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MP: 'पंच स्कूल परिसर में पंचायत भवन निर्माण के खिलाफ PIL नहीं लगा सकता', हाईकोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार

Sat, 01 Aug 2026 03:26 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sat, 01 Aug 2026 03:26 PM IST
सार

बालाघाट में स्कूल परिसर में पंचायत भवन निर्माण और शौचालय-टंकी तोड़े जाने के विरोध में निर्वाचित पंच की जनहित याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि पहले ग्राम पंचायत और सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रखें।

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School toilet and water tank demolished for the construction of the Panchayat building.
जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पंचायत भवन निर्माण के लिए स्कूल परिसर में बने शौचालय और पानी की टंकी तोड़े जाने के खिलाफ ग्राम पंचायत के एक निर्वाचित पंच द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने कहा कि ग्राम पंचायत का निर्वाचित प्रतिनिधि जनहित याचिका के माध्यम से अदालत का रुख नहीं कर सकता।

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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ग्राम पंचायत का निर्वाचित सदस्य है। ऐसे में वह अपनी शिकायत ग्राम पंचायत की बैठक या सक्षम अधिकारियों के समक्ष रख सकता था। इसलिए जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

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बालाघाट जिले के खैरलांजी विकासखंड की खरखड़ी ग्राम पंचायत के पंच विलास चौधरी ने याचिका में कहा था कि नए पंचायत भवन के निर्माण के लिए तकनीकी स्वीकृति ऐसे स्थान पर दी गई थी, जो सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय से दूर था। इसके बावजूद पंचायत भवन का निर्माण स्कूल के खेल मैदान में कराया जा रहा है।

याचिका में आरोप लगाया गया कि निर्माण कार्य के लिए स्कूल परिसर में बने शौचालय और पेयजल की टंकी तोड़ दी गई, जिससे छात्रों की पढ़ाई, सुरक्षा और स्वच्छता प्रभावित होगी। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पंच होने के नाते याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठानी चाहिए थी। अदालत ने उन्हें जिला कलेक्टर तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के समक्ष अपनी शिकायत रखने की स्वतंत्रता दी है।

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