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MP News: सरकारी आदेश में मंत्री का 'घंटा' वाला बयान, लेटर हुआ वायरल, देवास एसडीएम निलंबित; क्या है पूरा मामला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास Published by: देवास ब्यूरो Updated Mon, 05 Jan 2026 10:57 AM IST
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सार

देवास एसडीएम आनंद मालवीय द्वारा जारी एक आदेश में सरकार विरोधी आरोप और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। उज्जैन संभाग आयुक्त ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए एसडीएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

MP News: Controversial statement in government order, Dewas SDM suspended.
निलंबित एसडीएम आनंद मालवीय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश की नौकरशाही में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब देवास के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) आनंद मालवीय द्वारा जारी एक सरकारी आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आदेश में प्रशासनिक भाषा की जगह सरकार विरोधी आरोप, आंकड़े और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी शामिल थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने एसडीएम आनंद मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

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क्या है पूरा मामला
दरअसल 3 जनवरी 2026 को देवास एसडीएम कार्यालय से आदेश क्रमांक 44/रीडर-1/2026 जारी किया गया था। यह आदेश कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अधिकारियों की ड्यूटी लगाने से संबंधित था। हालांकि, आदेश की भाषा ने सभी को चौंका दिया। एसडीएम आनंद मालवीय द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में लिखा गया कि इंदौर में भाजपा शासित नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए कथित गंदे पानी से 14 लोगों की मौत हुई है और 2800 लोग उपचाररत हैं। साथ ही, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकार के प्रश्न के उत्तर में दिए गए शब्द ‘घंटा’ को अमानवीय और निरंकुश बताया गया। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर भाजपा सांसदों और विधायकों के घरों के सामने ‘घंटा’ बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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आदेश की भाषा पर उठे सवाल
आमतौर पर प्रशासनिक आदेशों में केवल प्रदर्शन की सूचना और ड्यूटी विवरण होता है, लेकिन इस आदेश में प्रदर्शनकारी दल की भाषा, आरोप और आंकड़े शामिल कर दिए गए, जो संभवतः कांग्रेस के ज्ञापन या प्रेस नोट का हिस्सा थे। यही वजह रही कि मामला गंभीर प्रशासनिक चूक के रूप में देखा गया। कमिश्नर ने माना गंभीर लापरवाही जैसे ही यह आदेश उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, देवास कलेक्टर ने 4 जनवरी 2026 को पत्र क्रमांक 23 के माध्यम से संभागायुक्त को रिपोर्ट भेजी। इसके बाद उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने 4 जनवरी 2026 को निलंबन आदेश क्रमांक 41/स्था-दो/2026 जारी किया। निलंबन आदेश में कहा गया कि बिना परीक्षण किए संवेदनशील विषय पर गलत आंकड़ों का प्रयोग किया गया। यह कृत्य पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही है। यह मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कदाचरण की श्रेणी में आता है।

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उज्जैन रहेगा मुख्यालय
एसडीएम आनंद मालवीय को म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभाग आयुक्त कार्यालय, उज्जैन रहेगा। इस दौरान वे केवल जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे।

एसडीएम आनंद मालवीय के आदेश से को लेकर कमिश्नर ने किया निलंबित

कॉपी-पेस्ट की गलती या बड़ी चूक?
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि यह मामला एक बड़ी लिपिकीय त्रुटि का हो सकता है, जिसमें प्रदर्शनकारियों के ज्ञापन की भाषा को ही सरकारी आदेश में कॉपी-पेस्ट कर दिया गया और एसडीएम ने बिना पढ़े उस पर हस्ताक्षर कर दिए। हालांकि, सरकारी दस्तावेज में मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों और सरकार के विरुद्ध मौतों के आंकड़े लिखे जाने को प्रशासन ने अक्षम्य माना, जिसके चलते यह सख्त कार्रवाई की गई।

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