Indore News: अगले साल शादी के बाद इंदौर शिफ्ट होने वाला था अद्वैत, सात दिन बाद भी नहीं मिला सुराग
इंदौर के इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय को शिवगंगे पहाड़ी पर लापता हुए सात दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। अद्वैत का मोबाइल, स्वेटर और ड्रोन मिल चुका है, लेकिन वह कहां है, इसका पता नहीं चल सका है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर के इंजीनियर अद्वैत उपाध्याय का सातवें दिन भी पता नहीं चल सका। 100 से ज्यादा लोगों की टीम शिवगंगे पहाड़ी पर अद्वैत की तलाश कर रही है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। उसे खोजने के लिए पहाड़ी पर चढ़ने वाले एक विशेषज्ञ की भी मदद ली जा रही है।
पुलिस अद्वैत के लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री के आधार पर आत्महत्या के एंगल से भी जांच कर रही है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि अद्वैत ने भविष्य की पूरी प्लानिंग कर रखी थी और अगले साल उसकी शादी होने वाली थी। इसके अलावा उसने इंदौर शिफ्ट होने की भी योजना बनाई थी, क्योंकि इंदौर में उसकी मां अकेली रहती हैं।
अद्वैत की तलाश में पुलिस, ग्रामीण और वन विभाग के कर्मचारी भी जुटे हैं। अद्वैत की मंगेतर बेंगलुरु में रहती हैं। अफसरों ने उनसे भी जानकारी जुटाई है। पता चला कि जब अद्वैत ट्रेकिंग करने गया था, तब उसने अपनी मंगेतर से बात की थी और कहा था कि वह दोपहर तक लौट आएगा। उसने सामान्य तौर पर बात की थी। बातचीत से जरा भी ऐसा नहीं लगा कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है। इसके बाद पुलिस हादसे के एंगल से भी जांच कर रही है।
फोन स्विच ऑफ मिला
जब दोपहर में मंगेतर का अद्वैत से संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। तलाशी अभियान के दौरान बचाव दल को अद्वैत का स्वेटर, मोबाइल फोन और ड्रोन मिला। वह एक स्कूटर किराए पर लेकर ट्रेकिंग के लिए गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। जहां उसका फोन और ड्रोन मिला, उसके दो किलोमीटर के दायरे में पुलिस ने तलाश की, लेकिन सात दिन बाद भी कुछ नहीं मिला है। दो दिन पहले ड्रोन के फुटेज में एक आकृति दिखाई दी थी, लेकिन मौके पर कुछ नहीं मिला।
तीन एंगल पर हो रही जांच
- लैपटॉप की चैटजीपीटी हिस्ट्री में अद्वैत ने शिवगंगे पहाड़ी की ऊंचाई, गिरने समेत अन्य चीजों के बारे में घटना से एक दिन पहले सर्च किया था। इसके बाद वह ट्रेकिंग पर गया था। इस कारण पुलिस ने पहले आत्महत्या के एंगल से जांच की, लेकिन पुलिस को इसकी कोई ठोस वजह नहीं मिली। मंगेतर या परिवार के किसी अन्य सदस्य से भी उसका कोई विवाद नहीं था।
- पुलिस को यह भी आशंका है कि अद्वैत किसी हादसे का शिकार हुआ है, क्योंकि वह ड्रोन कैमरा भी लेकर गया था। पुलिस का मानना है कि यदि वह आत्महत्या के इरादे से गया होता तो ड्रोन किराए पर नहीं लेता और मंगेतर को भी ट्रेकिंग के बारे में नहीं बताता।
- यह भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि अद्वैत के साथ किसी तरह की आपराधिक वारदात हुई हो। हालांकि, उसके पास कोई कीमती वस्तु नहीं थी और उसका मोबाइल फोन व ड्रोन भी मिल गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं अद्वैत ने खुद के लापता होने की कोई कहानी तो नहीं गढ़ी है, क्योंकि सात दिन बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। जिस दिन वह ट्रेकिंग पर गया था, उस दिन वहां अन्य पर्यटक भी थे। इस कारण आपराधिक वारदात की आशंका भी कम नजर आ रही है।
दस साल पहले पिता की हो चुकी है मौत
अद्वैत इकलौता बेटा है। दस साल पहले बीमारी के चलते उसके पिता की मौत हो गई थी। मां के लिए अद्वैत ही सहारा था। वह इंदौर के गोयल नगर इलाके में रहते हैं। लापता होने की घटना के बाद मां को अन्य परिजन भोपाल ले गए। परिजन बेंगलुरु पुलिस के संपर्क में भी हैं। उनका कहना है कि वे पुलिस के तलाशी अभियान से संतुष्ट हैं।
