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MP Election: निमाड़ की सीटों पर कैसी रही भाजपा की रणनीति, तीन मौजूदा विधायकों के टिकट कटे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 22 Oct 2023 10:54 PM IST
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सार
वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाते हुए जारी की गई भाजपा की पांचवीं सूची में भाजपा आलाकमान ने कई वर्तमान विधायकों का टिकट काटकर उनकी जगह इस बार नए लोगों को मौका दिया है। यही नहीं कुछ जगहों पर तो पार्टी ने बगावत कर पार्टी छोड़ चुके नेताओं को भी एक बार फिर से मौका देकर अपना उम्मीदवार बनाया है।
MP Election 2023
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में सियासी बिगुल बज चुका है और प्रदेश के इस शह और मात के खेल में कांग्रेस ने अपनी पहली बाजी मारते हुए सभी 230 में से 229 सीटों पर प्रत्याशियों का चयन भी कर लिया है। वहीं इस खेल की शुरुआत करने वाली भाजपा ने अपनी ओपनिंग तो सबसे पहले कर ली थी, लेकिन उसकी पांचवीं सूची कांग्रेस के नाम तय होने के बाद शनिवार शाम जारी हुई है।
अपनी इस सूची में भारतीय जनता पार्टी ने 92 उम्मीवारों के नामों पर मुहर लगा दी है। लेकिन वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाते हुए जारी की गई इस सूची में भाजपा आला कमान ने कई वर्तमान विधायकों का टिकट काटकर उनकी जगह इस बार नए लोगों को मौका दिया है। यही नहीं कुछ जगहों पर तो पार्टी ने बगावत कर पार्टी छोड़ चुके नेताओं को भी एक बार फिर से मौका देकर अपना उम्मीदवार बनाया है। इधर निमाड़ के खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और बड़वानी की बात करें तो यहां भाजपा ने अपने पूर्व मंत्री बालकृष्ण पाटीदार, अर्चना चिटनिस सहित अंतर सिंह आर्य पर विश्वास जताया है, तो वहीं अपने तीन मौजूदा विधायकों के टिकट भाजपा आलाकमान ने काट दिए हैं।
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अपनी इस सूची में भारतीय जनता पार्टी ने 92 उम्मीवारों के नामों पर मुहर लगा दी है। लेकिन वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाते हुए जारी की गई इस सूची में भाजपा आला कमान ने कई वर्तमान विधायकों का टिकट काटकर उनकी जगह इस बार नए लोगों को मौका दिया है। यही नहीं कुछ जगहों पर तो पार्टी ने बगावत कर पार्टी छोड़ चुके नेताओं को भी एक बार फिर से मौका देकर अपना उम्मीदवार बनाया है। इधर निमाड़ के खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और बड़वानी की बात करें तो यहां भाजपा ने अपने पूर्व मंत्री बालकृष्ण पाटीदार, अर्चना चिटनिस सहित अंतर सिंह आर्य पर विश्वास जताया है, तो वहीं अपने तीन मौजूदा विधायकों के टिकट भाजपा आलाकमान ने काट दिए हैं।
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खंडवा से कटे दो विधायकों के टिकट
शनिवार शाम जारी हुई भारतीय जनता पार्टी की पांचवीं सूची में खंडवा की तीन विधानसभाओं में से दो में तो चौंकाने वाले नाम देखने को मिले हैं। पार्टी ने यहां से अपने दो मौजूदा विधायकों के ही टिकट काटकर उनकी जगह इस बार नए चेहरों को मौका दिया है। यहां की पंधाना विधानसभा से वर्तमान विधायक और प्रदेश प्रवक्ता राम दांगोरे का टिकट काटकर दलबदल कर कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई छाया मोरे को भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। बता दें कि दांगोरे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बेहद करीबी जाने जाते हैं और टिकट वितरण से पहले उनके द्वारा प्रदेश अध्यक्ष को करीब 35 लाख रुपये की कार भी गिफ्ट करने की चर्चा रही है। लेकिन शायद यह भी उनके काम ना सकी और उन्हें टिकट से हाथ धोना पड़ा, तो वहीं खंडवा विधानसभा सीट से भी चौंकाते हुए पार्टी ने वर्तमान और चार बार से विधायक रहे देवेंद्र वर्मा का टिकट काटकर उनकी जगह पर जिला पंचायत अध्यक्ष कंचन मुकेश तनवे को अपना प्रत्याशी बनाया है। बता दें कि कुछ दिनों से लगातार विधायक वर्मा और प्रत्याशी तनवे के बीच कुछ बातों को लेकर मनमुटाव तक देखा जा रहा था जिसके बाद से यह टिकट वर्चस्व की लड़ाई में बदल गया था। खंडवा की मांधाता विधानसभा सीट से एक बार फिर से स्थानीय विधायक नारायण पटेल को ही भाजपा ने मौका दिया है। बता दें कि नारायण पटेल कमलनाथ सरकार गिरने के समय कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे, जिन्हें भाजपा ने उपचुनाव में पार्टी का उम्मीदवार बनाकर उतारा था। हालांकि कांग्रेस के बाद भाजपा से भी उन्हें उपचुनाव में जीत मिली थी, लेकिन एक बार फिर से भाजपा ने पटेल पर भरोसा जताया है।
शनिवार शाम जारी हुई भारतीय जनता पार्टी की पांचवीं सूची में खंडवा की तीन विधानसभाओं में से दो में तो चौंकाने वाले नाम देखने को मिले हैं। पार्टी ने यहां से अपने दो मौजूदा विधायकों के ही टिकट काटकर उनकी जगह इस बार नए चेहरों को मौका दिया है। यहां की पंधाना विधानसभा से वर्तमान विधायक और प्रदेश प्रवक्ता राम दांगोरे का टिकट काटकर दलबदल कर कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई छाया मोरे को भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। बता दें कि दांगोरे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बेहद करीबी जाने जाते हैं और टिकट वितरण से पहले उनके द्वारा प्रदेश अध्यक्ष को करीब 35 लाख रुपये की कार भी गिफ्ट करने की चर्चा रही है। लेकिन शायद यह भी उनके काम ना सकी और उन्हें टिकट से हाथ धोना पड़ा, तो वहीं खंडवा विधानसभा सीट से भी चौंकाते हुए पार्टी ने वर्तमान और चार बार से विधायक रहे देवेंद्र वर्मा का टिकट काटकर उनकी जगह पर जिला पंचायत अध्यक्ष कंचन मुकेश तनवे को अपना प्रत्याशी बनाया है। बता दें कि कुछ दिनों से लगातार विधायक वर्मा और प्रत्याशी तनवे के बीच कुछ बातों को लेकर मनमुटाव तक देखा जा रहा था जिसके बाद से यह टिकट वर्चस्व की लड़ाई में बदल गया था। खंडवा की मांधाता विधानसभा सीट से एक बार फिर से स्थानीय विधायक नारायण पटेल को ही भाजपा ने मौका दिया है। बता दें कि नारायण पटेल कमलनाथ सरकार गिरने के समय कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे, जिन्हें भाजपा ने उपचुनाव में पार्टी का उम्मीदवार बनाकर उतारा था। हालांकि कांग्रेस के बाद भाजपा से भी उन्हें उपचुनाव में जीत मिली थी, लेकिन एक बार फिर से भाजपा ने पटेल पर भरोसा जताया है।
बुरहानपुर के नेपानगर से कटा वर्तमान विधायक का टिकट
बुरहानपुर जिले की दो विधानसभा बुरहानपुर और नेपानगर के लिए भाजपा ने अपनी पांचवीं सूची में प्रत्याशी तय किए हैं। यहां बुरहानपुर शहरी क्षेत्र की सीट से मध्य प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री और भाजपा की कद्दावर नेत्री अर्चना चिटनिस को एक बार फिर से भाजपा ने मौका दिया है। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा के सामने अर्चना चिटनिस चुनाव हार गई थीं, लेकिन एक बार फिर से इन्हीं दोनों के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है। हालांकि इस बार विधायक शेरा को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है, जोकि भाजपा की मुश्किलें और अधिक बढ़ा सकता है। हालांकि इस सीट से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खंडवा सांसद रहे नंदकुमार सिंह के निधन के बाद उनके पुत्र हर्षवर्धन सिंह को भाजपा से उम्मीदवार माना जा रहा था। इधर नेपानगर विधानसभा सीट से भाजपा ने चौंकाने वाला टिकट देते हुए वर्तमान विधायक सुमित्रा कास्डेकर की जगह पूर्व विधायक राजेंद्र दादू की पुत्री मंजू दादू को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। बता दें की विधायक सुमित्रा कास्डेकर दलबदल करते हुए कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुई थीं।
खरगोन में दलबदल कर आए बिरला को मौका
खरगोन जिले की कुल 6 में से तीन विधानसभाओं के टिकट पांचवीं सूची में तय किए हैं। खरगोन विधानसभा सीट से भाजपा के सीनियर लीडर और पूर्व विधायक सहित मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री रहे बालकृष्ण पाटीदार को इस बार अपना प्रत्याशी बनाया है। तो वहीं जिले की बड़वाह विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक सचिन बिरला को ही भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। बता दें कि बिरला ने हाल ही में दलबदल करते हुए कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ली है। हालांकि कांग्रेस की सरकार गिराने के बाद से ही मौखिक रूप से तो सचिन बिरला भाजपा के हो गए थे लेकिन उपचुनाव के डर से उन्होंने औपचारिक घोषणा नहीं की थी। इधर जिले की भगवानपुरा विधानसभा से भाजपा ने एक बार फिर से चंद्र सिंह वास्कले पर ही भरोसा जताते हुए अपना उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि वास्कले इसके पहले भी भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के केदार डाबर के सामने चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें उस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था।
