Indore News: बुजुर्गों ने कहा- आश्रम के कर्मचारी भी करते थे गलती होने पर मारपीट, गालियां भी देते थे
इंदौर के प्रेमाश्रय आश्रम को सील किए जाने के बाद वहां से शिफ्ट किए गए बुजुर्गों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उनका आरोप है कि नाबालिग द्वारा वृद्धा की पिटाई का मामला अकेला नहीं था, बल्कि आश्रम के कर्मचारी गलतियों पर उनके साथ मारपीट कर करते थे।
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इंदौर के जिस आश्रम को सील कर वहां रहने वाले बुजुर्गों को दूसरे आश्रमों में शिफ्ट किया गया है, वहां के बुजुर्गों ने बताया कि नाबालिग की पिटाई का मामला तो अभी सामने आया है, लेकिन प्रेमाश्रय आश्रम के कर्मचारी भी कई बार गलती होने पर मारपीट करते थे। अफसर वरिष्ठजनों से आश्रम से जुड़ी अन्य जानकारी भी जुटा रहे हैं।
शिफ्ट किए गए बुजुर्गों ने बताया कि आश्रम संचालिका का व्यवहार बुजुर्गों के प्रति अच्छा रहता था, लेकिन जब वे आश्रम में नहीं होती थीं, तब कर्मचारियों का रवैया उनके प्रति सख्त हो जाता था। वे गालियां देते थे और हमसे जरा-सी भी गलती हो जाती थी तो मारपीट भी करते थे। अफसरों ने तीन बुजुर्गों को एमवाय अस्पताल में भी भर्ती कराया है। अब उनकी तबीयत ठीक है। जल्द ही उन्हें भी आश्रम में भेजा जाएगा।
आपको बता दें कि आश्रम में रह रहे एक नाबालिग ने एक वृद्धा की डंडे से पिटाई कर दी थी। यह मामला सामने आने के बाद अफसर हरकत में आए और आश्रम को सील कर दिया। हालांकि, इस मामले में अभी तक आश्रम संचालिका के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
नहीं थी आश्रम संचालन की अनुमति
बाणगंगा में सरकारी जमीन पर संचालित हो रहे आश्रम की अनुमति प्रशासन से नहीं ली गई थी और न ही आश्रम का निजी भवन था। वह सरकारी जमीन पर संचालित हो रहा था। नाबालिग द्वारा वृद्धा को पीटे जाने का मामला सामने आने के बाद आश्रम अब सील हो चुका है। उधर, इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है और पूछा है कि इस मामले में अब तक प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है।
