सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Indore News Sirpur Lake environmental crisis Ramsar site

Indore News: विदेशी मेहमानों ने मोड़ा इंदौर से मुंह, जलकुंभी निगल रही सिरपुर तालाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Arjun Richhariya Updated Mon, 30 Mar 2026 05:03 PM IST
विज्ञापन
सार

Indore News: अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त इंदौर के सिरपुर तालाब की स्थिति वर्तमान में अत्यंत दयनीय हो गई है। रामसर साइट का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद यह तालाब जलकुंभी, सीवरेज के पानी और अवैध अतिक्रमण की चपेट में है।

Indore News Sirpur Lake environmental crisis Ramsar site
जलकुंभी से भरा सिरपुर। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार

इंदौर के गौरव सिरपुर तालाब को कुछ समय पहले अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट घोषित किया गया था। भारत के जिन दस प्रमुख वेटलैंड्स को यह विशेष दर्जा मिला, उनमें सिरपुर का नाम शामिल होना शहर के लिए बड़ी उपलब्धि थी। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफलता पर इंदौर वासियों को बधाई दी थी। हालांकि इस उपलब्धि के दो साल बीत जाने के बाद जमीनी हकीकत चिंताजनक हो गई है। तालाब का संरक्षण करने के बजाय वहां गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। वर्तमान स्थिति यह है कि तालाब का आधे से ज्यादा हिस्सा जलकुंभी की मोटी चादर से ढक चुका है और कई स्थानों से शहर का सीवरेज का पानी सीधे इसमें मिल रहा है।
Trending Videos


स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच बड़ी चुनौती
इंदौर एक बार फिर स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी साख बचाने की तैयारी कर रहा है, लेकिन सिरपुर तालाब की हालत इस अभियान की सफलता पर सवाल खड़े कर रही है। पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि इस महत्वपूर्ण जल स्रोत को साफ किए बिना स्वच्छता की कोशिशें अधूरी हैं। जलकुंभी के तेजी से फैलने के कारण तालाब के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। विशेष रूप से छोटा सिरपुर कहा जाने वाला हिस्सा पूरी तरह जलकुंभी के जाल में फंस गया है। इसका सीधा असर यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों पर पड़ रहा है, जिनके लिए अब यहां उतरना और रुकना मुश्किल होता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तालाब का एक-तिहाई से अधिक भाग ढक चुका 
एन्वायरमेंट प्लानिंग एंड कोआर्डिनेशन आर्गेनाइजेशन के अधिकारियों ने नगर निगम को इस संबंध में निर्देश दिए थे, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि तालाब में मिलने वाले दूषित जल को नहीं रोका गया, तो इसका बुरा प्रभाव पूरे शहर के पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ेगा। हैरानी की बात यह है कि सिरपुर में जलकुंभी हटाने वाली मशीन उपलब्ध है, इसके बावजूद निगम प्रशासन सफाई नहीं कर पा रहा है। इस सुस्त रवैये के कारण तालाब का एक-तिहाई से अधिक भाग पूरी तरह ढक चुका है।

रामसर सूची से बाहर होने का डर
द नेचर वालेंटियर्स के अध्यक्ष और पद्मश्री भालू मोंढ़े के अनुसार, अधिकारियों से बार-बार संवाद करने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने चिंता जताई कि पक्षी यहां के प्राकृतिक वास के कारण ही आते हैं, और यदि तालाब का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ा तो वे यहां आना बंद कर देंगे। इससे न केवल प्रकृति का चक्र प्रभावित होगा, बल्कि सिरपुर तालाब का नाम रामसर साइट की प्रतिष्ठित सूची से भी हटाया जा सकता है। वर्तमान में निगम के पास जलकुंभी हटाने की समय सीमा को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।

अतिक्रमण और प्रदूषण से घटती पक्षियों की संख्या
तालाब के कैचमेंट एरिया और ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध कॉलोनाइजरों की नजर है। नगर निगम और जिला प्रशासन ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं, लेकिन अतिक्रमण अब भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशानुसार तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम शुरू तो हुई है, मगर अवैध बसाहट और दूषित पानी के कारण पिछले तीन वर्षों में प्रवासी पक्षियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ठंड के मौसम में आने वाले इन मेहमान पक्षियों को बचाने के लिए किनारों को खाली कराना और पानी को शुद्ध रखना अनिवार्य हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed