फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   epfo-regional-commissioner-satish-kumar-convicted-bribery-case

Sagar News: ईपीएफओ के पूर्व क्षेत्रीय आयुक्त को रिश्वत केस में पांच साल की सजा, अदालत ने की सख्त टिप्पणी

Fri, 31 Jul 2026 11:19 AM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: सागर ब्यूरो Updated Fri, 31 Jul 2026 11:19 AM IST
सार

सागर में ईपीएफओ के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त को बीड़ी कारोबारी से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए पांच साल के सश्रम कारावास और पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। 

विज्ञापन
epfo-regional-commissioner-satish-kumar-convicted-bribery-case
अदालत ने पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सागर के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को बीड़ी कारोबारी से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में दोषी करार देते हुए विशेष अदालत ने पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

विज्ञापन

विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन हाशमी की अदालत ने आरोपी की बीमारी और पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर सजा में राहत देने की मांग खारिज कर दी। अदालत ने टिप्पणी की कि भ्रष्टाचार समाज में प्लेग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की तरह फैल रहा है। ऐसे मामलों में नरमी बरतना समाज के लिए गलत संदेश होगा।

विज्ञापन

वर्ष 2022 का है मामला
मामला वर्ष 2022 का है। प्रसिद्ध बीड़ी निर्माता कंपनी मेसर्स बीआर एंड कंपनी के साझेदार अनिरुद्ध पिंपलापुरे ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रतिष्ठान के निरीक्षण के बाद अनुकूल रिपोर्ट देने और भारी जुर्माने से बचाने के बदले तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार ने 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

ईओडब्ल्यू ने रंगे हाथों पकड़ा
शिकायत की पुष्टि होने के बाद ईओडब्ल्यू ने योजनाबद्ध कार्रवाई की। शिकायतकर्ता को डिजिटल रिकॉर्डर देकर आरोपी से बातचीत के लिए भेजा गया। रिकॉर्डिंग में 10 लाख रुपये की रिश्वत दो किश्तों (5-5 लाख रुपये) में लेने की बात सामने आई। इसके बाद 5 जून 2022 को ईओडब्ल्यू की टीम ने सनराइज टाउन स्थित शासकीय आवास पर छापा मारकर सतीश कुमार को 5 लाख रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

अदालत में मजबूत साक्ष्य पेश
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक एल.पी. कुर्मी और सहायक संचालक अरुण मिश्रा ने डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए।

  1. आरोपी के हाथों का सोडियम कार्बोनेट घोल परीक्षण कराया गया, जिसमें घोल का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत की रकम छूने की पुष्टि हुई।
  2. जब्त किए गए 500-500 रुपये के नोटों के सीरियल नंबर पंचनामे में दर्ज नंबरों से पूरी तरह मेल खाए।
  3. एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि ऑडियो रिकॉर्डिंग से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी और उसमें सुनाई देने वाली आवाज आरोपी अधिकारी की ही थी।

ये भी पढ़ें- नशे में क्रूर पिता: MP में पहले 12 साल के बेटे को बेरहमी से पीटा, फिर हाथ-पैर बांधकर बाइक से 100 मीटर तक घसीटा



अदालत की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने उसकी मां के कैंसर से पीड़ित होने और स्वयं के अस्वस्थ होने का हवाला देकर सजा में रियायत की मांग की। अदालत ने इसे खारिज करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार प्रशासनिक व्यवस्था को खोखला करने वाली गंभीर सामाजिक बुराई है। एक वरिष्ठ अधिकारी का दायित्व कर्मचारियों और श्रमिकों के हितों की रक्षा करना है, न कि उनका शोषण करना। ऐसे मामलों में नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

इस ट्रैप ऑपरेशन का नेतृत्व तत्कालीन निरीक्षक (वर्तमान डीएसपी) उमा नवल आर्य ने किया था। अधिकारियों के अनुसार, बरामद रिश्वत की राशि के लिहाज से यह सागर संभाग की एक बड़ी ट्रैप कार्रवाइयों में से एक मानी जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed