{"_id":"697f2b662567208fe106b170","slug":"indore-news-experts-and-leaders-react-to-union-budget-2026-on-startups-msme-and-economy-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: बजट में जनता के लिए क्या निकला? विशेषज्ञों के इन खुलासों ने सबको चौंकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: बजट में जनता के लिए क्या निकला? विशेषज्ञों के इन खुलासों ने सबको चौंकाया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sun, 01 Feb 2026 04:09 PM IST
विज्ञापन
सार
Indore News: केंद्रीय बजट को लेकर अमर उजाला ने शहर के प्रमुख सीए, आईसीएसआई पदाधिकारियों और राजनीतिक प्रवक्ताओं के विस्तृत दृष्टिकोण को शामिल किया है जो बजट के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करते हैं।
बजट 2026 पर विशेषज्ञों ने रखी राय।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विज्ञापन
विस्तार
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर इंदौर के व्यापारिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों से विविध प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां स्टार्टअप और एमएसएमई विशेषज्ञों ने इसे डिजिटल बुनियादी ढांचे और अनुपालन सरलीकरण के लिए सकारात्मक बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर विफल करार दिया है। अमर उजाला ने शहर के प्रमुख सीए, आईसीएसआई पदाधिकारियों और राजनीतिक प्रवक्ताओं के विस्तृत दृष्टिकोण को शामिल किया गया है जो बजट के विभिन्न पहलुओं जैसे आयात-निर्यात, कर सुधार और औद्योगिक विकास का विश्लेषण करते हैं।
विकसित भारत की संकल्पना और अधोसंरचना विकास का बजट
चार्टर्ड अकाउंटेंट एसएन गोयल ने बजट को प्रगतिशील बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत की उड़ान को पंख देने वाला है। उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स संस्थान, केमिकल पार्क और बालिकाओं के लिए हॉस्टल निर्माण जैसे कदमों की प्रशंसा की। इसके अतिरिक्त, राज्यों के लिए अनुदान और नए आयकर अधिनियम की घोषणा को भी उन्होंने सकारात्मक बताया। हालांकि, उन्होंने सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाने को अनुचित ठहराया, लेकिन कुल मिलाकर इसे विकास के मार्ग को प्रशस्त करने वाला बजट माना।
विपक्ष ने बजट को बताया खोखला और निराशाजनक
आम आदमी पार्टी ने केंद्रीय बजट की तीखी आलोचना करते हुए इसे आर्थिक असमानता बढ़ाने वाला करार दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ पीयूष जोशी ने कहा कि बजट में महंगाई पर लगाम लगाने या आयकर में छूट देने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में हजारों उद्योग बंद हो चुके हैं और यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार गारंटी जैसे बुनियादी मुद्दों पर मौन है। उनके अनुसार, यह वित्तीय योजना देश की अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है।
आयात-निर्यात और वैश्विक व्यापार पर केंद्रित रही नीतियां
इंदौर सीए शाखा के पूर्व अध्यक्ष सीए अतिशय खासगीवाला ने बजट का विश्लेषण करते हुए इसे 'बिना किसी बड़े सरप्राइज वाला' बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि बजट में घरेलू खपत बढ़ाने के लिए किसी विशेष खर्च का प्रावधान नहीं दिखा है। हालांकि, सरकार का मुख्य ध्यान विदेशी व्यापार को सुगम बनाने और आयात-निर्यात से जुड़े ढांचे को सरल करने पर रहा है। बाजार में तत्काल कोई नया जोश पैदा करने वाली बड़ी घोषणाओं का इसमें अभाव नजर आता है।
आईटी और स्टार्टअप क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद
इंदौर के स्टार्टअप जगत ने बजट 2026 का स्वागत करते हुए इसे दीर्घकालिक सोच वाला बताया है। टाई इंदौर के प्रेसिडेंट और इन्वेस्ट इंदौर के सेक्रेटरी सावन लड्ढा के अनुसार, बजट में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर दिया गया जोर सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़ी नीतियों का जमीनी स्तर पर सही क्रियान्वयन होता है, तो इंदौर जैसे टियर-2 शहरों से स्टार्टअप और तकनीकी विकास को एक नई और तेज गति प्राप्त होगी।
