सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News: Water crisis in Indore due to heat, ban on use of borings and Narmada water at construction work

इंदौर में गहराया जलसंकट: गर्मी में सूख रहे बोरिंग, शहर में रोज 50 एमएलडी पानी की कमी; अब ट्रीटेड वॉटर अनिवार्य

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Fri, 17 Apr 2026 09:16 AM IST
विज्ञापन
सार

इंदौर में बढ़ती गर्मी के साथ जलसंकट गहराने लगा है। हालात को संभालने के लिए नगर निगम ने एक ओर टैंकरों से पानी सप्लाई बढ़ाई है, तो दूसरी ओर निर्माण कार्यों और सर्विस स्टेशनों पर बोरिंग व नर्मदा जल के उपयोग पर अस्थायी रोक लगा दी है।

Indore News: Water crisis in Indore due to heat, ban on use of borings and Narmada water at construction work
इंदौर में जल संकट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

जैसे-जैसे इंदौर में गर्मी तेज हो रही है, शहर में जलसंकट भी गहराता जा रहा है। हालात को देखते हुए नगर निगम ने 100 से अधिक टैंकरों के जरिए पानी सप्लाई की व्यवस्था की है। साथ ही शुक्रवार से निर्माण कार्यों और सर्विस स्टेशनों पर बोरिंग व नर्मदा जल के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब इन कार्यों के लिए केवल ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है।

Trending Videos

नगर निगम ने मध्य प्रदेश नगर पालिक अधिनियम की उपविधियों का हवाला देते हुए यह प्रतिबंध 30 जून तक लागू किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित बोरिंगों का अधिग्रहण किया जाएगा और ऑटोमोबाइल सेंटरों को सील भी किया जा सकता है। निगम ने शहर में 35 स्थानों पर ट्रीटेड वॉटर के हाइड्रेंट स्थापित किए हैं, जहां से निर्माण कार्यों के लिए पानी लिया जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

शहर में निजी और सार्वजनिक मिलाकर एक लाख से अधिक बोरिंग हैं। हर साल गर्मी में कई बोरिंग सूख जाते हैं या उनकी जल क्षमता कम हो जाती है। इसके चलते कई इलाकों में लोगों को निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है।

वाटर रिचार्जिंग अनिवार्य
जलसंकट से निपटने के लिए नगर निगम ने रहवासी, बाजार और औद्योगिक क्षेत्रों में वाटर रिचार्जिंग को अनिवार्य कर दिया है। भवन निर्माताओं को जून तक रिचार्जिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद निगम अभियान चलाकर जांच करेगा और नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।

जल आपूर्ति की स्थिति
इंदौर को जलूद से रोजाना लगभग 500 एमएलडी पानी मिलता है, जिससे शहर की 40 से अधिक टंकियां भरी जाती हैं। इसके अलावा 35 एमएलडी पानी यशवंत सागर से और करीब 30 एमएलडी पानी बोरिंग व अन्य स्थानीय स्रोतों से मिलता है। हालांकि गर्मी में इन स्रोतों से आपूर्ति घट जाती है, जिससे मांग और सप्लाई का संतुलन बिगड़ जाता है।

जलसंकट के प्रमुख कारण

  • शहर की आबादी 40 लाख से अधिक है, जबकि करीब 5 लाख घरों में ही नल कनेक्शन हैं।
  • नर्मदा परियोजना के विभिन्न चरणों से कुल 480 एमएलडी पानी मिलता है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।
  • गर्मी में बोरिंग और स्थानीय स्रोत जवाब दे जाते हैं, जिससे रोजाना लगभग 50 एमएलडी पानी की कमी हो जाती है।
  • टैंकर भरने के कारण कई टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पातीं, जिससे अगले दिन की सप्लाई प्रभावित होती है।

टैंकरों पर निर्भरता
जलसंकट वाले इलाकों में नगर निगम टैंकरों के जरिए पानी बांट रहा है। अधिकांश क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति हो रही है, लेकिन कई स्थानों पर लोग टैंकरों पर निर्भर हैं। मेयर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार, आने वाले 30 वर्षों तक जल संकट से राहत के लिए नर्मदा परियोजना के चौथे चरण पर काम शुरू किया जा चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed