{"_id":"6867d8b75f0434b68d0df42d","slug":"government-land-was-transferred-to-the-names-of-private-individuals-using-the-tehsildars-digital-signature-jabalpur-news-c-1-1-noi1229-3131033-2025-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jabalpur News: तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर से सरकारी जमीन को किया निजी व्यक्तियों के नाम, दो रीडर सस्पेंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur News: तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर से सरकारी जमीन को किया निजी व्यक्तियों के नाम, दो रीडर सस्पेंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jul 2025 10:46 PM IST
विज्ञापन
सार
जबलपुर के अधारताल तहसील कार्यालय में दो रीडरों ने तहसीलदार के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर साढ़े चार एकड़ सरकारी जमीन निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दी। कलेक्टर जांच के बाद दोनों को निलंबित किया। जमीन बाद में अन्य को बेच दी गई थी, आदेश बिना अनुमति अपलोड किया गया।
फ्रॉड केस
- फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
विस्तार
तहसीलदार के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर दो रीडर ने सरकारी जमीन को निजी व्यक्तियों के नाम पर अभिलेख में दर्ज कर दिया। जिला कलेक्टर ने जांच के बाद तहसीलदार अधारताल कार्यालय में पदस्थ दोनों रीडर को सस्पेंड कर दिया है। दोनों रीडर ने लगभग साढ़े चार एकड़ जमीन निजी व्यक्तियों के नाम की थी। राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद निजी व्यक्ति ने जमीन को खुर्द-बुर्द कर अन्य व्यक्तियों को बेच दिया है।
Trending Videos
जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि अधारताल के तत्कालीन तहसीलदार दीपक पटेल ने अपने प्रतिवेदन में उनके कार्यकाल के पूर्व निराकृत न्यायालय प्रकरण में तहसीलदार के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर ग्राम रैगवां स्थित शासन की 1.90 जमीन भूमि निजी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज किए जाने की जानकारी दी थी। प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद तहसील कार्यालय में पद सहायक ग्रेड 3 रमाशंकर तथा मिलन वरकडे के प्रथक-प्रथक कथन दर्ज किए गए थे। दोनों कर्मचारी अपने बयान में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने कर सके। दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक लाइन का आदेश किया अपलोड
पूर्व तहसील हरिसिंह धुर्वे के डिजिटल सिग्नेचर के उपयोग की सिर्फ एक लाइन का आदेश आरसीएमएस पोर्टल में दर्ज किया गया था। उक्त आदेश 1 मई को तहसीलदार दीपक पटेल के कार्यभार ग्रहण के उनकी बिना अनुमति से अपलोड किया गया था। पोर्टल में पूरी ऑर्डर शीट संलग्न नहीं की गई थी।

कमेंट
कमेंट X