{"_id":"64c7a10ed23f6e7fc7059253","slug":"190-people-from-35-families-adopted-hinduism-in-nemavar-of-dewas-years-ago-ancestors-had-changed-religion-2023-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"मो. शाह अब बने रामसिंह: नेमावर में 35 परिवारों के 190 लोगों की 'घर वापसी', सालों पहले पूर्वजों ने बदला था धर्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मो. शाह अब बने रामसिंह: नेमावर में 35 परिवारों के 190 लोगों की 'घर वापसी', सालों पहले पूर्वजों ने बदला था धर्म
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 31 Jul 2023 05:24 PM IST
विज्ञापन
सार
नर्मदा के तट पर बसे नेमावर में सोमवार सुबह पास के एक गांव के 35 परिवारों के 190 लोगों ने हिंदू धर्म में वापसी की है। ये लोग घुमंतू समाज से संबंधित हैं।
देवास में 190 लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
विस्तार
मध्यप्रदेश के देवास जिले में 35 परिवारों ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया है। इस दौरान हिंदू रीति रिवाज से वापसी कराई गई। मुंडन, नर्मदा स्नान, यज्ञोपवीत कार्यक्रम तथा हवन संपन्न हुए। इनमें लगभग 55 पुरुष, 50 महिलाएं और शेष बच्चे सम्मिलित हैं।
धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों का कहना है कि हमारे पूर्वज पूर्वज पूर्व में किसी कारण से मुस्लिम हो गए थे, किंतु हमारी रगों में हिंदुत्व ही बहता रहा। हम कुलदेवी चामुंडा का पूजन करते थे, विवाह की पद्धति भी हिंदू परिवारों की ही तरह रहती थी।
जानकारी के मुताबिक नर्मदा के तट पर बसे नेमावर में सोमवार सुबह पास के एक गांव के 35 परिवारों के 190 लोगों ने हिंदू धर्म में वापसी की है। ये लोग घुमंतू समाज से संबंधित हैं। वापसी इसलिए, क्योंकि इन परिवारों के पूर्वज पहले हिंदू ही थे, पर किन्हीं कारणों से मुस्लिम बन गए थे। 35 परिवारों के लगभग 190 लोगों के स्वधर्म वापसी के समय नेमावर के संत श्री रामस्वरूप दास शास्त्री और रतलाम के संत श्री आनंद गिरि महाराज उपस्थित रहें। कार्यक्रम के दौरान मुंडन, नर्मदा स्नान, यज्ञोपवीत कार्यक्रम तथा हवन संपन्न हुआ।
अपने घर वापसी पर अनुभव साझा करते हुए रामसिंह (पूर्व में मोहम्मद शाह) ने कहा कि हमारे पूर्वज भले ही परिस्थितिवश मुस्लिम हो गए थे पर हमारे रक्त में हिंदू संस्कार ही प्रवाहित हो रहे हैं आज अपने स्वधर्म में वापसी से हमें अत्यंत हर्ष है। सभी लोग स्वधर्म में वापसी पर आह्लादित दिखे।
Trending Videos
धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों का कहना है कि हमारे पूर्वज पूर्वज पूर्व में किसी कारण से मुस्लिम हो गए थे, किंतु हमारी रगों में हिंदुत्व ही बहता रहा। हम कुलदेवी चामुंडा का पूजन करते थे, विवाह की पद्धति भी हिंदू परिवारों की ही तरह रहती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक नर्मदा के तट पर बसे नेमावर में सोमवार सुबह पास के एक गांव के 35 परिवारों के 190 लोगों ने हिंदू धर्म में वापसी की है। ये लोग घुमंतू समाज से संबंधित हैं। वापसी इसलिए, क्योंकि इन परिवारों के पूर्वज पहले हिंदू ही थे, पर किन्हीं कारणों से मुस्लिम बन गए थे। 35 परिवारों के लगभग 190 लोगों के स्वधर्म वापसी के समय नेमावर के संत श्री रामस्वरूप दास शास्त्री और रतलाम के संत श्री आनंद गिरि महाराज उपस्थित रहें। कार्यक्रम के दौरान मुंडन, नर्मदा स्नान, यज्ञोपवीत कार्यक्रम तथा हवन संपन्न हुआ।
अपने घर वापसी पर अनुभव साझा करते हुए रामसिंह (पूर्व में मोहम्मद शाह) ने कहा कि हमारे पूर्वज भले ही परिस्थितिवश मुस्लिम हो गए थे पर हमारे रक्त में हिंदू संस्कार ही प्रवाहित हो रहे हैं आज अपने स्वधर्म में वापसी से हमें अत्यंत हर्ष है। सभी लोग स्वधर्म में वापसी पर आह्लादित दिखे।

कमेंट
कमेंट X