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Indore News: निगम की आग में जलने वालों से मिले महापौर, भाजपा पार्षद को बचाने का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 26 Jun 2026 09:45 AM IST
सार
इंदौर में हुए गैस पाइपलाइन विस्फोट के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और मुफ्त व बेहतर इलाज के निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर, घायलों ने नगर निगम पर भाजपा पार्षद बालमुकुंद सोनी को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है।
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भाजपा पार्षद को बचाने का आरोप।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के विजय नगर इलाके में हुए गैस पाइपलाइन विस्फोट में झुलसे लोगों का हालचाल जानने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती सभी मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस दौरान महापौर ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए कि सभी घायलों का समुचित इलाज किया जाए और उन्हें हर जरूरी सुविधाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाएं। महापौर ने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हुए कहा कि वे ईश्वर से सभी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
हाई कोर्ट का सख्त रुख और एयरलिफ्ट करने का आदेश
इस हादसे को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने सरकार को साफ तौर पर आदेश जारी किया है कि हादसे के पीड़ितों से इलाज के एवज में किसी भी तरह की राशि नहीं वसूली जाएगी, उनका पूरा इलाज मुफ्त होगा। इसके साथ ही, हादसे में गंभीर रूप से झुलसीं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गिरी राजकुमारी उर्फ जिनी झाला की स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने सरकार को एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि जिनी झाला को सरकार जल्द से जल्द एयरलिफ्ट करवाकर बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद भेजे ताकि उन्हें वहां सही और समुचित उपचार मिल सके।
नगर निगम पर लगा भाजपा पार्षद को बचाने का गंभीर आरोप
दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम में नगर निगम की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हादसे का शिकार हुए घायलों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि घटनास्थल से मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर भाजपा पार्षद बालमुकुंद सोनी का निवास स्थान है। प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के मुताबिक, हादसे के समय पार्षद खुद वहां मौजूद थे और अपनी देखरेख में बोरिंग का काम करवा रहे थे। इसके बावजूद, नगर निगम के आला अफसरों और नेताओं ने घटना वाले दिन से ही पार्षद को बचाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, यही वजह है कि अब तक इस पूरे मामले में पार्षद का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं लाया गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस अवैध बोरिंग की अनुमति से जुड़ी कई रिपोर्ट नगर निगम से मांगी है, लेकिन निगम प्रशासन ने अब तक वह रिपोर्ट पुलिस को नहीं सौंपी है, जिससे मिलीभगत की आशंका और गहरी हो गई है।
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हाई कोर्ट का सख्त रुख और एयरलिफ्ट करने का आदेश
इस हादसे को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने सरकार को साफ तौर पर आदेश जारी किया है कि हादसे के पीड़ितों से इलाज के एवज में किसी भी तरह की राशि नहीं वसूली जाएगी, उनका पूरा इलाज मुफ्त होगा। इसके साथ ही, हादसे में गंभीर रूप से झुलसीं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गिरी राजकुमारी उर्फ जिनी झाला की स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने सरकार को एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि जिनी झाला को सरकार जल्द से जल्द एयरलिफ्ट करवाकर बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद भेजे ताकि उन्हें वहां सही और समुचित उपचार मिल सके।
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नगर निगम पर लगा भाजपा पार्षद को बचाने का गंभीर आरोप
दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम में नगर निगम की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हादसे का शिकार हुए घायलों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि घटनास्थल से मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर भाजपा पार्षद बालमुकुंद सोनी का निवास स्थान है। प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के मुताबिक, हादसे के समय पार्षद खुद वहां मौजूद थे और अपनी देखरेख में बोरिंग का काम करवा रहे थे। इसके बावजूद, नगर निगम के आला अफसरों और नेताओं ने घटना वाले दिन से ही पार्षद को बचाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, यही वजह है कि अब तक इस पूरे मामले में पार्षद का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं लाया गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस अवैध बोरिंग की अनुमति से जुड़ी कई रिपोर्ट नगर निगम से मांगी है, लेकिन निगम प्रशासन ने अब तक वह रिपोर्ट पुलिस को नहीं सौंपी है, जिससे मिलीभगत की आशंका और गहरी हो गई है।
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