बड़वानी में पूर्व मंत्री पर ही जताया भरोसा
निमाड़ के चौथे जिले बड़वानी की एक बची हुई सेंधवा विधानसभा सीट से पार्टी ने पूर्व विधायक और भाजपा सरकार में मंत्री रहे अंतर सिंह आर्य को उम्मीदवार बनाकर उन पर अपना भरोसा जताया है। मना जा रहा है कि इस टिकट को भी पार्टी आलाकमान ने काफी सोच विचार करने के बाद पक्का किया है। देखने वाली बात यह है कि भाजपा में जिन उम्मीदवारों पर विश्वास जताया गया है, वे भाजपा के विश्वास पर कितना खरा उतरते हैं।
बुरहानपुर जिले की दो विधानसभा बुरहानपुर और नेपानगर के लिए भाजपा ने अपनी पांचवीं सूची में प्रत्याशी तय किए हैं। यहां बुरहानपुर शहरी क्षेत्र की सीट से मध्य प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री और भाजपा की कद्दावर नेत्री अर्चना चिटनिस को एक बार फिर से भाजपा ने मौका दिया है। बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा के सामने अर्चना चिटनिस चुनाव हार गई थीं, लेकिन एक बार फिर से इन्हीं दोनों के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है। हालांकि इस बार विधायक शेरा को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है, जोकि भाजपा की मुश्किलें और अधिक बढ़ा सकता है। हालांकि इस सीट से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खंडवा सांसद रहे नंदकुमार सिंह के निधन के बाद उनके पुत्र हर्षवर्धन सिंह को भाजपा से उम्मीदवार माना जा रहा था। इधर नेपानगर विधानसभा सीट से भाजपा ने चौंकाने वाला टिकट देते हुए वर्तमान विधायक सुमित्रा कास्डेकर की जगह पूर्व विधायक राजेंद्र दादू की पुत्री मंजू दादू को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। बता दें की विधायक सुमित्रा कास्डेकर दलबदल करते हुए कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुई थीं।
खरगोन में दलबदल कर आए बिरला को मौका
खरगोन जिले की कुल 6 में से तीन विधानसभाओं के टिकट पांचवीं सूची में तय किए हैं। खरगोन विधानसभा सीट से भाजपा के सीनियर लीडर और पूर्व विधायक सहित मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री रहे बालकृष्ण पाटीदार को इस बार अपना प्रत्याशी बनाया है। तो वहीं जिले की बड़वाह विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक सचिन बिरला को ही भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है। बता दें कि बिरला ने हाल ही में दलबदल करते हुए कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ली है। हालांकि कांग्रेस की सरकार गिराने के बाद से ही मौखिक रूप से तो सचिन बिरला भाजपा के हो गए थे लेकिन उपचुनाव के डर से उन्होंने औपचारिक घोषणा नहीं की थी। इधर जिले की भगवानपुरा विधानसभा से भाजपा ने एक बार फिर से चंद्र सिंह वास्कले पर ही भरोसा जताते हुए अपना उम्मीदवार बनाया है। बता दें कि वास्कले इसके पहले भी भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के केदार डाबर के सामने चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें उस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था।
बड़वानी में पूर्व मंत्री पर ही जताया भरोसा
निमाड़ के चौथे जिले बड़वानी की एक बची हुई सेंधवा विधानसभा सीट से पार्टी ने पूर्व विधायक और भाजपा सरकार में मंत्री रहे अंतर सिंह आर्य को उम्मीदवार बनाकर उन पर अपना भरोसा जताया है। मना जा रहा है कि इस टिकट को भी पार्टी आलाकमान ने काफी सोच विचार करने के बाद पक्का किया है। देखने वाली बात यह है कि भाजपा में जिन उम्मीदवारों पर विश्वास जताया गया है, वे भाजपा के विश्वास पर कितना खरा उतरते हैं।

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