सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   If all the posts are filled through reservation then what will happen to generality

पदोन्नति में आरक्षण: सभी पद आरक्षण से भरे तो समानता का क्या होगा, सरकारी रिपोर्ट से असंतुष्ट हाईकोर्ट का सवाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Tue, 28 Oct 2025 11:23 PM IST
विज्ञापन
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पदोन्नति में आरक्षण से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सरकार ने सीलबंद लिफाफे में क्वांटिफायबल डेटा पेश किया। कोर्ट ने आंकड़ों पर असंतोष जताते हुए कहा कि सभी पद आरक्षित वर्ग से भरे हैं। सरकार से स्पष्टीकरण या संशोधित डेटा मांगा गया, अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी। 

If all the posts are filled through reservation then what will happen to generality
सभी पद आरक्षण से भरे गये तो सामान्यता का क्या होगा
विज्ञापन

विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मंगलवार को पदोन्नति में आरक्षण के संबंध में दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने सीलबंद लिफाफे में क्वांटिफायबल डाटा पेश किया। हाईकोर्ट ने किसी एक विभाग के आंकड़े देखने के बाद आश्चर्य जताते हुए कहा कि इसमें तो सभी पद आरक्षित वर्ग से भरे हैं, ऐसे में समानता का क्या होगा? चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले में प्रथमदृष्टया सरकार के आंकड़ों और जवाब पर असंतोष व्यक्त किया। युगलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया कि पेश किए गए क्वांटिफायबल डाटा के संबंध में स्पष्टीकरण पेश करें या संशोधन करें। याचिका पर अगली सुनवाई 12 नवंबर को निर्धारित की है।
Trending Videos


ये भी पढ़ें- भाजपा कार्यालय में जमकर हंगामा, अध्यक्ष के फोटो पर कालिख पोती, नई कार्यकारिणी पर फूटा गुस्सा
विज्ञापन
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि ये मामले भोपाल निवासी डॉ. स्वाति तिवारी व अन्य की ओर से दायर किए गए हैं। याचिकाओं में मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 को चुनौती दी गई है। दलील दी गई कि वर्ष 2002 के नियमों को हाईकोर्ट द्वारा आरबी राय के केस में समाप्त किया जा चुका है। इसके विरुद्ध मप्र शासन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला अभी लंबित है, इसके बावजूद मप्र शासन ने महज नाममात्र का शाब्दिक परिवर्तन कर जस के तस नियम बना दिए। वहीं, मामले में अजाक्स संघ सहित आरक्षित वर्ग की ओर से अनेक अधिकारियों व कर्मचारियों ने हस्तक्षेप याचिकाएं दाखिल की हैं। मामले की पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा था कि नई प्रमोशन पॉलिसी 2016 के बाद के प्रमोशन पर लागू होगी, जबकि 2016 से पहले के प्रमोशन में वर्ष 2002 के नियमों प्रभावी रहेंगे। इसके बाद के प्रमोशन में वर्ष 2025 के नियम प्रभावी होंगे। इस पर न्यायालय ने सरकार को नए नियम के अनुसार क्वांटिफायबल डेटा एकत्र करते हुए सील बंद लिफाफे में पेश करने के निर्देश दिए थे। युगलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद सरकार से पेश आंकड़ों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed