य स्थानों पर बैठने लगे हैं। इससे दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीड़ और अव्यवस्था के कारण किसी अप्रिय घटना की आशंका भी बनी रहती है। इसी को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने पहले ही एक सूचना जारी कर मंदिर परिसर में चस्पा की थी।
सूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि जो साधक मंदिर परिसर में साधना करना चाहते हैं, वे निर्धारित स्थान पर ही बैठें। मंदिर प्रबंधन ने इसके लिए अलग-अलग स्थान चिन्हित कर दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न हो। साथ ही साधकों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था भी की गई है।
'साधना के नाम पर निजी स्वार्थ और व्यापार चलाने की कोशिश'
इसके बावजूद कुछ तथाकथित साधक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और मंदिर परिसर में मनमर्जी से कहीं भी बैठकर जप और साधना करने लगते हैं। प्रशासन का कहना है कि कई लोग साधना के नाम पर निजी स्वार्थ और व्यापार चलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर में पंडागिरी बढ़ रही है। इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होने के साथ-साथ मंदिर की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए मंदिर के शिवालय क्षेत्र में पटवारियों की ड्यूटी लगा दी है। ये पटवारी निर्धारित समय पर मंदिर परिसर का निरीक्षण करेंगे और वहां बैठने वाले साधकों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसकी फोटो और वीडियो बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी।
जिला प्रशासन ने जानें क्या कहा?
प्रशासन का कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है या मंदिर परिसर में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य किसी की धार्मिक गतिविधियों को रोकना नहीं, बल्कि व्यवस्था बनाए रखना और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और साधकों से अपील की है कि वे मंदिर परिसर में बनाए गए नियमों का पालन करें और निर्धारित स्थान पर ही बैठें, ताकि मंदिर परिसर में अनुशासन बना रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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