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Indore News: 40 डिग्री पार पहुंचा पारा, अस्पतालों में बढ़े हीट स्ट्रोक के मरीज, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 17 Apr 2026 07:56 AM IST
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सार
Indore News: मध्य प्रदेश और इंदौर में भीषण गर्मी का कहर जारी है, जिसके चलते मौसम विभाग ने 20 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने और खानपान में सावधानी बरतने की विशेष एडवाइजरी जारी की है।
इंदौर में गर्मी से लोग परेशान हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश सहित इंदौर में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दोपहर के समय चिलचिलाती धूप के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। सूर्यास्त के बाद भी राहत नहीं मिल रही है और गर्म हवाओं का सिलसिला देर रात तक जारी रहता है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के 20 जिलों में हीट वेव यानी लू चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है। हालांकि, मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार 19-20 अप्रैल को कुछ चुनिंदा जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। गुरुवार को इंदौर में दिन का पारा 40.1 डिग्री रहा जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक था। रात का पारा भी 21.7 पर चला गया जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक है।
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अस्पतालों में बढ़ी बीमारों की तादाद
लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों का सीधा असर जनस्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। इंदौर के जिला अस्पताल, एमवाय अस्पताल और विभिन्न संजीवनी क्लिनिकों में मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अत्यधिक तपन के कारण लोग उल्टी-दस्त और लू की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों, खिलाड़ियों और धूप में मजदूरी करने वाले लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
वर्तमान में इंदौर का दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि शाम का तापमान 21 डिग्री तक रहता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि लू लगने पर शरीर से पसीना आना बंद हो जाता है और त्वचा सूखी व लाल पड़ जाती है। इसके लक्षणों में चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक थकान, उल्टी और बेहोशी शामिल हैं। विभाग ने निर्देश दिया है कि ऐसे लक्षण दिखने पर व्यक्ति को तुरंत किसी छायादार स्थान पर ले जाएं और प्राथमिक उपचार के साथ नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। यदि निकलना अनिवार्य हो, तो सिर ढककर रखें और छाते या गमछे का प्रयोग करें।
खानपान में बरतें सावधानी
गर्मी के इस मौसम में खानपान को लेकर भी डॉक्टरों ने सतर्क किया है। एमवाय के डॉक्टर मनीष गोयल ने बताया कि लोगों को ज्यादा तेल-मसाले वाले और काफी देर पहले बने हुए भोजन से परहेज करने को कहा गया है। खाली पेट घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए दिनभर पर्याप्त जल सेवा करें। ओआरएस का घोल, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों का रस शरीर को हाइड्रेट रखने में काफी मददगार साबित होते हैं।
लू से बचाव के प्रमुख उपाय
एमवाय के डॉक्टर मनीष गोयल ने बताया कि नियमित अंतराल पर पानी और तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। दोपहर के समय अनावश्यक भ्रमण से बचें और घर से बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े ही पहनें। छोटे बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और उन्हें बंद गाड़ियों में न छोड़ें। इन छोटे लेकिन महत्वपूर्ण नियमों का पालन कर गर्मी के प्रकोप से सुरक्षित रहा जा सकता है।
बंद वाहनों में बढ़ सकता है खतरा
स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी बच्चों और पालतू पशुओं को लेकर भी दी है। किसी भी स्थिति में इन्हें बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें, क्योंकि अत्यधिक गर्मी के कारण वाहन के भीतर ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और दम घुटने से जान जाने का खतरा रहता है। इसके साथ ही धूप में नंगे पैर न चलने और भारी शारीरिक श्रम वाले कार्यों से बचने की सलाह दी गई है। विभाग ने अपील की है कि सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।
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लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों का सीधा असर जनस्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। इंदौर के जिला अस्पताल, एमवाय अस्पताल और विभिन्न संजीवनी क्लिनिकों में मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अत्यधिक तपन के कारण लोग उल्टी-दस्त और लू की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों, खिलाड़ियों और धूप में मजदूरी करने वाले लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
वर्तमान में इंदौर का दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि शाम का तापमान 21 डिग्री तक रहता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि लू लगने पर शरीर से पसीना आना बंद हो जाता है और त्वचा सूखी व लाल पड़ जाती है। इसके लक्षणों में चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक थकान, उल्टी और बेहोशी शामिल हैं। विभाग ने निर्देश दिया है कि ऐसे लक्षण दिखने पर व्यक्ति को तुरंत किसी छायादार स्थान पर ले जाएं और प्राथमिक उपचार के साथ नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। यदि निकलना अनिवार्य हो, तो सिर ढककर रखें और छाते या गमछे का प्रयोग करें।
खानपान में बरतें सावधानी
गर्मी के इस मौसम में खानपान को लेकर भी डॉक्टरों ने सतर्क किया है। एमवाय के डॉक्टर मनीष गोयल ने बताया कि लोगों को ज्यादा तेल-मसाले वाले और काफी देर पहले बने हुए भोजन से परहेज करने को कहा गया है। खाली पेट घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए दिनभर पर्याप्त जल सेवा करें। ओआरएस का घोल, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों का रस शरीर को हाइड्रेट रखने में काफी मददगार साबित होते हैं।
लू से बचाव के प्रमुख उपाय
एमवाय के डॉक्टर मनीष गोयल ने बताया कि नियमित अंतराल पर पानी और तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। दोपहर के समय अनावश्यक भ्रमण से बचें और घर से बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े ही पहनें। छोटे बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और उन्हें बंद गाड़ियों में न छोड़ें। इन छोटे लेकिन महत्वपूर्ण नियमों का पालन कर गर्मी के प्रकोप से सुरक्षित रहा जा सकता है।
बंद वाहनों में बढ़ सकता है खतरा
स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी बच्चों और पालतू पशुओं को लेकर भी दी है। किसी भी स्थिति में इन्हें बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें, क्योंकि अत्यधिक गर्मी के कारण वाहन के भीतर ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और दम घुटने से जान जाने का खतरा रहता है। इसके साथ ही धूप में नंगे पैर न चलने और भारी शारीरिक श्रम वाले कार्यों से बचने की सलाह दी गई है। विभाग ने अपील की है कि सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

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