सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   Three deaths from rabies in Gwalior spark panic 6-year-old boy dies after receiving three doses of anti-rabies

ग्वालियर में रेबीज का कहर: पांच दिन में तीन मौतें, तीन डोज के बाद भी मासूम नहीं बचा; स्वास्थ्य विभाग कटघरे में

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Mon, 09 Feb 2026 04:41 PM IST
विज्ञापन
सार

Gwalior: ग्वालियर में पांच दिनों में रेबीज से एक मासूम सहित तीन लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। छह वर्षीय बच्चे की एंटी-रेबीज वैक्सीन के तीन डोज के बावजूद मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था और दवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पढे़ं। 

Three deaths from rabies in Gwalior spark panic 6-year-old boy dies after receiving three doses of anti-rabies
इसी बच्चे को कुत्ते ने काटा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

ग्वालियर में महज पांच दिनों के भीतर एक मासूम सहित रेबीज से तीन लोगों की मौत ने हड़कंप मचा दिया है। सबसे चौंकाने वाला मामला एक छह वर्षीय बच्चे का है, जिसकी मौत एंटी-रेबीज वैक्सीन के तीन डोज लगने के बावजूद हुई। इस घटना के बाद वैक्सीन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खुद स्वास्थ्य विभाग में भी इस मामले को लेकर अफरा-तफरी है और जांच के आदेश देने की बात कही जा रही है।

Trending Videos


शहर में सड़कों पर स्वच्छंद घूम रहे आवारा कुत्तों से लोग पहले ही भयभीत हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही व नाकामी अब जानलेवा साबित होने लगी है। इसका चौंकाने वाला खुलासा न्यू जयारोग्य चिकित्सालय में सामने आया है, जहां बीते पांच दिनों में रेबीज से तीन मरीजों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन मामलों में सबसे गंभीर और दुर्लभ घटना दतिया जिले से आए छह वर्षीय मासूम हंस प्रजापति की है। डॉग बाइट के बाद उसे समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन की तीन डोज लगाई गईं, इसके बावजूद उसमें रेबीज के लक्षण विकसित हो गए और अंततः उसकी मौत हो गई। यह मामला न सिर्फ चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आवारा कुत्तों को लेकर प्रशासन के दावों की भी पोल खोलता है।

मासूम हंस के पिता अशोक उर्फ कल्लू प्रजापति ने बताया कि जिस दिन उनके बेटे को आवारा कुत्ते ने काटा, उसी दिन डॉक्टर की सलाह पर इलाज शुरू करा दिया गया था। स्थानीय चिकित्सकों की निगरानी में बच्चे को 13 जनवरी को पहला, 16 जनवरी को दूसरा और 21 जनवरी को तीसरा एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया गया। चौथा डोज 10 फरवरी को लगाया जाना था, लेकिन उससे पहले ही बीते शुक्रवार को बच्चे में रेबीज के लक्षण दिखाई देने लगे।

हवा और पानी से लगने लगा डर
बच्चा अचानक चौंकने लगा, उसे हवा और पानी से डर लगने लगा। परिजन उसे तत्काल कमलाराजा अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद शनिवार को उसे दतिया ले जाया गया, जहां शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात उसकी मौत हो गई।

पढ़ें: आधी रात मिठाई की दुकान पर पहुंचे बाबा बागेश्वर, रसगुल्ले-रसमलाई खाकर दुकानदार को कर दिया भावुक

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पीड़ित को डॉक्टरों द्वारा बताई गई तारीखों पर सभी इंजेक्शन लगाए गए, तो फिर रेबीज कैसे हुआ? अगर वैक्सीन सही थी, तो बीमारी कैसे फैल गई? डॉक्टर भी मान रहे हैं कि एंटी-रेबीज वैक्सीन के तीन डोज लगने के बाद रेबीज होना बेहद दुर्लभ माना जाता है।

क्या बोले डॉक्टर?
जयारोग्य चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मनीष चतुर्वेदी ने स्वीकार किया कि बीते पांच दिनों में डॉग बाइट के शिकार तीन लोगों की मौत हुई है, जो बेहद चिंताजनक है। इनमें एक मरीज ग्वालियर और दूसरा टीकमगढ़ का निवासी था, लेकिन सबसे अधिक चिंता दतिया निवासी छह वर्षीय बच्चे की मौत को लेकर है। उन्होंने कहा कि यह “रेयर टू रेयरेस्ट” मामला है और इसकी बहुस्तरीय जांच कराई जाएगी, जिसमें इलाज की प्रक्रिया, देखरेख और वैक्सीन की गुणवत्ता की भी जांच शामिल होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed