{"_id":"69b8c4e391215c660d0b0db6","slug":"indore-indore-s-drains-are-being-cleaned-this-summer-with-20-poclains-deployed-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: एक्शन में नगर निगम, मानसून से तीन महीने पहले नाला सफाई अभियान, गाद निकालने उतारीं पोकलेन मशीनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: एक्शन में नगर निगम, मानसून से तीन महीने पहले नाला सफाई अभियान, गाद निकालने उतारीं पोकलेन मशीनें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Abhishek Chendke
Updated Tue, 17 Mar 2026 08:35 AM IST
विज्ञापन
सार
शहर के 30 से ज्यादा छोटे बड़े नालों की सफाई मार्च में शुरू हो गई है। 20 से ज्यादा पोकलेन नालों में उतरी है। सफाई के दौरान निकली गाद नालों के किनारों पर छोड़ी जा रही है, लेकिन बारिश से पहले उन्हें उठा कर ट्रेंचिंग ग्राउंड भेज दिया जाएगा।
नालों की सफाई
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
इंदौर में आमतौर पर वर्षाकाल के एक-डेढ़ महीने पहले शहर के नालों की सफाई की जाती है लेकिन इस बार गर्मी के मौसम में ही नगर निगम ने नालों की सफाई शुरू कर दी है। इसके लिए पोकलेन मशीनों को बड़े नालों में उतारा गया है।
नालों से निकाली जा रही गाद को किनारों पर रखा जा रहा है, ताकि वह सूख सके। सूखने के बाद इसे ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजा जाएगा। गाद निकालने से नालों का प्राकृतिक बहाव भी बेहतर हो गया है और बदबू की समस्या में भी कमी आई है।
ये भी पढ़ें: Barwani News: गैस बचाने की अनोखी सलाह, कलेक्टर जयति सिंह ने कहा- शादियों में रोटी-पराठे कम बनाएं
इंदौर में 30 से अधिक छोटे-बड़े नाले हैं, जिन्हें नगर निगम हर साल बारिश शुरू होने से पहले साफ करता है। यदि नालों की समय पर सफाई नहीं हो पाती है तो बारिश का पानी आसपास की बस्तियों में भरने लगता है। फिलहाल शहर के बड़े नालों की सफाई का काम चल रहा है। इसके बाद छोटे नालों की सफाई की जाएगी। गाद के साथ नालों में जमा कचरा भी बड़ी मात्रा में बाहर निकाला जा रहा है।
नालों के किनारों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण
इंदौर में नालों के किनारे पर अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या बन गया है। आजाद नगर, कबूतरखाना, तोड़ा क्षेत्र, जूनी इंदौर, कुलकर्णी भट्टा और भागीरथपुरा जैसे इलाकों में नालों के आसपास अतिक्रमण अधिक है। इसके कारण सफाई कार्य में भी कई बार परेशानी आती है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार नालों की सफाई वर्षाकाल से करीब तीन महीने पहले ही शुरू कर दी गई है, ताकि निकली हुई गाद सूख सके और उसका सही तरीके से निपटान किया जा सके। नाला सफाई के लिए 20 से अधिक पोकलेन और 25 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।
Trending Videos
नालों से निकाली जा रही गाद को किनारों पर रखा जा रहा है, ताकि वह सूख सके। सूखने के बाद इसे ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजा जाएगा। गाद निकालने से नालों का प्राकृतिक बहाव भी बेहतर हो गया है और बदबू की समस्या में भी कमी आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Barwani News: गैस बचाने की अनोखी सलाह, कलेक्टर जयति सिंह ने कहा- शादियों में रोटी-पराठे कम बनाएं
इंदौर में 30 से अधिक छोटे-बड़े नाले हैं, जिन्हें नगर निगम हर साल बारिश शुरू होने से पहले साफ करता है। यदि नालों की समय पर सफाई नहीं हो पाती है तो बारिश का पानी आसपास की बस्तियों में भरने लगता है। फिलहाल शहर के बड़े नालों की सफाई का काम चल रहा है। इसके बाद छोटे नालों की सफाई की जाएगी। गाद के साथ नालों में जमा कचरा भी बड़ी मात्रा में बाहर निकाला जा रहा है।
नालों के किनारों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण
इंदौर में नालों के किनारे पर अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या बन गया है। आजाद नगर, कबूतरखाना, तोड़ा क्षेत्र, जूनी इंदौर, कुलकर्णी भट्टा और भागीरथपुरा जैसे इलाकों में नालों के आसपास अतिक्रमण अधिक है। इसके कारण सफाई कार्य में भी कई बार परेशानी आती है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार नालों की सफाई वर्षाकाल से करीब तीन महीने पहले ही शुरू कर दी गई है, ताकि निकली हुई गाद सूख सके और उसका सही तरीके से निपटान किया जा सके। नाला सफाई के लिए 20 से अधिक पोकलेन और 25 जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X