एमएसएमई सशक्तिकरण और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर पहल की गई
आईसीएसआई इंदौर के चेयरमैन अंकित मेड़तवाल ने बजट में कॉर्पोरेट अनुपालन को सरल बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। सरकार ने व्यावसायिक संस्थानों को ऐसे पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए प्रेरित किया है जो 'कॉर्पोरेट मित्र' तैयार कर सकें। यह पहल सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को कम लागत पर कानूनी जटिलताओं से निपटने में मदद करेगी। इससे व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी और छोटे उद्योगों को औपचारिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा।
Trending Videos
विज्ञापन
विज्ञापन
विकसित भारत की संकल्पना और अधोसंरचना विकास का बजट
चार्टर्ड अकाउंटेंट एसएन गोयल ने बजट को प्रगतिशील बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत की उड़ान को पंख देने वाला है। उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स संस्थान, केमिकल पार्क और बालिकाओं के लिए हॉस्टल निर्माण जैसे कदमों की प्रशंसा की। इसके अतिरिक्त, राज्यों के लिए अनुदान और नए आयकर अधिनियम की घोषणा को भी उन्होंने सकारात्मक बताया। हालांकि, उन्होंने सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाने को अनुचित ठहराया, लेकिन कुल मिलाकर इसे विकास के मार्ग को प्रशस्त करने वाला बजट माना।
विपक्ष ने बजट को बताया खोखला और निराशाजनक
आम आदमी पार्टी ने केंद्रीय बजट की तीखी आलोचना करते हुए इसे आर्थिक असमानता बढ़ाने वाला करार दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ पीयूष जोशी ने कहा कि बजट में महंगाई पर लगाम लगाने या आयकर में छूट देने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में हजारों उद्योग बंद हो चुके हैं और यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार गारंटी जैसे बुनियादी मुद्दों पर मौन है। उनके अनुसार, यह वित्तीय योजना देश की अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकती है।
आयात-निर्यात और वैश्विक व्यापार पर केंद्रित रही नीतियां
इंदौर सीए शाखा के पूर्व अध्यक्ष सीए अतिशय खासगीवाला ने बजट का विश्लेषण करते हुए इसे 'बिना किसी बड़े सरप्राइज वाला' बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि बजट में घरेलू खपत बढ़ाने के लिए किसी विशेष खर्च का प्रावधान नहीं दिखा है। हालांकि, सरकार का मुख्य ध्यान विदेशी व्यापार को सुगम बनाने और आयात-निर्यात से जुड़े ढांचे को सरल करने पर रहा है। बाजार में तत्काल कोई नया जोश पैदा करने वाली बड़ी घोषणाओं का इसमें अभाव नजर आता है।
आईटी और स्टार्टअप क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद
इंदौर के स्टार्टअप जगत ने बजट 2026 का स्वागत करते हुए इसे दीर्घकालिक सोच वाला बताया है। टाई इंदौर के प्रेसिडेंट और इन्वेस्ट इंदौर के सेक्रेटरी सावन लड्ढा के अनुसार, बजट में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर दिया गया जोर सराहनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से जुड़ी नीतियों का जमीनी स्तर पर सही क्रियान्वयन होता है, तो इंदौर जैसे टियर-2 शहरों से स्टार्टअप और तकनीकी विकास को एक नई और तेज गति प्राप्त होगी।
एमएसएमई सशक्तिकरण और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर पहल की गई
आईसीएसआई इंदौर के चेयरमैन अंकित मेड़तवाल ने बजट में कॉर्पोरेट अनुपालन को सरल बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। सरकार ने व्यावसायिक संस्थानों को ऐसे पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए प्रेरित किया है जो 'कॉर्पोरेट मित्र' तैयार कर सकें। यह पहल सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को कम लागत पर कानूनी जटिलताओं से निपटने में मदद करेगी। इससे व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी और छोटे उद्योगों को औपचारिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा।

कमेंट
कमेंट X