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Balaghat News: धान घोटाला में राइस मिलर और अधिकारियों पर प्रकरण दर्ज, ईओडब्ल्यू जबलपुर की कार्रवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Fri, 27 Feb 2026 11:07 PM IST
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सार

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ने बालाघाट में कस्टम मिलिंग के नाम पर 2.79 करोड़ रुपये के धान घोटाले में राइस मिल संचालकों और विपणन संघ व आपूर्ति निगम के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार व धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जांच में अनियमितताएं और मिलीभगत सामने आई हैं। 

Case filed against rice millers and officials in paddy scam
EOW जबलपुर
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विस्तार

धान घोटाले के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने बालाघाट के एक राइस मिल के प्रोपराइटर व संचालक सहित विपणन संघ और मध्य प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम के आधा दर्जन अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। कस्टम मिलिंग के नाम पर भ्रष्टाचार कर शासन को 2 करोड़ 79 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है।

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ईओडब्ल्यू जबलपुर के पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा के अनुसार शिकायत मिली थी कि बालाघाट जिले में विपणन संघ और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने कस्टम मिलिंग के नाम पर धोखाधड़ी की है। जांच में पाया गया कि 2 अप्रैल 2024 को सचदेवा राइस मिल, कोसमी (बालाघाट) से अवैध रूप से दो ट्रक धान महाराष्ट्र ले जाते समय अंतरराज्यीय इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट रजेगांव पर रोके गए थे। ओवरलोडिंग पाए जाने पर 12 हजार रुपये का जुर्माना किया गया। सूचना पर मार्कफेड के उप प्रबंधक अभिषेक निषाद मौके पर पहुंचे। परसवाड़ा कैप से धान लोड कर राइस मिल ले जाने का गेट पास प्रस्तुत किया गया था, लेकिन निर्धारित मार्ग का पालन नहीं करने पर दोनों ट्रकों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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2.79 करोड़ रुपये का नुकसान
राइस मिल के प्रोपराइटर प्रकाश सचदेवा तथा संचालक समीर सचदेवा ने मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ से कस्टम मिलिंग का अनुबंध किया था। अनुबंध में मिल की क्षमता 6 मीट्रिक टन प्रति घंटा दर्शाई गई थी, जबकि बिजली बिल कस्टम मिलिंग में उपयोग होने वाली ऊर्जा की तुलना में आधा पाया गया। मार्कफेड से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार उक्त ट्रकों में परसवाड़ा कैप से धान लोड किया जाना सत्यापित नहीं हुआ। आरोप है कि वर्ष 2023-24 में मिल संचालकों ने नान व मार्कफेड अधिकारियों से मिलीभगत कर शासन को 2.79 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।

ईओडब्ल्यू ने मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के तत्कालीन उप प्रबंधक अभिषेक निषाद, जिला विपणन अधिकारी हिरेन्द्र सिंह रघुवंशी, वर्तमान जिला विपणन अधिकारी विवेक तिवारी, उप प्रबंधक हरीश कोरी, मध्य प्रदेश राज्य आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक पीयूष माली तथा लेखापाल दुर्गेश बैस सहित सचदेवा राइस मिल के प्रोपराइटर प्रकाश सचदेवा और संचालक समीर सचदेवा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

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