Indore News: सिंहस्थ मद ना मिलने से रुका इंदौर का विकास, पहले मिल चुकी है सड़कों की सौगात
पिछले सिंहस्थ मेले के समय इंदौर विकास प्राधिकरण को 30 करोड़ रुपये सिंहस्थ मद में मिले थे। यह राशि एमआर-4 के निर्माण पर खर्च की गई थी, लेकिन वह सड़क अभी भी अधूरी है। इस रोड पर बस स्टैंड भी बनकर तैयार है लेकिन यहां से भी बसों का संचालन नहीं हो पाया है।
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सिंहस्थ मद से इंदौर में कई विकास कार्य हुए हैं लेकिन इस बार ऐसा होता दिख नहीं रहा है। उज्जैन में ढाई साल बाद लगने वाले सिंहस्थ मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अफसरों को तय समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 25 से ज्यादा विभागों को अलग-अलग निर्माणों की जिम्मेदारी दी गई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश के बजट में भी सिंहस्थ के लिए राशि बढ़ाकर रखी जाएगी।
सरकार का फोकस उज्जैन की कनेक्टिविटी और शिप्रा नदी के शुद्धिकरण पर है। अफसरों का अनुमान है कि सिंहस्थ मेले मेें करीब पंद्रह करोड़ लोग आ सकते हैं, उसके हिसाब से ही घाटों का विस्तार हो रहा है। साथ ही मेला क्षेत्र में आने वाले प्रोजेक्ट के डिजाइन तैयार हो रहे हैं। शाही स्नान के दिन डेढ़ करोड़ से अधिक भक्तों के आने का अनुमान भी जताया जा रहा है। इंदौर-उज्जैन छह लेन का काम चल रहा है। वहीं इंदौर-उज्जैन फोरलेन का काम भी अब जल्दी ही शुरू होगा लेकिन इंदौर शहर के लिए अलग से कोई प्रोजेक्ट सिंहस्थ मद में मंजूर नहीं हुआ है।
पिछले सिंहस्थ में बनी थी एमआर-4 सड़क
पिछले सिंहस्थ मेले के समय इंदौर विकास प्राधिकरण को 30 करोड़ रुपये सिंहस्थ मद में मिले थे। यह राशि एमआर-4 के निर्माण पर खर्च की गई थी। इसे लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन से जोड़ा गया था। वर्ष 2004 के सिंहस्थ के समय रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास के अतिक्रमण हटाकर रोड चौड़ी की गई थी,लेकिन इस साल एमआर-12 सड़क इंदौर विकास प्राधिकरण अपने खर्च पर बना रहा है। इसके अलावा कुर्मेडी में बस स्टैंड बनकर तैयार हो चुका है। इसका निर्माण भी प्राधिकरण ने किया है।

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