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Guna: बेटे की हत्या करने वाली सौतेली मां को उम्र कैद की सजा, महिला ने भयावह तरीके से किया था बच्चे का मर्डर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 21 Oct 2024 05:35 PM IST
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सार
कोर्ट ने महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में फैसला षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश सूर्यवंशी ने सुनाया। वहीं, शासन की ओर से पैरवी ADPO केजी राठौर ने की।
कोर्ट फैसला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गुना जिले के फतेहगढ़ इलाके में बेटे की हत्या करने वाली सौतेली मां को कोर्ट ने सजा सुनाई है। महिला ने मोबाइल के चार्जर की केबल से गला घोंटकर बच्चे की हत्या कर दी थी। इसके बाद खुद भी कीटनाशक पी लिया था। चार्जर के केबल पर लगी बच्चे के गले की चमड़ी इस मामले में अहम सबूत बनी। कोर्ट ने महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में फैसला षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश सूर्यवंशी ने सुनाया। वहीं, शासन की ओर से पैरवी ADPO केजी राठौर ने की।
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दरअसल, पूरा मामला साल 2022 का है। अंबाराम चक्क में रहने वाले सुखराम भील की पहली पत्नी 2020 में उसे छोड़कर चली गई थी। उनके दो बच्चे हैं। कुछ दिन बाद सुखराम ने पहली पत्नी की बुआ सविता से शादी कर ली थी। सुखलाल के बच्चे भी उसी के साथ रहते हैं। दो दिन पहले ही सुखराम अपनी बेटी को लेकर रतलाम किसी शादी में शामिल होने के लिए गया था, घर पर उसकी पत्नी और बेटा ही थे। वहीं, उसके माता-पिता खेत पर बने घर में थे।
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28 दिसंबर को फतेहगढ़ पुलिस को अंबाराम चक्क में एक बच्चे की मौत होने की सूचना मिली थी।पुलिस मौके पर पहुंची तो बेटे अभिषेक का शव उसके घर के अंदर खटिया पर पड़ा मिला। कमरे में ही दूसरी खटिया के पास ही अभिषेक की सौतेली मां सविता बाई अचेत अवस्था में पड़ी थी। शव के पास में सफेद रंग के मोबाइल चार्जर की डेटा केबल पड़ी थी। शव के बाएं तरफ एक टूटी हूई माला, जिसमें काले तथा गोल्डन रंग के गुरिया लगे थे। वहीं, अभिषेक के बांए हाथ के पास कान में पहनने वाली झूमकी पड़ी मिली।
जांच के दौरान नरेश भील, पप्पू भील और सुखराम भील के बयान लिए गए। उन्होंने अपने बयानों में बताया कि सविता बाई अभिषेक की सौतेली मां थी। वह अपने मन में अभिषेक और उसकी बहन आरती के प्रति कपट रखती था। उसका व्यवहार भी अभिषेक के प्रति अच्छा नहीं था। घटना के दिन रात में घर पर अभिषेक और उसकी सौतेली मां सविता बाई ही थे। सुबह करीब आठ बजे नरेश भील ने अभिषेक को जगाने के लिए आवाज लगाई, तो उसने दरवाजा नहीं खोला। दरवाजे की कुंडी अंदर से बंद थी। 19 महीने में ही कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने महिला को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही महिला पर जुर्माना भी लगाया।

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