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MP News: धार के इमामबाड़ा में हालात सामान्य, पुलिस ने कंट्रोल रूम बनाकर पुलिस बल किया तैनात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
Published by: धार ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 02:26 PM IST
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सार
धार के इमामबाड़ा में अब स्थिति सामान्य है। इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। साथ ही एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। मंगलवार को देर रात सोशल मीडिया पर फैली अफवाह के कारण यहां मुस्लिम समाज के युवा जमा हो गए थे। बाद में पुलिस की समझाइश के बाद वे घरों को वापस लौट गए। पूरा मामला इमामबाड़ा में ताजिया निर्माण को लेकर कोर्ट में चल रही सुनवाई से जुड़ा है।
इमामबाड़ा
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
धार के इमामबाड़ा क्षेत्र में मंगलवार की रात को हुए हंगामे के बाद अब स्थिति नियंत्रण में है। इलाके में पुलिसबल तैनात किया गया है। स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए पीडब्ल्यूडी भवन के सामने एक अत्याधुनिक मिनी कंट्रोल रूम बनाया गया है। साथ ही एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति कंट्रोल रूम में की गई है जिससे की गतिविधियों को नियंत्रण में रखा जा सके। यहां पर 24 घंटे पुलिसकर्मी मुस्तैद हैं। 20 जवानों की एक यूनिट 12-12 घंटे की ड्यूटी पर तैनात की गई है। वहीं इमामबाड़ा में ताजिया निर्माण को लेकर लगी याचिका पर अब 25 जून को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी जिसका इंतजार मुस्लिम समाज को है।
क्या था मामला?
दरसअल एक अदालती फैसले को लेकर धार में सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश मंगलवार को फैलाए गए। अफवाहों के कारण बडी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग इमामबाडा के बाहर एकत्रित हो गए। समाज के लोगों ने जमकर नारेबाजी की। हालात पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए नौगांव, कोतवाली और अन्य थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। डीआरपी लाइन से जवानों की तैनाती की गई, वहीं कमांडो को भी मौके पर बुलाया गया।
समझाइश के बाद माने युवा
एएसपी विजय डावर ने बताया कि पुलिस ने काफी देर तक युवाओं को समझाया। न्यायालय में चल रही सुनवाई की वास्तविक स्थिति से सबको अवगत कराया। पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद सभी युवा मान गए। अपने-अपने घरों की ओर लौट गए। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। पुलिस प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियात के तौर पर शहर के पीडब्ल्यूडी भवन, हटवाड़ा और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पॉइंट लगा दिए हैं। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।
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कोर्ट में क्या था केस
शहर के इमामबाड़े में ताजिया निर्माण की अनुमति को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता अया अंसारी उर्फ जिब्रान अंसारी और जाकिर मोहम्मद उर्फ बब्बू चाचा ने कोर्ट से मोहर्रम के दौरान 70 दिनों के लिए इमामबाड़े में अस्थायी रूप से ताजिया बनाने की अनुमति मांगी थी। इस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि यदि वे स्वयं को सरकारी ताजिया समिति का सदस्य बता रहे हैं तो इसका प्रमाण प्रस्तुत करें।
अफवाह के चलते मुस्लिम समाज हुआ था एकत्रित
ये भी पढ़ें- जमीन खरीद विवाद पर घिरे मोहन यादव: कांग्रेस का आरोप- CM बनने के बाद खरीदी 111 एकड़ जमीन, पूछा- पीएम चुप क्यों?
वहीं, शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सोनल गुप्ता ने दलील दी कि प्रशासन पहले ही अनुमति आवेदन खारिज में कर चुका है। शासन ने कोर्ट को बताया कि ताजिया निर्माण के लिए छोटा इमामबाड़ा और जमातखाना वैकल्पिक स्थान के रूप में उपलब्ध कराया गया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 जून को निर्धारित करते हुए याचिकाकर्ताओं को सदस्यता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस का कहना है कि कोर्ट में चली इसी सुनवाई को लेकर सोशल मीडिया में गलत जानकारी दी गई और इसके कारण इमामबाड़ इलाके में भीड़ जमा होने लगी। घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने बताया कि यह पूरी स्थिति महज एक गलतफहमी और शाम के समय वायरल हुए एक-दो मैसेजेस के कारण पैदा हुई।
क्या था मामला?
दरसअल एक अदालती फैसले को लेकर धार में सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश मंगलवार को फैलाए गए। अफवाहों के कारण बडी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग इमामबाडा के बाहर एकत्रित हो गए। समाज के लोगों ने जमकर नारेबाजी की। हालात पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए नौगांव, कोतवाली और अन्य थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। डीआरपी लाइन से जवानों की तैनाती की गई, वहीं कमांडो को भी मौके पर बुलाया गया।
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समझाइश के बाद माने युवा
एएसपी विजय डावर ने बताया कि पुलिस ने काफी देर तक युवाओं को समझाया। न्यायालय में चल रही सुनवाई की वास्तविक स्थिति से सबको अवगत कराया। पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद सभी युवा मान गए। अपने-अपने घरों की ओर लौट गए। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है। पुलिस प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियात के तौर पर शहर के पीडब्ल्यूडी भवन, हटवाड़ा और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पॉइंट लगा दिए हैं। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।
कोर्ट में क्या था केस
शहर के इमामबाड़े में ताजिया निर्माण की अनुमति को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता अया अंसारी उर्फ जिब्रान अंसारी और जाकिर मोहम्मद उर्फ बब्बू चाचा ने कोर्ट से मोहर्रम के दौरान 70 दिनों के लिए इमामबाड़े में अस्थायी रूप से ताजिया बनाने की अनुमति मांगी थी। इस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि यदि वे स्वयं को सरकारी ताजिया समिति का सदस्य बता रहे हैं तो इसका प्रमाण प्रस्तुत करें।
अफवाह के चलते मुस्लिम समाज हुआ था एकत्रित
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वहीं, शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सोनल गुप्ता ने दलील दी कि प्रशासन पहले ही अनुमति आवेदन खारिज में कर चुका है। शासन ने कोर्ट को बताया कि ताजिया निर्माण के लिए छोटा इमामबाड़ा और जमातखाना वैकल्पिक स्थान के रूप में उपलब्ध कराया गया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 जून को निर्धारित करते हुए याचिकाकर्ताओं को सदस्यता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस का कहना है कि कोर्ट में चली इसी सुनवाई को लेकर सोशल मीडिया में गलत जानकारी दी गई और इसके कारण इमामबाड़ इलाके में भीड़ जमा होने लगी। घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने बताया कि यह पूरी स्थिति महज एक गलतफहमी और शाम के समय वायरल हुए एक-दो मैसेजेस के कारण पैदा हुई।
