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Jabalpur: हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 30 दिन में फिर शुरू होंगे आरटीओ चेक पोस्ट, सरकार को राहत के साथ सख्त निर्देश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Wed, 22 Apr 2026 09:29 PM IST
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सार

यह मामला सतना निवासी रजनीश त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें 2006 की जनहित याचिका का हवाला दिया गया था, जिसका उद्देश्य वाहनों की ओवरलोडिंग और सड़क हादसों को रोकना था।

 

Closed RTO check posts in the state will reopen
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जबलपुर में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरटीओ चेक पोस्ट बंद किए जाने से जुड़े अवमानना मामले का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को 30 दिनों की मोहलत दी है। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि तय समय में चेक पोस्ट दोबारा शुरू किए जाएं, अन्यथा अवमानना याचिका फिर से दायर की जा सकेगी। यह मामला सतना निवासी रजनीश त्रिपाठी द्वारा दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जुबीन प्रसाद ने पक्ष रखा। यह जनहित याचिका वर्ष 2006 में वाहनों की ओवरलोडिंग और सड़क हादसों को रोकने के उद्देश्य से दायर की गई थी।
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सरकार का वादा और विवाद
सरकार ने वर्ष 2023 में हलफनामे के जरिए आश्वासन दिया था कि राज्य में चेक पोस्ट चालू रहेंगे और ओवरलोडिंग रोकने के लिए अन्य उपाय भी किए जाएंगे। लेकिन इसके बाद 30 जून 2024 से आरटीओ चेक पोस्ट बंद कर दिए गए, जिसके बाद अवमानना याचिका दायर की गई।
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हाईकोर्ट का फैसला
जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद सरकार को 30 दिनों के भीतर चेक पोस्ट फिर से शुरू करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकार पहले दी गई अंडरटेकिंग का पालन करे और चेक पोस्टों का संचालन बहाल करे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि परिवहन विभाग के अधिकारी ओवरलोडिंग रोकने के लिए अन्य वैकल्पिक तरीकों को अपनाने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन चेक पोस्ट का संचालन भी जरूरी है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि 30 दिनों के भीतर आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो याचिकाकर्ता को पुनः अवमानना याचिका दायर करने की स्वतंत्रता होगी।
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