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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore: Drainage scam - No work done, bills worth Rs 92 crore paid, now ED tightens its grip

इंदौर का ड्रेनेज घोटाला: काम हुए नहीं और 92 करोड़ के बिलों को हुआ भुगतान, तीन आरोपियों को रिमांड पर लेगी ईडी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Wed, 03 Jun 2026 08:09 AM IST
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सार

इंदौर के ड्रेनेज घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री हो गई है। जांच में करोड़ों रुपये के फर्जी भुगतान और बिना काम किए बिलों के जरिए घोटाला हुआ। मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ईडी उनकी रिमांड लेने की तैयारी में है।

Indore: Drainage scam - No work done, bills worth Rs 92 crore paid, now ED tightens its grip
अभय राठौर फिर गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

इंदौर के चर्चित ड्रेनेज घोटाले की जांच अब ईडी ने शुरू कर दी है। जांच में पाया गया कि इंदौर के अलग-अलग हिस्सों में पाइप और अन्य निर्माण कार्य हुए ही नहीं, लेकिन फर्जी बिल लगाकर नगर निगम से भुगतान होता रहा। वर्ष 2019 से इस घोटाले को अंजाम दिया जा रहा था, लेकिन अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इंदौर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री की कार से फाइलें गायब होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और फिर इस घोटाले की परतें खुलती गईं। अब इस मामले में पुलिस ने घोटाले के मास्टरमाइंड अभय राठौर, मोहम्मद जाकिर और राहुल वडेरा को गिरफ्तार किया है। ईडी ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 40 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच की है।

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अब ईडी लेगी रिमांड

इस मामले में सबसे पहले एमजी रोड थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने दस से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अब ईडी ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनका रिमांड लिया जाएगा।

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ईडी की एंट्री के बाद यह घोटाला फिर चर्चा में है, क्योंकि पुलिस जांच के दौरान कई अफसरों को छोड़ दिया गया था। नए सिरे से हो रही जांच में नए नाम सामने आ सकते हैं। इस घोटाले में लेखा विभाग के क्लर्क, ठेकेदार और संबंधित विभागों के इंजीनियर भी शामिल थे। जिन फाइलों के आधार पर फर्जी भुगतान किया जाता था, वे फाइलें बाद में गायब कर दी जाती थीं, ताकि उनका भौतिक सत्यापन न हो सके। करीब दस साल पहले इसी तरह का यातायात घोटाला भी नगर निगम में सामने आया था। उस मामले में भी अभय राठौर का नाम सामने आया था।

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