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MP High Court: बिना अनुमति एक भी पेड़ नहीं काटा जाए, हाईकोर्ट ने संज्ञान याचिका की सुनवाई कर जारी किए आदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Wed, 29 Oct 2025 08:02 PM IST
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सार

भोपाल के भोजपुर-बैरसिया रोड निर्माण के लिए बिना अनुमति 488 पेड़ काटे जाने पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। अदालत ने कहा कि विशेष समिति या वृक्ष अधिकारी की अनुमति के बिना एक भी पेड़ नहीं काटा जाए। पीडब्ल्यूडी और राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है।

Not even a single tree should be cut without permission
मप्र हाईकोर्ट ने दिया आदेश
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विस्तार

भोपाल के समीप भोजपुर-बैरसिया रोड निर्माण के लिए एसडीएम की अनुमति से 488 पेड़ों को काटे के संबंध में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में की। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष समिति या वृक्ष अधिकारी की अनुमति के बिना एक पेड़ भी नही काटा जाए। युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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मीडिया में आई खबर के अनुसार भोजपुर-बंगरसिया रोड निर्माण के राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा नियुक्त निकाय की अनुमति के बिना लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा 488 पेड़ों की कटाई की गई है। पेड़ों को काटने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित 9 सदस्यीय विशेष समिति या वृक्ष अधिकारी से कोई अनुमति नहीं ली गई है। एसडीएम रायसेन के आदेश पर पीडब्ल्यूडी ने पेड़ों को काटा है।
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हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने ऐसी कार्रवाई नहीं करने तथा हाईकोर्ट द्वारा बार-बार इस संबंध में पारित आदेशों के बावजूद भी 488 पेड़ों को काटा गया है। युगलपीठ ने कहा है कि अगली सुनवाई तक मध्य प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम (शहरी), 2001 के तहत विशेष समिति और वृक्ष अधिकारी की अनुमति के बिना एक भी पेड़ नहीं काटा जाए।

युगलपीठ ने पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया है कि वह हलफनामा में बताए कि प्रोजेक्ट के लिए कितने पेड़ काटे गए हैं और कितने पेड़ काटे जाना हैं। पेड़ों को काटने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण और वृक्ष अधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष समिति से अनुमति प्राप्त की गई है। युगलपीठ ने अधिवक्ता अमल पुष्प श्रोती को न्यायमित्र नियुक्त करते हुए राज्य सरकार तथा पीडब्ल्यूडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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