MP: भाण्डेर में मजिस्ट्रेट की कार रोकी, बाइक सवार ने दी जान से मारने की धमकी; कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
दतिया जिले के भाण्डेर कस्बे में न्यायालय से लौट रहे मजिस्ट्रेट की कार को एक अज्ञात बाइक सवार ने बीच रास्ते में रोककर अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
विस्तार
मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दतिया जिले के भाण्डेर कस्बे में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब न्यायालय से लौट रहे एक मजिस्ट्रेट की कार को एक अज्ञात बाइक सवार ने बीच रास्ते में रोक लिया। आरोपी ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि मजिस्ट्रेट को डराने और हमला करने का भी प्रयास किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हनुमतपुरा मोहल्ला निवासी गोलू शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे सोमवार शाम न्यायालय से मजिस्ट्रेट को उनके शासकीय आवास तक छोड़ने जा रहे थे। कार में न्यायिक कर्मचारी दयाशंकर शर्मा भी मौजूद थे। शाम करीब 5:45 बजे जब कार तहसील कार्यालय के सामने पहुंची, तभी अचानक एक युवक बाइक लेकर सामने आ गया और जानबूझकर कार के आगे वाहन खड़ा कर दिया।
शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए
ड्राइवर के अनुसार, जब उन्होंने कार से उतरकर युवक से बाइक हटाने को कहा, तो वह भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब आरोपी ने कार में बैठे मजिस्ट्रेट को देखकर उन्हें धमकाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक ने कार के शीशे पर मुक्के भी मारे और जान से मारने की धमकी दी। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए।
भीड़ बढ़ती देख आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
क्या जानबूझकर अंजाम दिया गया यह कृत्य?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जा सके। प्रारंभिक जांच में घटना को जानबूझकर अंजाम दिया गया कृत्य माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें- MP News: आदिवासी वोटरों को साधने में जुटी मोहन सरकार, निकाय चुनावों पर पैनी नजर, बड़वानी बैठक से मिले संकेत
इस घटना ने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खुलेआम मजिस्ट्रेट की गाड़ी रोकी जा सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि दतिया जिले में हाल के दिनों में हत्या, गोलीबारी और मारपीट जैसी आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में न्यायिक अधिकारी को धमकी दिए जाने की घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।

कमेंट
कमेंट X