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MP News: ग्वालियर की पहाड़ियों पर हाईकोर्ट सख्त, अवैध कब्जे और खनन पर जताई चिंता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला,ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Thu, 09 Apr 2026 08:17 AM IST
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सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शहर की पहाड़ियों पर बढ़ते अवैध कब्जों और मुरम खनन को लेकर कड़ी टिप्पणी की है।कोर्ट ने राजनीतिक संरक्षण, प्रशासनिक लापरवाही और पुलिस की निष्क्रियता को जिम्मेदार ठहराया।

High Court takes a tough stand on Gwalior hills: Suggests city forest, calls it a question of survival
हाईकोर्ट की सख्ती से मचा हड़कंप! - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने शहर की पहाड़ियों पर बढ़ते अवैध कब्जों और मुरम खनन को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इसे सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
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कोर्ट की सख्त टिप्पणी, भविष्य को लेकर चेतावनी
जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की बेंच ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि अगर अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ग्वालियर की पहाड़ियां पूरी तरह खत्म हो सकती हैं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि इससे शहर को गंभीर पर्यावरणीय नुकसान होगा।
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लैंड माफिया पर प्रशासन की ढिलाई भारी
अदालत ने कहा कि राजनीतिक संरक्षण, प्रशासनिक लापरवाही और पुलिस की निष्क्रियता के कारण लैंड माफिया बेखौफ होकर पहाड़ियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। खासतौर पर गुडा गुडी का नाका और आसपास के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए गए हैं।

सिटी फॉरेस्ट बनाने का सुझाव
कोर्ट ने इन पहाड़ियों को सिटी फॉरेस्ट के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया है। इस योजना के तहत इन स्थानों को मॉर्निंग वॉक, योग और पारिवारिक पिकनिक के लिए तैयार किया जाएगा। इससे न केवल शहर का पर्यावरण बेहतर होगा, बल्कि हर साल बढ़ती भीषण गर्मी से भी राहत मिल सकेगी। अदालत ने इस मॉडल को अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण बनाने पर जोर दिया।

हाई लेवल कमेटी गठित करने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने ग्वालियर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी में नगर निगम, पुलिस, वन विभाग के अधिकारियों के साथ कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति, आयुर्वेद विशेषज्ञ और समाज के प्रबुद्ध नागरिक शामिल होंगे। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पहाड़ियों को माफिया से मुक्त कराकर वहां फेंसिंग की जाए और बड़े स्तर पर औषधीय और फलदार पौधे लगाए जाएं।
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